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पढ़ना है तो अंदर आओ.. नेतागिरी करनी है तो बाहर जाओ
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बरेली। बरेली कॉलेज में बुधवार से कक्षाएं शुरू कर दी गईं। एडमिशन प्रक्रिया के दौरान विवाद होने के चलते काफी सख्ती बरती गई। विद्यार्थियों को आई कार्ड चेक कराने के बाद ही कॉलेज में प्रवेश मिला। वहीं, बिना आई कार्ड के छात्र नेताओं को भी कॉलेज में अंदर नहीं जाने दिया गया।
इस बार एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रनेता मोहित कुमार सिंह और मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन भटनागर के बीच विवाद हो गया था। दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसके चलते ही बुधवार से जब बरेली कॉलेज में कक्षाएं शुरू हुईं तो सख्ती बरती गई। चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा टीम के साथ सुबह से ही कॉलेज के बैरियर पर मौजूद रहीं और आई कार्ड दिखाने के बाद ही छात्र-छात्राओं को अंदर जाने दिया गया। इस दौरान कुछ छात्रनेता भी पहुंचे लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। एलएलबी के एक छात्रनेता ने पुस्तकालय कार्ड बनवाने का बहाना बताकर अंदर जाने की अनुमति मांगी तो उन्होंने बैरियर पर ही कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करा दी।
बैरियर पर ही बनाए गए आई कार्ड
तमाम छात्र-छात्राएं ऐसे भी पहुंचे जिनके अब तक आई कार्ड नहीं बने थे। फीस रसीद देखकर उनके बैरियर पर ही आई कार्ड बनवाए गए। साथ ही प्रतिदिन आई कार्ड लेकर ही कॉलेज आने की हिदायत दी गई।
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इस बार एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रनेता मोहित कुमार सिंह और मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन भटनागर के बीच विवाद हो गया था। दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसके चलते ही बुधवार से जब बरेली कॉलेज में कक्षाएं शुरू हुईं तो सख्ती बरती गई। चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा टीम के साथ सुबह से ही कॉलेज के बैरियर पर मौजूद रहीं और आई कार्ड दिखाने के बाद ही छात्र-छात्राओं को अंदर जाने दिया गया। इस दौरान कुछ छात्रनेता भी पहुंचे लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। एलएलबी के एक छात्रनेता ने पुस्तकालय कार्ड बनवाने का बहाना बताकर अंदर जाने की अनुमति मांगी तो उन्होंने बैरियर पर ही कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करा दी।
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बैरियर पर ही बनाए गए आई कार्ड
तमाम छात्र-छात्राएं ऐसे भी पहुंचे जिनके अब तक आई कार्ड नहीं बने थे। फीस रसीद देखकर उनके बैरियर पर ही आई कार्ड बनवाए गए। साथ ही प्रतिदिन आई कार्ड लेकर ही कॉलेज आने की हिदायत दी गई।
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