Bareilly : बहेड़ी में मुस्लिम वोटों के बिखराव का भाजपा को मिला फायदा, रश्मि बनीं नगर पालिकाध्यक्ष
बहेड़ी में दो बार रश्मि के पति अजय जायसवाल चुनाव हार चुके हैं। पिछला चुनाव रश्मि ने भाजपा से ही लड़ा, लेकिन जीत नहीं सकी। इस बार मुस्लिम वोटों के बिखराव का फायदा मिला और रश्मि को जीत मिली।
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बरेली के बहेड़ी में मुस्लिम वोटों के बिखराव का लाभ भाजपा को खूब मिला। मुस्लिम बूथों पर भाजपा को छोड़कर सभी प्रत्याशियों को खूब वोट मिले। रश्मि जायसवाल को 11 हजार 179 वोट मिले। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा समर्थित प्रत्याशी उजमा रशीद को 2305 मतों से हराया। उजमा को 8874 मत मिले।
बसपा प्रत्याशी फौजुल नसीम को 6183, कांग्रेस प्रत्याशी मैनाज को 2810, एआईएमआईएम प्रत्याशी रजिया बी को 4328, निर्दलीय गजाला सलीक को 4645 मत मिले। अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में कुल 40548 लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया। हालांकि पहली बार कुछ मुस्लिम बूथों पर भाजपा को भी इक्का-दुक्का वोट मिले हैं। इनमें पालिका के वार्ड बाजार, लाइनपार, शेरनगर, शाहगढ़, शेखपुरा शामिल हैं।
भाजपा में भीतरघात भी न रोक सका जीत
भाजपा के एक गुट ने रश्मि जायसवाल को टिकट न दिए जाने के लिए पूरा जोर लगाया था। इसमें जिले के एक पूर्व विधायक का नाम भी उछला था। लेकिन टिकट को लेकर सांसद संतोष गंगवार रश्मि जायसवाल के साथ खड़े रहे।
टिकट मिलने के बाद संतोष गंगवार ने रश्मि जायसवाल के पक्ष में कई सभाएं कीं। भीतरघात करने वालों को भी चेताया था। वहीं सपा समर्थित प्रत्याशी उजमा रशीद को विधायक अताउर्रहमान ने खुलकर चुनाव लड़ाया था। मतदाताओं से बार-बार सम्मान देने की बात कही।
चौथी बार में मिली जीत
भाजपा प्रत्याशी रश्मि जायसवाल को बहेड़ी से लगातार तीन हार के बाद चौथी बार में जीत हासिल हुई। पहले दो बार रश्मि के पति अजय जायसवाल चुनाव हार चुके हैं। पिछला चुनाव रश्मि ने भाजपा से ही लड़ा और 1600 मतों से हार गई थीं। चौथी बार उन्हें जनादेश मिला।
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नगर पालिका अध्यक्ष का संकल्प
- नगर पालिका को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना।- पालिका के भूखंडों से अवैध कब्जे हटवाना।
- महिलाओं के उत्थान की योजना को लागू कराना।
- हर घर तक पीने का शुद्ध पानी मुहैया कराना।
- बच्चों के खेलकूद के लिए पार्क बनवाना।
- बुजुर्गों के लिए हाईटैक पार्क बनाना।