बरेली के फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल 3:27 घंटे में हंसते-मुस्कुराते दिवंगत हो गए। नीली जैकेट और गुलाबी कुर्ता पहने विधायक ठीक शुक्रवार को 12:38 बजे बैठक में शामिल होने के लिए सर्किट हाउस पहुंचे थे। सभागार के बाहर लोगों का अभिवादन स्वीकारा और अंदर भी उनका पुराना अंदाज दिखा। उन्होंने बैठक में सहपाठी मीरगंज विधायक डीसी वर्मा से हंसी-ठिठोली कर ली। फिर अचानक कुछ ऐसा घटा, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। वह बेहद कम समय में दिवंगत हो गए। इससे भाजपा खेमे सहित आमजन मानस और छात्र-छात्राओं तक में शोक की लहर दौड़ गई।
2 of 10
दिवंगत विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल
- फोटो : अमर उजाला
सर्किट हाउस में चल रहे सहभोज में विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का इशारा पाकर भाजपा के आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप भी उनके वाहन के पीछे लग लिए थे। वह सीधे चौपुला स्थित एक अस्पताल में गए, जहां डॉक्टर उन्हें ऑक्सीजन दे रहे थे। वहां विधायक बातचीत करने लगे थे और खुद को ठीक बता रहे थे। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके बाद वह विधायक को लेकर मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने देखते ही विधायक के शरीर में कोई हलचल न होने की बात कह दी थी। हालांकि, वहां के डॉक्टरों ने उनके शरीर में हलचल पैदा करने का बहुत प्रयास किया, पर बचा नहीं पाए।
3 of 10
प्रो. श्याम बिहारी लाल के निधन के बाद उनके घर पहुंचे जनप्रितिनिधि
- फोटो : अमर उजाला
आदेश प्रताप सिंह ने बताया कि विधायक के दिवंगत होने पर उन्होंने सबसे पहले कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को ही फोन कॉल कर सूचना दी। फिर कुछ देर में ही विधायक के पार्थिव शरीर को वह पीलीभीत रोड स्थित शक्ति नगर कॉलोनी स्थित घर ले गए। जिसको जहां भी सूचना मिली, वह विधायक के अंतिम दर्शन पाने उनके घर पहुंच रहा था। शाम 4:30 बजे के दौरान मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी, डीएम अविनाश सिंह, सीडीओ देवयानी, एसएसपी अनुराग आर्य भी पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
4 of 10
अस्पताल में मौजूद विधायक के समर्थक व परिजन
- फोटो : अमर उजाला
अस्पताल पहुंचने तक थम गई थी पल्स, फैल गई थीं पुतलियां
मेडिसिटी अस्पताल के क्रिटिकल केयर फिजिशियन डॉ. विमल भारद्वाज के मुताबिक, बैठक के दौरान विधायक की सांस फूलने और चलने में दिक्कत होने की जानकारी मिली। सहारे से वह पास के अस्पताल गए। वहां ईसीजी जांच में हार्ट का लेफ्ट बंडल ब्रांच ब्लॉक मिला। बीपी भी नहीं था। मेडिकेशन के बाद डॉक्टर ने मुझसे संपर्क किया। अपराह्न तीन बजे के बाद उनको अस्पताल लाया गया, तब तक पल्स, बीपी नहीं था। पुतलियां फैल चुकी थीं। हार्ट बार-बार आ-जा रहा था।
5 of 10
अस्पताल में विधायक का पार्थिव शरीर, पास में खड़े डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. विमल ने बातया कि विधायक को तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया। उनके साथ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत सोंधी, फिजिशियन डॉ. मुकुंद, डॉ. विवेक मिश्रा समेत दो जूनियर डॉक्टर इलाज में जुटे रहे। करीब 50 मिनट तक सीपीआर किया, लेकिन धड़कन शुरू नहीं हुई। शाम 4.05 बजे उनको मृत घोषित किया गया। डॉ. विमल ने बताया कि दो-तीन माह पहले दिल्ली के निजी अस्पताल में विधायक की एंजियोप्लास्टी हुई थी। वहां भी संपर्क किया गया था, ताकि बचाव की जो संभावना हो उसपर कार्य कर सकें। बाद में पता चला कि हृदय संबंधी जो दवा सुबह खानी थी, वह नहीं लिए थे। उसका सेवन दोपहर में किया था।