Bareilly: बायो गैस प्लांट में मौत का मामला... प्रबंधन ने रातभर छिपाई घटना; घायल आरिफ ने बताई आंखों देखी
बायो गैस प्लांट में मंगलवार रात गैस रिसाव से एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। दो इंजीनियर समेत चार लोग बेहोश हो गए। एक कर्मचारी ने अपनी जान बचाने के लिए छत से छलांग लगा दी थी, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए।
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बरेली के बिथरी थाना क्षेत्र के भोजपुर रामनाथ गांव में बायो गैस प्लांट में हुए हादसे को प्रबंधन ने 10 घंटे तक दबाए रखा। घटना मंगलवार रात 11 बजे की बताई जा रही है। अस्पताल के मेमो से पुलिस को घटना की जानकारी बुधवार सुबह हुई। प्लांट में सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी लापरवाही दिखी।
भोजपुर रामनाथ गांव में निर्माणाधीन बायो गैस प्लांट में गैस रिसाव से एक कर्मचारी रिशु की मौत हो गई थी। दो इंजीनियर समेत चार लोग बेहोश हो गए। इनमें से आरिफ ने साथियों को बचने के लिए टैंक से छलांग लगा दी थी। उसका पैर टूट गया। सूचना मिलने के बाद अफसरों ने प्लांट का मुआयना किया। डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
शुरू होने से पहले बायो गैस प्लांट में तैयारियां तो काफी चल रही हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को लेकर स्थिति बेहतर नहीं है। प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के पास न तो कोई सुरक्षा उपकरण थे, न ही उन्हें गैस से बचाव के लिए मास्क दिया गया था।
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घटना के समय प्लांट में कितने मजदूर काम कर रहे थे, इसकी भी किसी को सही जानकारी नहीं थी। इससे संबंधित कोई हाजिरी रजिस्टर भी पुलिस व अधिकारियों को नहीं मिला। प्लांट लगाने वाली कंपनी के इंजीनियर भी हादसे की जांच व मरम्मत में जुटे हैं। हादसे के कारण को लेकर अभी जांच चल रही है। सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि रिशु के परिजनों को बुलाया है।
मामले की जांच के लिए डीएम रविंद्र कुमार ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। टीम में प्रशिक्षु डिप्टी कलक्टर रिपुदमन सिंह, उपश्रमायुक्त डीपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा शामिल हैं। इस बीच एसपी सिटी राहुल भाटी, एसडीएम सदर रत्निका श्रीवास्तव समेत कई अधिकारियों ने मौका मुआयना किया।
मृतक के परिजनों को पांच लाख की मदद
उज्ज्वला कंपनी की ओर से रिशु के परिवार की पांच लाख रुपये और बेहोश हुए इंजीनियर व मजदूरों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की गई है।
गोबर से बनाई जा रही गैस
प्लांट के प्रबंधक बीपी सिंह ने बताया कि यहां गोबर जमा कर उसकी गैस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। प्लांट चालू होने के बाद इस गैस को रसोई गैस के रूप में और अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किया जा सकेगा।
चाचा की जगह काम करने आया था रिशु
साथी मजदूरों ने बताया कि रिशु के चाचा रविंद्र इसी प्लांट में काम करते थे। कुछ दिन पहले काम के दौरान उनका हाथ कट गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी जगह काम करने के लिए रिशु को बुलाया था। अब रिशु की मौत से उसका परिवार सदमे में है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन उसका शव ले गए।
आसिफ बोला- हम तो बचाने में फंस गए
आसिफ ने बताया कि वह तो नीचे लोडर चला रहा था। ऊपर प्रिंस व रिशु चीखे तो उसे लगा कि उन्हें करंट लगा है। वह उनको बचाने सीढ़ी से ऊपर पहुंचा तो उसका दम सा घुटने लगा। तब वह घबराकर ऊपर से कूद पड़ा। इसमें उसके पैर की हड्डी टूट गई। एसडीएम फरीदपुर निधि डोडवाल ने बताया कि बायो गैस प्लांट का निरीक्षण किया गया। हादसे की वजह जानने के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है।