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बदायूं सिंचाई परियोजना मुरादाबाद ट्रांसफर
बरेली
Updated Sun, 24 Sep 2017 01:56 AM IST
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बाढ़ खंड को बदायूं सिंचाई परियोजना में गैरजरूरी चीजें जोड़कर चार गुनी लागत बढ़ाना महंगा पड़ गया। यह प्रोजेक्ट ही अब बरेली बाढ़ खंड से मुरादाबाद आईएनसी ट्रांसफर कर दिया गया है जहां इस प्रोजेक्ट का दोबारा सर्वे होगा और फिर संशोधित प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। इसमें लागत कम करने के प्रयास किए जाएंगे। बाढ़ खंड ने 2208 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था।
अमर उजाला ने 21 सितंबर को ‘गायब हो गईं 40 पुरानी नहर, अब 2208 करोड़ पर नजर’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस परियोजना की खामियों पर ध्यान आकर्षित किया था। इसमें बताया गया था कि बदायूं सिंचाई परियोजना में रामगंगा पर बांध बनने, 15.06 किलोमीटर लंबी नहर, दो ब्रांच नहरों के निर्माण के अलावा 35 से 40 ब्रांच नहरों के निर्माण में कहां तक प्रगति हुई। परियोजना की खामियों को भी उजागर किया गया था। सिंचाई विभाग ने इसका संज्ञान लेते हुए अपने ही बाढ़ खंड डिवीजन से 2208 करोड़ की परियोजना वापस लेकर उसको सिंचाई विभाग की ही दूसरे डिवीजन ‘नियोजन एवं प्लानिंग’ आईएनसी में ट्रांसफर कर दिया। बाढ़ खंड की ओर से पांच साल पहले इस परियोजना की लागत 630 करोड़ प्रस्तावित थी। परियोजना में देर होने के बाद इसकी लागत चार गुनी 2208 करोड़ बढ़ाकर बजट मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। पहले इस प्रोजेक्ट पर बदायूं परियोजना डिवीजन बरेली, बदायूं परियोजना डिवीजन बदायूं समेत बदायूं और बरेली के बाढ़ खंड डिवीजन मिलकर काम कर रहे थे। अब बदायूं सिंचाई परियोजना और मुरादाबाद आईएनसी मिलकर बदायूं सिंचाई परियोजना के प्रोजेक्ट की दोबारा समीक्षा करेंगे। इसमें चार गुना बढ़ी लागत की समीक्षा की जाएगी। प्रोजेक्ट में गैर जरूरी काम कम किए जा सकते हैं।
कोट--
बदायूं सिंचाई परियोजना अब हमारे पास नहीं है। शासन से यह परियोजना आईएनसी मुरादाबाद ट्रांसफर कर दी गई है। आईएनसी इस परियोजना की बढ़ी लागत की समीक्षा कर दोबारा संशोधित प्रस्ताव बनाकर भेजेगा। -मुकेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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कोट--
बदायूं सिंचाई परियोजना में मैं आंवला क्षेत्र में बनाई जाने वाली ब्रांच और माइनर नहरों का सर्वे कर रहा हूं। परियोजना में तेजी लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - राज सिंह, एसडीओ, आईएनसी मुरादाबाद
किसानों कामुआवजा मंजूर
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह का कहना है कि बदायूं सिंचाई परियोजना के बीच में आने वाली किसानों की जिस जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, उसमें किसानों को पूरा मुआवजा मंजूर कर दिया गया है। इसके आदेश भी जारी हो चुके हैं। बाकी परियोजना की लागत की समीक्षा चल रही है। डिवीजन से रिपोर्ट मिलने के बाद बजट की स्वीकृति होगी।
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अमर उजाला ने 21 सितंबर को ‘गायब हो गईं 40 पुरानी नहर, अब 2208 करोड़ पर नजर’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस परियोजना की खामियों पर ध्यान आकर्षित किया था। इसमें बताया गया था कि बदायूं सिंचाई परियोजना में रामगंगा पर बांध बनने, 15.06 किलोमीटर लंबी नहर, दो ब्रांच नहरों के निर्माण के अलावा 35 से 40 ब्रांच नहरों के निर्माण में कहां तक प्रगति हुई। परियोजना की खामियों को भी उजागर किया गया था। सिंचाई विभाग ने इसका संज्ञान लेते हुए अपने ही बाढ़ खंड डिवीजन से 2208 करोड़ की परियोजना वापस लेकर उसको सिंचाई विभाग की ही दूसरे डिवीजन ‘नियोजन एवं प्लानिंग’ आईएनसी में ट्रांसफर कर दिया। बाढ़ खंड की ओर से पांच साल पहले इस परियोजना की लागत 630 करोड़ प्रस्तावित थी। परियोजना में देर होने के बाद इसकी लागत चार गुनी 2208 करोड़ बढ़ाकर बजट मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। पहले इस प्रोजेक्ट पर बदायूं परियोजना डिवीजन बरेली, बदायूं परियोजना डिवीजन बदायूं समेत बदायूं और बरेली के बाढ़ खंड डिवीजन मिलकर काम कर रहे थे। अब बदायूं सिंचाई परियोजना और मुरादाबाद आईएनसी मिलकर बदायूं सिंचाई परियोजना के प्रोजेक्ट की दोबारा समीक्षा करेंगे। इसमें चार गुना बढ़ी लागत की समीक्षा की जाएगी। प्रोजेक्ट में गैर जरूरी काम कम किए जा सकते हैं।
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बदायूं सिंचाई परियोजना अब हमारे पास नहीं है। शासन से यह परियोजना आईएनसी मुरादाबाद ट्रांसफर कर दी गई है। आईएनसी इस परियोजना की बढ़ी लागत की समीक्षा कर दोबारा संशोधित प्रस्ताव बनाकर भेजेगा। -मुकेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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बदायूं सिंचाई परियोजना में मैं आंवला क्षेत्र में बनाई जाने वाली ब्रांच और माइनर नहरों का सर्वे कर रहा हूं। परियोजना में तेजी लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - राज सिंह, एसडीओ, आईएनसी मुरादाबाद
किसानों कामुआवजा मंजूर
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह का कहना है कि बदायूं सिंचाई परियोजना के बीच में आने वाली किसानों की जिस जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, उसमें किसानों को पूरा मुआवजा मंजूर कर दिया गया है। इसके आदेश भी जारी हो चुके हैं। बाकी परियोजना की लागत की समीक्षा चल रही है। डिवीजन से रिपोर्ट मिलने के बाद बजट की स्वीकृति होगी।