{"_id":"5e72836a8ebc3e6ff06bbd28","slug":"bareilly-will-become-education-hub-with-the-opening-of-three-new-private-universities-bareilly-news-bly400025099","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन नए निजी विश्वविद्यालय खुलने से बरेली बनेगा एजूकेशन हब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन नए निजी विश्वविद्यालय खुलने से बरेली बनेगा एजूकेशन हब
विज्ञापन
कॉलेज संचालकों को प्रमाण पत्र प्रदान करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसआरएमएस, सिद्घि विनायक, फ्यूचर इंस्टीट्यूट को मिला प्रमाणपत्र
विज्ञापन
बरेली। तीन संस्थानों को निजी विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र मिलने के बाद बरेली एजूकेशन हब बनने की ओर अग्रसर है। बरेली में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या अब चार हो गई है। इन्वर्टिस पहले से ही निजी विश्वविद्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। मंगलवार को सिद्घि विनायक, फ्यूचर इंस्टीट्यूट और एसआरएमएस को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल इन विश्वविद्यालयों के बनने से करोड़ों का निवेश आने की बात कही, बल्कि इससे गुणवत्ता युक्त शिक्षा के प्रसार की भी बात कही। बरेली में जिन तीन संस्थानों को निजी विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र दिया गया, उनमेें इंजीनियरिंग से लेकर मैनेजमेंट तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में न केवल बरेली में कोटा की तरह बड़े पैमाने पर प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियों के लिए कोचिंग संस्थान आदि खुलेंगे, बल्कि निवेश भी आएगा। जिससे गुणवत्तायुक्त शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और बरेली एजूकेशन हब के रूप में भी विकसित होगा।
विज्ञापन
इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल इन विश्वविद्यालयों के बनने से करोड़ों का निवेश आने की बात कही, बल्कि इससे गुणवत्ता युक्त शिक्षा के प्रसार की भी बात कही। बरेली में जिन तीन संस्थानों को निजी विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र दिया गया, उनमेें इंजीनियरिंग से लेकर मैनेजमेंट तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में न केवल बरेली में कोटा की तरह बड़े पैमाने पर प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियों के लिए कोचिंग संस्थान आदि खुलेंगे, बल्कि निवेश भी आएगा। जिससे गुणवत्तायुक्त शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और बरेली एजूकेशन हब के रूप में भी विकसित होगा।
विज्ञापन
जिम्मेदारी मिलने से और मजबूत हुआ संकल्प: देवमूर्ति
मुख्यमंत्री द्वारा विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र मिलने के बाद एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने कहा कि इससे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। कहा कि अब ट्रस्ट विश्व स्तर पर अपने संस्थानों को स्थापित करने का प्रयास करेगा। कोशिश होगी कि उन युवाओं को संस्थान से जोड़ा जाए जो अच्छी शिक्षा के लिए विदेशों में जाते हैं, रिसर्च आदि करते हैं। यह सभी सुविधाएं संस्थान अपने यहां उपलब्ध कराएगा। उनका कहना है कि पिता राममूर्ति का नाम और उनके आदर्शों को चिरस्थाई रखने के लिए 1990 में एसआरएमएस ट्रस्ट बनाया। ट्रस्ट के जरिए समाजसेवा की। 1995 से इंजीनियरिंग कॉलेज चलाने की अनुमति मिली। इसके बाद फार्मेसी, एमबी कॉलेज, मेडिकल कॉलेज पैरामेडिकल नर्सिंग और लॉ कॉलेज आदि का संचालन शुरू किया गया। लखनऊ में मैनेजमेंट और उन्नाव में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किया गया। इस वक्त करीब साढ़े चार हजार से अधिक स्टूडेंट्स केवल ट्रस्ट के बरेली स्थित कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। एसआरएमएस ट्रस्ट प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 19 तरह की स्कॉलरशिप के रूप में 20 हजार से सवा दो लाख तक की राशि दे रहा है।
विज्ञापन