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Bareilly News: पिछड़ा वर्ग को आबादी के हिसाब से मिले आरक्षण, पुरानी जनगणना की रिपोर्ट पर उठे सवाल

Sat, 26 Sep 2026 02:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:55 AM IST
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Backward classes should receive reservation in proportion to their population; questions raised over old census report.
बरेली। पिछड़े वर्ग की सामाजिक-आर्थिक स्थिति व स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व का हाल जानने के लिए शुक्रवार को उप्र राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की समिति ने विकास भवन सभागार में समीक्षा की। ग्राम पंचायत स्तर पर पिछड़े वर्ग की आबादी, सामाजिक व आर्थिक स्थिति और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े सवाल पूछे। वर्ष 2011 की जनगणना रिपोर्ट में विरोधाभास मिला। जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि स्थानीय निकायों में आबादी के मुताबिक पिछड़े वर्ग को आरक्षण मिले।
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आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्य बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा और एसपी जैन ने ब्लॉकवार बुलाए गए निवर्तमान जनप्रतिनिधियों से जानकारी ली। समिति ने ग्राम पंचायतों में पिछड़े वर्ग की आबादी, सामाजिक स्थिति, अन्य वर्गों के साथ बराबरी का व्यवहार, पक्के मकान, शौचालय, पेयजल और मोटरसाइकिल, चूल्हा, फ्रिज, कूलर जैसी सुविधाओं की जानकारी ली।
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इसके अलावा पिछड़े वर्ग के लोगों की आय का स्रोत, भूमिहीन-आवासहीन परिवारों की संख्या और गांवों में सामाजिक मामलों के पंचायत के जरिये निपटारे की स्थिति भी जानी गई। समिति ने यह भी जानकारी जुटाई कि पिछड़े वर्ग की किन जातियों का स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व है और क्या उनकी हिस्सेदारी आबादी के अनुपात में कम है। प्रशासन की ओर से पेश की गई रिपोर्ट पर निवर्तमान जनप्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए कहा कि इसमें दर्शाए गए आंकड़े गलत हैं।
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इस पर समिति ने बताया कि शासन की ओर से जल्द ही जनगणना कराने की योजना है। हालांकि जो भी सुझाव मिले हैं, इसकी रिपोर्ट बनाकर सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी। इसी के आधार पर पिछड़ा वर्ग का आरक्षण बढ़ाने सहित व अन्य निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में जिला पंचायत की प्रशासक रश्मि पटेल, सीडीओ देवयानी, डीपीआरओ कमल किशोर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिसकी जितनी संख्या, उतना आरक्षण
भोजीपुरा के ब्लॉक प्रशासक योगेश कुमार पटेल ने कहा कि किसी भी समाज को आगे बढ़ाने के लिए उसकी जनसंख्या के आधार पर राजनीतिक आरक्षण मिलना चाहिए। जिस वर्ग की जितनी आबादी हो, उसी अनुपात में उसके लिए आरक्षण निर्धारित किया जाए। निरंजन यदुवंशी, क्यारा की ग्राम पंचायत बारीनगला, कांधरपुर के ग्राम प्रशासक समेत अन्य ने भी सुझाव दिए।

पिछड़ा वर्ग की सर्वाधिक आबादी नवाबगंज में
सरकारी आंकड़ों और वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक जिले की आबादी 29.79 लाख है। इसमें पिछड़ा वर्ग की आबादी 20,05,857 दर्ज की गई है। यानी क्षेत्र पंचायतों की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी करीब 67 फीसदी है। पिछड़ा वर्ग की सबसे अधिक आबादी नवाबगंज में 1,87,303 दर्ज है। इसके बाद शेरगढ़ में 1,72,189, बहेड़ी में 1,53,772, भोजीपुरा में 1,50,250 और मझगवां में 1,45,728 पिछड़ा वर्ग के लोग दर्ज हैं। पिछड़ा वर्ग की सबसे कम आबादी रामनगर में 96,243 है।
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