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Bareilly News: दिनदहाड़े हत्या के दोषी सगे भाइयों, पिता और चाचा को उम्रकैद
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप कुमार ने हत्या में दोषी फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव सैदापुर निवासी सगे भाइयों राजवीर, रामबाबू, उनके पिता शेरपाल और चाचा राधेश्याम को उम्रकैद और 88 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। चारों ने मिलकर दिनदहाड़े खेत पर काम करते समय पत्नी और बेटे के सामने ही गांव के हरीशंकर उर्फ भूरे की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
सैदापुर गांव निवासी ओमप्रकाश ने फरीदपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 फरवरी 2017 को अपराह्न चार बजे अपने खेत पर काम कर रहा था। हरीशंकर की पत्नी शकुंतला और बेटा महेश भी साथ थे। इसी दौरान गांव के शेरपाल, राधेश्याम, राजवीर व रामबाबू तमंचे व बंदूकें लेकर आ गए। हरीशंकर को देखकर शेरपाल ने ललकारा और कहा कि आज यह बचने न पाए। इसे जान से मार दो।
इसके बाद चारों हमलावरों ने हरीशंकर पर फायरिंग कर दी। उसके भाई को कई गोलियां लगी। खून में लथपथ होकर वह जमीन पर गिर गया और उसकी मौके पर मौत हो गई। हमलावरों ने शकुंतला और महेश को भी पीटकर जख्मी कर दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शेरपाल, राधेश्याम, राजवीर व रामबाबू को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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सिर में मारी थीं तीन गोलियां, हरीशंकर के शरीर से निकले थे 72 छर्रे
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने हत्या में प्रयुक्त असलहों की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी पेश की। हरीशंकर की हत्या में चार आग्नेय अस्त्र इस्तेमाल किए गए थे। उसके सिर में तीन गोलियां मारी गईं थीं जो भेजे में फंस गई थीं। इसके अलावा 12 बोर के तमंचे से भी फायरिंग की गई थी। पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर से 72 छर्रे निकले थे।
हत्या की रंजिश में की गई थी एलानिया वारदात
हरीशंकर की हत्या से पहले 16 मार्च 2016 को गांव में राजेंद्र की हत्या कर दी गई थी। रामवीर, लालजीत, रामजी और राम स्वरूप को नामजद कराया गया था। राजेंद्र शेरपाल और राधेश्याम का भाई था। राजेंद्र के हत्यारोपियों में हरीशंकर के भाई भी शामिल हैं। इसी रंजिश में हरीशंकर की एलानिया हत्या कर दी गई।
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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
बरेली। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी सादिक खान उर्फ बंदर को 20 साल की कैद और 30,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 मई 2024 को वह घर से बाहर गई थी। मौका पाकर अपराह्न 3:30 बजे के आसपास सादिक उसके घर में घुस आया। उसकी 12 साल की बेटी सो रही थी। सादिक ने सोते समय बेटी को दबोच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसको पीटकर घायल भी कर दिया। किसी को बताने पर उसे व पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी।
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। सुनवाई के बाद अदालत ने सादिक को घर में घुसने, धमकी देने, नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। संवाद
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घर में घुसकर कातिलाना हमला, सगे भाइयों को 10-10 साल की कैद
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने घर में घुसकर कातिलाना हमला करने के दोषी सगे भाइयों जसप्रीत ग्रेवाल उर्फ छोटू और तरनप्रीत ग्रेवाल को 10-10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों के पिता और मामले के आरोपी निर्मल ग्रेवाल की सुनवाई के दौरान मौत होने के कारण पत्रावली पृथक कर दी गई थी।
कोतवाली थाना क्षेत्र के 126 ए सिविल लाइंस निवासी नितिन जायसवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने निर्मल ग्रेवाल से जून 2011 में मकान खरीदा था। बैनामे के बाद कब्जा भी ले लिया। मकान में उसका भतीजा अमर सिंह व नौकर ललित मोहन रहते थे। 20 अक्तूबर 2012 को शाम छह बजे निर्मल ग्रेवाल अपने दोनों पुत्रों तरनप्रीत और जसप्रीत के साथ आए और ललित मोहन व अमर सिंह को पीट दिया। मकान खाली नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी।
