फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   bareilly college

डॉ. पूर्णिमा को जो कहना था कह दिया अब डॉ. अनुराग-देवमूर्ति देंगे जवाब

Thu, 10 Oct 2019 02:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2019 02:23 AM IST
विज्ञापन
bareilly college
बरेली। बरेली कॉलेज में प्राचार्य पद पर खुद से जूनियर डॉ. अनुराग की तैनाती से नाराज डॉ. पूर्णिमा अनिल ने बुधवार को क्षेत्रीय उच्चशिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) डॉ. राजेश प्रकाश को भी अपना प्रत्यावेदन सौंप दिया। उन्होंने प्रत्यावेदन में कहा है कि वरिष्ठता क्रम के अनुसार प्राचार्य पद पर उनका हक है जो उन्हें दिलाया जाए। आरएचईओ अब इस पर प्राचार्य बने डॉ. अनुराग मोहन और सचिव देवमूर्ति से जवाब मांगेंगे।
विज्ञापन

बरेली कॉलेज में वरिष्ठता क्रम को दरकिनार कर प्रबंधन ने डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. अनुराग को यह जिम्मेदारी निवर्तमान प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा के रिटायरमेंट से दस दिन पहले अचानक ही सौंप दी गई, जिसको लेकर घमासान मचा हुआ है। अपनी वरिष्ठता की अनदेखी किए जाने को लेकर डॉ. पूर्णिमा अनिल खुलकर इसके विरोध में आ गई हैं। विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल, कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष एवं डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के बाद बुधवार को उन्होंने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश से मुलाकात कर अपना प्रत्यावेदन सौंपा। उन्होेंने कहा है कि वह डॉ. अनुराग मोहन से वरिष्ठ हैं, फिर भी उनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य बनाया गया है। वरिष्ठता के अनुसार प्राचार्य पद पर उनका हक है और यह उन्हें दिलाया जाए।
विज्ञापन

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि मामले की शिकायत डीएम से भी की जा चुकी है। लिहाजा वह प्राचार्य और सचिव को नोटिस जारी करके जवाब तलब करेंगे कि डॉ. पूर्णिमा अनिल की वरिष्ठता की अनदेखी क्यों की गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. अनुराग के खिलाफ फिर हुई शिकायत
छात्रनेता मोहित कुमार सिंह ने मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष से डॉ. अनुराग मोहन और बरेली पुलिस को लेकर दोबारा शिकायत की है। मोहित ने आरोप लगाया था कि एससीएसटी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आयोग ने बरेली पुलिस को उनकी मदद के निर्देश दिए थे लेकिन यहां उल्टा हुआ है। डॉ. अनुराग मोहन के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे में पुलिस ने एफआर लगा दी है और अब उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed