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जीते महाराज... 24 साल बाद भाजपा की झोली में ताज
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बरेली। महाराज सिंह ने 24 साल बाद सपा से ताज छीनकर भाजपा की झोली में डाल दिया। बरेली-रामपुर सीट पर एमएलसी चुनाव में उन्होंने 3826 वोटों के बड़े अंतराल से जीत हासिल की। निर्वाचन की घोषणा के बाद महाराज सिंह ने अपनी जीत को भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं की जीत बताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।
बरेली-रामपुर सीट पर विधान परिषद का पहला चुनाव 1998 में हुआ था। इसमें भाजपा के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह जीते थे। 2004 में इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने कब्जा जमा लिया। सपा ने इस चुनाव में रामपुर के घनश्याम लोधी को प्रत्याशी बनाया था। 2010 का एमएलसी चुनाव बसपा शासन में हुआ। इसमें तत्कालीन बसपा नेता केसर सिंह गंगवार जीते थे। हालांकि बाद में भाजपा में शामिल होकर वह 2017 में नवाबगंज के विधायक बन गए।
सपा ने 2016 के चुनाव में एक बार फि र इस सीट पर वापसी की और घनश्याम लोधी फिर एमएलसी निर्वाचित हो गए। इस विधानसभा चुनाव में घनश्याम लोधी सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तो सपा ने आजम खां के करीबी मशकूर अहमद मुन्ना को प्रत्याशी बनाया जिन्हें भाजपा के महाराज सिंह के मुकाबले सिर्फ 401 वोट मिल पाए।
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जीत भाजपा संगठन, प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारियों की है। मेरी पृष्ठभूमि ग्रामीण क्षेत्र की है लिहाजा मेरी प्राथमिकता गांव के लोगों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाना रहेगा। - महाराज सिंह, निर्वाचित एमएलसी भाजपा
पूरे उत्तर प्रदेश में ही ऐसा हुआ है। अकेले बरेली में नहीं हुआ। परिणाम स्वीकार है। जीते प्रत्याशी को बधाई। - मशकूर अहमद मुन्ना, प्रत्याशी, सपा
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बरेली-रामपुर सीट पर विधान परिषद का पहला चुनाव 1998 में हुआ था। इसमें भाजपा के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह जीते थे। 2004 में इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने कब्जा जमा लिया। सपा ने इस चुनाव में रामपुर के घनश्याम लोधी को प्रत्याशी बनाया था। 2010 का एमएलसी चुनाव बसपा शासन में हुआ। इसमें तत्कालीन बसपा नेता केसर सिंह गंगवार जीते थे। हालांकि बाद में भाजपा में शामिल होकर वह 2017 में नवाबगंज के विधायक बन गए।
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सपा ने 2016 के चुनाव में एक बार फि र इस सीट पर वापसी की और घनश्याम लोधी फिर एमएलसी निर्वाचित हो गए। इस विधानसभा चुनाव में घनश्याम लोधी सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तो सपा ने आजम खां के करीबी मशकूर अहमद मुन्ना को प्रत्याशी बनाया जिन्हें भाजपा के महाराज सिंह के मुकाबले सिर्फ 401 वोट मिल पाए।
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जीत भाजपा संगठन, प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारियों की है। मेरी पृष्ठभूमि ग्रामीण क्षेत्र की है लिहाजा मेरी प्राथमिकता गांव के लोगों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाना रहेगा। - महाराज सिंह, निर्वाचित एमएलसी भाजपा
पूरे उत्तर प्रदेश में ही ऐसा हुआ है। अकेले बरेली में नहीं हुआ। परिणाम स्वीकार है। जीते प्रत्याशी को बधाई। - मशकूर अहमद मुन्ना, प्रत्याशी, सपा