नितिन ने बताया कि अगले दिन सुबह छह-सात बजे निर्मल अपने दोनों बेटों के साथ असलहा लेकर घर में घुस आया। तीनों ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे उसके भाई सचिन जायसवाल समेत गौरव चौहान, वीर बहादुर व भगवान दास घायल हो गए। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। अदालत ने तरनप्रीत और जसप्रीत घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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शहर में बवाल के एक मामले में इंस्पेक्टर बारादरी के कोर्ट में बयान दर्ज
बरेली। शहर में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में मौलाना तौकीर रजा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत ने बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट ने तत्कालीन इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय पांडेय के लिखित बयान दर्ज किए।
बारादरी थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 1146/25 में मौलाना तौकीर रजा के कई करीबियों समेत 28 नामजद और 250 अज्ञात आरोपी शामिल हैं। नामजदों में ज्यादातर अभी भी जेल में हैं। शहर में बवाल और हिंसा के बाद यह मामला तत्कालीन इंस्पेक्टर की ओर से बारादरी थाने में दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया था कि शहर में निषेधाज्ञा के बावजूद मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर उग्र भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम, पथराव, फायरिंग की थी।
आरोपियों में चक महमूद निवासी नदीम, अनीस सकलैनी, मदीना शाह का इमामबाड़ा के साजिद सकलैनी, चक महमूद निवासी वसीम तहसीनी, अजीम, तहमीन, मोईन सिद्दीकी, फैजुल नबी, काजी टोला निवासी कलीम खां, मोबीन, नयाब उर्फ निम्मा, बबलू खां, दाऊद खां, अमन, सूफी टोला निवासी अजमल रफी, कासिम मियां मजार निवासी फैजान, समनान, कटरा चांद खां के सम्मू खान समेत अरशद उल्ला, मुस्तफा नूरी, नौशाद खान, मुनीम मियां, आकिब, मुन्ना, सलाउद्दीन, यूनुस और आशू को पहचान लिया गया। अन्य आरोपियों की पहचान जारी है।
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गैंगस्टर एक्ट में तीन दोषियों को दो-दो साल की कैद
बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट अशोक कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट के दोषी भमोरा थाना क्षेत्र के गांव झिझरी निवासी सुखवीर सिंह, धर्मपाल और सत्यपाल को दो-दो साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी मनीष की सुनवाई के दौरान मौत के कारण उसकी पत्रावली को पृथक कर दिया गया।
भमोरा थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक मंजीत सिंह ने 20 मार्च 2008 को मनीष, सुखवीर सिंह, धर्मपाल और सत्यपाल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान पांच गवाह पेश किए। कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद
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सैदापुर गांव निवासी ओमप्रकाश ने फरीदपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 फरवरी 2017 को अपराह्न चार बजे अपने खेत पर काम कर रहा था। हरीशंकर की पत्नी शकुंतला और बेटा महेश भी साथ थे। इसी दौरान गांव के शेरपाल, राधेश्याम, राजवीर व रामबाबू तमंचे व बंदूकें लेकर आ गए। हरीशंकर को देखकर शेरपाल ने ललकारा और कहा कि आज यह बचने न पाए। इसे जान से मार दो।
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इसके बाद चारों हमलावरों ने हरीशंकर पर फायरिंग कर दी। उसके भाई को कई गोलियां लगी। खून में लथपथ होकर वह जमीन पर गिर गया और उसकी मौके पर मौत हो गई। हमलावरों ने शकुंतला और महेश को भी पीटकर जख्मी कर दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शेरपाल, राधेश्याम, राजवीर व रामबाबू को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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सिर में मारी थीं तीन गोलियां, हरीशंकर के शरीर से निकले थे 72 छर्रे
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने हत्या में प्रयुक्त असलहों की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी पेश की। हरीशंकर की हत्या में चार आग्नेय अस्त्र इस्तेमाल किए गए थे। उसके सिर में तीन गोलियां मारी गईं थीं जो भेजे में फंस गई थीं। इसके अलावा 12 बोर के तमंचे से भी फायरिंग की गई थी। पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर से 72 छर्रे निकले थे।
हत्या की रंजिश में की गई थी एलानिया वारदात
हरीशंकर की हत्या से पहले 16 मार्च 2016 को गांव में राजेंद्र की हत्या कर दी गई थी। रामवीर, लालजीत, रामजी और राम स्वरूप को नामजद कराया गया था। राजेंद्र शेरपाल और राधेश्याम का भाई था। राजेंद्र के हत्यारोपियों में हरीशंकर के भाई भी शामिल हैं। इसी रंजिश में हरीशंकर की एलानिया हत्या कर दी गई।
किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
बरेली। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी सादिक खान उर्फ बंदर को 20 साल की कैद और 30,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 मई 2024 को वह घर से बाहर गई थी। मौका पाकर अपराह्न 3:30 बजे के आसपास सादिक उसके घर में घुस आया। उसकी 12 साल की बेटी सो रही थी। सादिक ने सोते समय बेटी को दबोच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसको पीटकर घायल भी कर दिया। किसी को बताने पर उसे व पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी।
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। सुनवाई के बाद अदालत ने सादिक को घर में घुसने, धमकी देने, नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। संवाद
घर में घुसकर कातिलाना हमला, सगे भाइयों को 10-10 साल की कैद
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने घर में घुसकर कातिलाना हमला करने के दोषी सगे भाइयों जसप्रीत ग्रेवाल उर्फ छोटू और तरनप्रीत ग्रेवाल को 10-10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों के पिता और मामले के आरोपी निर्मल ग्रेवाल की सुनवाई के दौरान मौत होने के कारण पत्रावली पृथक कर दी गई थी।
कोतवाली थाना क्षेत्र के 126 ए सिविल लाइंस निवासी नितिन जायसवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने निर्मल ग्रेवाल से जून 2011 में मकान खरीदा था। बैनामे के बाद कब्जा भी ले लिया। मकान में उसका भतीजा अमर सिंह व नौकर ललित मोहन रहते थे। 20 अक्तूबर 2012 को शाम छह बजे निर्मल ग्रेवाल अपने दोनों पुत्रों तरनप्रीत और जसप्रीत के साथ आए और ललित मोहन व अमर सिंह को पीट दिया। मकान खाली नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी।
नितिन ने बताया कि अगले दिन सुबह छह-सात बजे निर्मल अपने दोनों बेटों के साथ असलहा लेकर घर में घुस आया। तीनों ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे उसके भाई सचिन जायसवाल समेत गौरव चौहान, वीर बहादुर व भगवान दास घायल हो गए। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। अदालत ने तरनप्रीत और जसप्रीत घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
शहर में बवाल के एक मामले में इंस्पेक्टर बारादरी के कोर्ट में बयान दर्ज
बरेली। शहर में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में मौलाना तौकीर रजा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत ने बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट ने तत्कालीन इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय पांडेय के लिखित बयान दर्ज किए।
बारादरी थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 1146/25 में मौलाना तौकीर रजा के कई करीबियों समेत 28 नामजद और 250 अज्ञात आरोपी शामिल हैं। नामजदों में ज्यादातर अभी भी जेल में हैं। शहर में बवाल और हिंसा के बाद यह मामला तत्कालीन इंस्पेक्टर की ओर से बारादरी थाने में दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया था कि शहर में निषेधाज्ञा के बावजूद मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर उग्र भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम, पथराव, फायरिंग की थी।
आरोपियों में चक महमूद निवासी नदीम, अनीस सकलैनी, मदीना शाह का इमामबाड़ा के साजिद सकलैनी, चक महमूद निवासी वसीम तहसीनी, अजीम, तहमीन, मोईन सिद्दीकी, फैजुल नबी, काजी टोला निवासी कलीम खां, मोबीन, नयाब उर्फ निम्मा, बबलू खां, दाऊद खां, अमन, सूफी टोला निवासी अजमल रफी, कासिम मियां मजार निवासी फैजान, समनान, कटरा चांद खां के सम्मू खान समेत अरशद उल्ला, मुस्तफा नूरी, नौशाद खान, मुनीम मियां, आकिब, मुन्ना, सलाउद्दीन, यूनुस और आशू को पहचान लिया गया। अन्य आरोपियों की पहचान जारी है।
गैंगस्टर एक्ट में तीन दोषियों को दो-दो साल की कैद
बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट अशोक कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट के दोषी भमोरा थाना क्षेत्र के गांव झिझरी निवासी सुखवीर सिंह, धर्मपाल और सत्यपाल को दो-दो साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी मनीष की सुनवाई के दौरान मौत के कारण उसकी पत्रावली को पृथक कर दिया गया।
भमोरा थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक मंजीत सिंह ने 20 मार्च 2008 को मनीष, सुखवीर सिंह, धर्मपाल और सत्यपाल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान पांच गवाह पेश किए। कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद