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शोरूम-कॉम्प्लेक्स वालों को छोड़ा, छोटे दुकानदार रहेंगे निशाने पर
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आवास विकास का ध्वस्तीकरण अभियान
राजेंद्रनगर ए-ब्लॉक के 14 दुकानदारों के मामूली अतिक्रमण को ही किया चिह्नित
बड़े अतिक्रमण के नाम पर केवल सूरजभान स्कूल का भवन ही चिह्नित
बरेली। आवास विकास परिषद की आवासीय कॉलोनियों में भले ही बड़े कॉम्प्लेक्स और शोरूम अवैध रूप से बन गए हों, लेकिन अधिकारियों ने अनधिकृत निर्माण के ध्वस्तीकरण के नाम पर केवल छोटे दुकानदारों को ही निशाने पर लिया है, जिन्होंने दुकानों के आगे बढ़ाकर निर्माण कर लिए हैं। आवास विकास ने अभी ए-ब्लॉक की ऐसी 14 दुकानों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया है। बड़े अवैध निर्माणकर्ताओं में अभी केवल राजेंद्रनगर में सूरजभान स्कूल को ही शामिल किया है। आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि बड़े अवैध निर्माण को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
आवास विकास की राजेंद्रनगर और जनकपुरी आवासीय कॉलोनियों में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ी संख्या में आवंटियों ने अवैध रूप से व्यावसायिक भवनों के निर्माण कर लिए हैं। इन दोनों ही कॉलोनियों में बड़े-बड़े शोरूम और कॉम्लेक्स खुल गए हैं। आवास विकास के दफ्तर के पास भी अनधिकृत निर्माण धड़ल्ले से अब भी हो रहे हैं। आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माणकर्ताओं पर अब तक कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया है। हालांकि कुछ दिन पहले अवैध निर्माण का मामला सुर्खियों में आने के बाद अफसरों ने 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर और 40 लोगों को नोटिस जारी किए थे। शासन की सख्ती के बाद आवास विकास ने अवैध निर्माण के खिलाफ 27 और 28 जनवरी को ध्वस्तीकरण का अभियान चलाने की रणनीति तो तैयार की है, लेकिन इस मुहिम के निशाने पर अभी केवल ऐसे छोटे दुकानदारों की ही लिस्ट बनाई गई है, जिन्होेंने अपनी दुकानों के आगे दो से तीन मीटर तक अवैध निर्माण करा लिए हैं।
आवास विकास की टीम ने बांके बिहारी मंदिर के पास राजेंद्रनगर के ए-ब्लॉक की 14 दुकानों के आगे अतिक्रमण को चिह्नित किया है। दो दिवसीय अभियान में सिर्फ इसी अतिक्रमण को ही ध्वस्त किया जाएगा, जबकि जानकीपुरम और राजेंद्रनगर में अवैध शोरूम सहित दूसरे कॉमर्शियल बिल्डिंग बनाने वालों पर अभी कोई कार्रवाई की प्लानिंग नहीं है।
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‘ध्वस्तीकरण के पहले चरण में अभी ए-ब्लॉक के चौदह दुकानदारों के अवैध निर्माण को तोड़ने की प्लानिंग बनाई गई है। इन सभी को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। आवासीय क्षेत्र में शोरूम और कॉम्प्लेक्स बनाने वालों पर बाद में एक्शन लिया जाएगा।’
- राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास
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राजेंद्रनगर ए-ब्लॉक के 14 दुकानदारों के मामूली अतिक्रमण को ही किया चिह्नित
बड़े अतिक्रमण के नाम पर केवल सूरजभान स्कूल का भवन ही चिह्नित
बरेली। आवास विकास परिषद की आवासीय कॉलोनियों में भले ही बड़े कॉम्प्लेक्स और शोरूम अवैध रूप से बन गए हों, लेकिन अधिकारियों ने अनधिकृत निर्माण के ध्वस्तीकरण के नाम पर केवल छोटे दुकानदारों को ही निशाने पर लिया है, जिन्होंने दुकानों के आगे बढ़ाकर निर्माण कर लिए हैं। आवास विकास ने अभी ए-ब्लॉक की ऐसी 14 दुकानों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया है। बड़े अवैध निर्माणकर्ताओं में अभी केवल राजेंद्रनगर में सूरजभान स्कूल को ही शामिल किया है। आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि बड़े अवैध निर्माण को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
आवास विकास की राजेंद्रनगर और जनकपुरी आवासीय कॉलोनियों में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ी संख्या में आवंटियों ने अवैध रूप से व्यावसायिक भवनों के निर्माण कर लिए हैं। इन दोनों ही कॉलोनियों में बड़े-बड़े शोरूम और कॉम्लेक्स खुल गए हैं। आवास विकास के दफ्तर के पास भी अनधिकृत निर्माण धड़ल्ले से अब भी हो रहे हैं। आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माणकर्ताओं पर अब तक कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया है। हालांकि कुछ दिन पहले अवैध निर्माण का मामला सुर्खियों में आने के बाद अफसरों ने 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर और 40 लोगों को नोटिस जारी किए थे। शासन की सख्ती के बाद आवास विकास ने अवैध निर्माण के खिलाफ 27 और 28 जनवरी को ध्वस्तीकरण का अभियान चलाने की रणनीति तो तैयार की है, लेकिन इस मुहिम के निशाने पर अभी केवल ऐसे छोटे दुकानदारों की ही लिस्ट बनाई गई है, जिन्होेंने अपनी दुकानों के आगे दो से तीन मीटर तक अवैध निर्माण करा लिए हैं।
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आवास विकास की टीम ने बांके बिहारी मंदिर के पास राजेंद्रनगर के ए-ब्लॉक की 14 दुकानों के आगे अतिक्रमण को चिह्नित किया है। दो दिवसीय अभियान में सिर्फ इसी अतिक्रमण को ही ध्वस्त किया जाएगा, जबकि जानकीपुरम और राजेंद्रनगर में अवैध शोरूम सहित दूसरे कॉमर्शियल बिल्डिंग बनाने वालों पर अभी कोई कार्रवाई की प्लानिंग नहीं है।
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‘ध्वस्तीकरण के पहले चरण में अभी ए-ब्लॉक के चौदह दुकानदारों के अवैध निर्माण को तोड़ने की प्लानिंग बनाई गई है। इन सभी को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। आवासीय क्षेत्र में शोरूम और कॉम्प्लेक्स बनाने वालों पर बाद में एक्शन लिया जाएगा।’
- राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास