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बरेली: उत्पाती हाथी ने दौड़ाया तो मची भगदड़, तीन बच्चे जख्मी

Fri, 05 Jul 2019 07:31 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 05 Jul 2019 07:31 AM IST
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Bareilly: Rampant elephant rushed to a stampede, three children injured
- फोटो : amar ujala

एक सप्ताह पहले नेपाल के जंगल से रास्ता भटकर आए दो हाथी बुधवार रात बहेड़ी के गांव तिगड़ी से चलकर 20 किमी दूर शाही थाना क्षेत्र के गांव परचई पहुंच गए। हाथियों को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटी तो यूकेलिप्टस के बाग से निकले हाथी ने दौड़ाया तो भगदड़ मच गई, जिसमें तीन बच्चे गिर कर घायल हो गए। गनीमत यह रही कि हाथी जिस ओर दौड़े थे, उस खेत की मेड़ पर तार की बाड़ लगी थी। बाड़ सूंड़ में चुभने से हाथी रुक गए। 

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यूकेलिप्टस के बाग में गुरुवार तड़के हाथी देखे गए। ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी। मुख्य वन संरक्षक झांसी पीपी सिंह ने बताया कि जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो हाथी देखने के लिए काफी भीड़ जुट चुकी थी। मंडल के चारों जिलों के अलावा लखीमपुर, रामपुर से भी वनकर्मियों की टीम को बुला लिया गया है। दोपहर बाद वनकर्मियों की टीम ने सुरक्षा घेरा बना लिया था। इससे पहले सुबह गांव के लोगों को हाथियों ने दौड़ा लिया। भगदड़ में गांव के सलमान, फ़रमान और अरमान गिरकर घायल हो गए। कटीले तार से एक हाथी की सूंड़ और पैर में हल्का घाव हो गया है। 
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मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। मुख्य वन संरक्षक गोंडा सुजाय बनर्जी ने बताया कि हाथी अपने परिवार से भटक गए हैं। वह दिन में आराम करते हैं और रात में चलते हैं। प्रयास है कि दोनों हाथियों को हांका लगाकर उत्तराखंड के जंगलों में ले जाया जा सके। हाथी शीशगढ से चलकर सहोड़ा, बसई, रास मोहन पुर होते हुए परचई पहुंचे।
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दहशत के चलते स्कूल नहीं गए बच्चे
मीरगंज। क्षेत्र के परचई गांव पहुंचे हाथियों की दहशत के चलते ग्रामीणों ने गुरुवार अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। इसके चलते क्षेत्र के अधिकांश शिक्षण संस्थानों में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह जब दोनों हाथियों के पहुंचने की सूचना मिली तो अभिभावक डर गए। ये हाथी चार लोगों को मार चुके हैं, लिहाजा उन्हें यह डर सताने लगा कि स्कूल जाते समय हाथी उनके बच्चों पर हमला न कर दें, इसी भय से अधिकांश ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।


गुरुद्वारा, मस्जिद से भी कराई अलर्ट की अपील
बरेली। मीरगंज में डेरा जमाए मुख्य वन संरक्षक झांसी पीपी सिंह ने बताया कि हाथी ग्रामीणों के नजदीक पहुंचने पर ही हमलावर हो रहे हैं। अभी तक इन हाथियों ने फसल को छोड़ अन्य किसी तरह की कोई संपत्ति को नुकसान भी नहीं पहुंचाया है। मौजूदा समय में ये हाथी जहां मौजूद हैं वहां आसपास में गांव की आबादी है। लिहाजा वन विभाग का पूरा प्रयास इस बात पर है कि हाथी के निकट कोई ग्रामीण न पहुंच सके। इसके लिए क्षेत्र की सभी मस्जिद व गुरुद्वारों में मौजूद धर्मगुरुओं के माध्यम से ग्रामीणों से हाथी के निकट न जाने की अपील लाउडस्पीकर से कराई गई है।

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