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भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेड को नहीं मिली हरी झंडी

Fri, 21 Oct 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Fri, 21 Oct 2016 01:01 AM IST
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Bhojipura-Pilibhit Bradged not cleared
अमान पर‌िवर्तन - फोटो : बरेली, अमर उजाला
मुख्य संरक्षा आयुक्त (रेलवे) प्रभात कुमार वाजपेई और उनके साथ आए अफसरों की टीम ने बृहस्पतिवार को पीलीभीत-भोजीपुरा ब्राडगेज ट्रैक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीआरएस को नवनिर्मित ब्राडगेज ट्रैक में कई खामियां मिलीं और तमाम कार्य अधूरे पाए गए। कार्य अधूरे होने के कारण भोजीपुरा-पीलीभीत के बीच न तो सीआरएस स्पेशल दौड़ाई जा सकी, न ही ट्रेनें दौड़ाने को हरी झंडी मिल पाई। पूर्वोत्तर रेल मंडल इज्जतनगर के अफसरों का अक्टूबर में ट्रेनें दौड़ाने का सपना अधूरा रह गया। निरीक्षण करने के बाद सीआरएस टीम अपनी टीम के साथ लखनऊ को रवाना हो गए।
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सीआरएस स्पेशल ट्रेन में सुबह 8.15 बजे भोजीपुरा स्टेशन पहुंचे। वहां पूजन के बाद सीआरएस और उनकी टीम के अधिकारी चार मोटर ट्रालियों में बैठकर पीलीभीत को रवाना हुए। नए ब्राडगेज ट्रैक पर बने सभी पुल-पुलियों का सीआरएस ने निरीक्षण किया। दोपहर करीब दो बजे सीआरएस टीम के साथ पीलीभीत के देवहा नदी पुल पहुंचे। वहां संरक्षा आयुक्त ने देवहा नदी पुल के नीचे जाकर पिलर देखे। देवहा पुल पर पैदल चलकर गार्डर और उनके ज्वाइंट्स चेक किए। उनके साथ चल रही टीम से देवहा पुल पर पड़ी रेल पटरियों की नापजोख की। करीब 15 मिनट तक पुल का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस मोटर ट्राली पर सवार होकर निर्माणाधीन पीलीभीत के नौगवा ओवरब्रिज देखने पहुंचे। वहां कई कार्य अधूरे पाए गए। वहां संरक्षा आयुक्त के कार्य संबंधी सवाल पूछने पर मौजूद रेलवे अधिकारी बंगले झांकते नजर आए। उन्होंने रामलीला रेलवे क्रासिंग व रेलवे स्टेशन के बीच में मोटर ट्राली रुकवाकर लिंकिंग कार्य की स्थिति देखी। संरक्षा आयुक्त करीब तीन बजे पीलीभीत रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां उन्होंने कुछ देर रेल अफसरों से बात की और फिर गेस्टहाउस चले गए। गेस्ट हाउस में उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ ब्राडगेज कार्यों संबंधी बातचीत की। वहां से सड़क मार्ग द्वारा सीआरएस बरेली जंक्शन पहुंची। यहां से श्रमजीवी एक्सप्रेस में लखनऊ को रवाना हो गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण संजीव राय, चीफ इंजीनियर निर्माण रामजनम, मंडल रेल प्रबंधक निखिल पांडेय, चीफ इंजीनियर टीएमसी पीके खुराना, डिप्टी चीफ इंजीनियर निर्माण राजीव अग्रवाल आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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नहीं हो सका स्पीड ट्रायल
सीआरएस निरीक्षण के प्रथम चरण में भोजीपुरा से पीलीभीत तक मोटर ट्राली से निरीक्षण किया गया। दूसरे चरण में पीलीभीत से भोजीपुरा तक स्पीड ट्रायल होना था। खाली सीआरएस स्पेशल पीलीभीत पहुंच चुकी थी। पूजा पाठ के लिए पुरोहित को भी बुलाया गया था। मगर ब्राडगेज ट्रैक के कार्य अधूरे होने से सीआरएस ने स्पीड ट्रायल नहीं किया और रेल अफसरों की तैयारियां धरी रह गईं।
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भोजीपुरा-पीलीभीत ट्रेनों के संचालन पर फिलहाल ब्रेक
पीलीभीत। भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन पर ब्रेक लग गया। ट्रैक पर अधूरे कार्य पूरे करने में अभी काफी वक्त लगेगा।
पीलीभीत स्टेशन पर प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार वाजपेई ने कहा कि ब्राडगेज ट्रेनों के संचालन में अभी काफी समय लगेगा। सिंगनल, लीकिंग समेत कई कार्य काफी अधूरे हैं। रेलवे अधिकारी चाहेंगे तो इस रूट पर जल्द ट्रेनों को संचालन किया जा सकता है। एसएनटी से जुड़े अधिकारी दो-तीन दिन में कार्य पूरे कर लेने का दावा कर रहे हैं, लेकिन कार्यों की स्थिति देखकर ऐसा नहीं लगता कि कार्य जल्द पूरे हो पाएंगे। ट्रैक पर कार्य अधूरे रहते हुए निरीक्षण कराने के सवाल पर सीआरएस ने कहा कि ब्राडगेज ट्रैक पर कार्य अधिक होता जाता है तो सीआरएस निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान पुलों की स्थिति ठीक पाई गई है। मामूली खामियां पाई गई हैं। फुट ओवरब्रिज समेत रेलवे स्टेशन पर कार्य धीमी गति से किए जाने के सवाल पर सीआरएस ने कहा कि इससे ट्रेन संचालन पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। वैकल्पिक व्यवस्था कर इसे भी जल्द बनाया जाएगा।


बात करने से बचते रहे अफसर
भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक पर कार्य अधूरे पाए जाने से इज्ज्तनगर रेल मंडल के अधिकारी बात करने से बचते रहे। मंडल रेल प्रबंधक निखिल पांडेय का नंबर मिलाया तो उन्होंने फोन काट दिया। डिप्टी मुख्य सिगनल एवं दूर संचार इजीनियर मानवेंद्र सिंह ने कह दिया कि ट्रैक पर मिली सारी कमियां पीआरओ को बता दी गई हैं। उन्हीं से बात करो। पीआरओ राजेंद्र सिंह का कहना है कि सीआरएस निरीक्षण में ट्रैक ठीक मिला, लेकिन सिगनल टेली कम्युनिकेशन के कार्य अधूरे पाए गए, जिससे स्पीड ट्रायल नहीं हो सका। सीआरएस अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को देंगे। 
 


 

 

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