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Bareilly News: चकबंदी में उलझी बीडीए की इंडस्ट्रियल टाउनशिप योजना
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बरेली। बीडीए की ओर से ट्रांसपोर्ट नगर में बसाई जाने वाली इंडस्ट्रियल एवं लाॅजिस्टिक टाउनशिप चकबंदी में अटकी है। चकबंदी प्रक्रिया पूरी न होने से जमीनों का अधिग्रहण शुरू नहीं हो सका है। इस प्रकिया में कुछ महीने लग सकते हैं। इसलिए वहां पर भूखंड पाने के लिए आवेदन करने वाले उद्यमियों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल विकास प्राधिकरणों से इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने के निर्देश दिए थे। बरेली विकास प्राधिकरण ने सबसे आगे पहल करते हुए परसाखेड़ा के निकट रहपुरा जागीर की 113 हेक्टेयर जमीन पर उद्योग, ट्रांसपोर्ट, गोदाम और अन्य सेवाएं देने के लिए चार टाउनशिप प्रस्तावित की। इसके लिए डिमांड सर्वे कराया गया। उस समय उद्यमियों ने उत्साह दिखाया और 1143 लोगों ने आवेदन किया।
डिमांड सर्वे के बाद उम्मीद थी कि छह महीने में जमीन का अधिग्रहण शुरू हो जाएगा। बीडीए ने स्थलीय सर्वेक्षण शुरू किया तो चकबंदी की बाधा आ गई। चकबंदी के तहत वहां पर चक काट दिए गए हैं, लेकिन करीब 100 चक के मामले सीओ और एसओसी की कोर्ट में विचाराधीन हैं। विवादित मामलों पर जल्द से जल्द फैसला करने के लिए बीडीए ने चकबंदी विभाग के अफसरों से बात की।चकबंदी के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में करीब डेड़ महीना लग सकता है। बीडीए के उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने चकबंदी आयुक्त से भी इस मामले में बात की है। बीडीए के सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी पूरी होते ही जमीन अधिग्रहण शुरू कर देंगे। टाउनशिप बसाने में करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 452 करोड़ से भूमि अधिग्रहण और 550 करोड़ रुपये में स्थलीय विकास होगा। टाउनशिप बनने से इंडस्ट्री का विकास होगा और शहर को इसका फायदा मिलेगा। ब्यूरो
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल विकास प्राधिकरणों से इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने के निर्देश दिए थे। बरेली विकास प्राधिकरण ने सबसे आगे पहल करते हुए परसाखेड़ा के निकट रहपुरा जागीर की 113 हेक्टेयर जमीन पर उद्योग, ट्रांसपोर्ट, गोदाम और अन्य सेवाएं देने के लिए चार टाउनशिप प्रस्तावित की। इसके लिए डिमांड सर्वे कराया गया। उस समय उद्यमियों ने उत्साह दिखाया और 1143 लोगों ने आवेदन किया।
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डिमांड सर्वे के बाद उम्मीद थी कि छह महीने में जमीन का अधिग्रहण शुरू हो जाएगा। बीडीए ने स्थलीय सर्वेक्षण शुरू किया तो चकबंदी की बाधा आ गई। चकबंदी के तहत वहां पर चक काट दिए गए हैं, लेकिन करीब 100 चक के मामले सीओ और एसओसी की कोर्ट में विचाराधीन हैं। विवादित मामलों पर जल्द से जल्द फैसला करने के लिए बीडीए ने चकबंदी विभाग के अफसरों से बात की।चकबंदी के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में करीब डेड़ महीना लग सकता है। बीडीए के उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने चकबंदी आयुक्त से भी इस मामले में बात की है। बीडीए के सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी पूरी होते ही जमीन अधिग्रहण शुरू कर देंगे। टाउनशिप बसाने में करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 452 करोड़ से भूमि अधिग्रहण और 550 करोड़ रुपये में स्थलीय विकास होगा। टाउनशिप बनने से इंडस्ट्री का विकास होगा और शहर को इसका फायदा मिलेगा। ब्यूरो
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