फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   avas vikas

सूरजभान स्कूल में बिल्डिंग तोड़ने की फाइल दबाए बैठे रहे आवास विकास के अफसर

Sat, 12 Oct 2019 02:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2019 02:30 AM IST
विज्ञापन
avas vikas
बरेली। बारह वर्षों से आवास विकास परिषद राजेंद्रनगर स्थित सूरजभान कॉलेज के अवैध निर्माण गिराने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत आवंटी और प्रबंधकों को नोटिस भी जारी किए गए। सभी दलीलें पर विराम लगने के बाद प्रशासन ने जब बिल्डिंग तोड़ना तय किया तो विभागीय अफसरों ने फाइल ही दबा दी। इसका खुलासा जिला प्रशासन और मंडलायुक्त कार्यालय के बीच पत्राचार से हुआ है।
विज्ञापन

सूरजभान कॉलेज को आवंटित भूमि पर अवैध निर्माण, बैंक और अन्य व्यावसायिक गतिविधियाें की जांच में यह तथ्य भी पाया गया कि जिला प्रशासन तो कार्रवाई के लिए तैयार था, लेकिन आवास विकास के अफसर मामला दबाए रहे। नौ मई, 2018 को जिला प्रशासन ने मंडलायुक्त बरेली को लिखे पत्र में कहा है कि तहसील प्रशासन और राजस्व निरीक्षक की जांच में शिकायतों की पुष्टि हो गई है। पत्र में कहा गया है कि सूरजभान स्कूल परिसर में स्वीकृति के बिना अन्य अवैध शैक्षिक संस्थाएं संचालित हो रही हैं, जबकि अनुमति सिर्फ प्राइमरी स्कूल संचालन की है। अवैध निर्माण गिराने को प्रशासन ने पुलिस बल और मजिस्ट्रेट आवंटित कर दिए, लेकिन दस माह से आवास विकास परिषद के अफसर कार्रवाई टाल रहे हैं। पूरी कार्रवाई अधिशासी अभियंता के स्तर से होनी है। इस पर मंडलायुक्त कार्यालय ने सख्ती दिखाई तो परिषद के अफसरों ने इसे भी दबा दिया। बता दें कि इस अवधि में नेहा सिंह एक्सईएन के पद पर काबिज थीं। वह अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चित रहीं। उनके कार्यकाल में ठेकेदारों को भुगतान के लिए कार्यालय में कपड़े तक उतारने पड़े थे। होली पर कार्यालय समय में उनकी मौजूदगी में ही जाम झलके थे। दोनों प्रकरण उन पर भारी पड़े और उन्हें से यहां हटा दिया गया। अब सूरजभान स्कूल प्रकरण फिर शुरू होने पर नेहा सिंह के कारनामों और मनमानी का भी खुलासा प्रशासन के एक पत्र ने कर दिया है।
विज्ञापन


बत्तीस वर्ष पुराना शैक्षिक संस्थान है। कुछ शरारती तत्व अपने स्वार्थ पूरे करने के लिए भ्रामक शिकायतें कर रहे हैं। हमने अपना पक्ष रखा है। कुछ अवैध नहीं बनाया है। - कमल कुमार खंडेलवाल, सचिव, सूरजभान स्कूल
विज्ञापन
विज्ञापन


आवास विकास परिषद ने शाखा प्रबंधक को दिया नोटिस
बरेली। आवास विकास परिषद ने राजेंद्रनगर बी-ब्लाक में बने सूरजभान स्कूल के अवैध निर्माण गिराने की रूपरेखा तैयार कर ली है। दिन भर अफसर तैयारी पर कवायद करते रहे, क्योंकि शनिवार और रविवार को अवकाश है। इस बीच परिषद ने स्कूल परिसर में अवैध रूप से संचालित केनरा बैंक शाखा अन्यत्र शिफ्ट करने को नोटिस दे दिया है, इससे बैंक प्रबंधन में हड़कंप मचा है। प्रशासन और परिषद के तीखे रुख को देखते हुए प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुट गया है।
बिना किसी अनुमति के ही स्कूल परिसर में केनरा बैंक शाखा संचालित है। बताया जाता है कि केनरा बैंक से स्कूल प्रबंधन करीब 50 हजार रुपये प्रतिमाह वसूलता है। आवास विकास परिषद ने 25 सितंबर को शाखा प्रबंधक को जारी नोटिस में कहा है कि अवैध बिल्ंिडग परिसर में संचालित है। इसे तोड़ने की कार्रवाई प्रगति पर इसलिए ब्रांच अन्य स्थान पर शिफ्ट कर लें। नोटिस मिलते ही बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अवैध बिल्ंिडग परिसर में बैंक प्रबंधन ने ब्रांच कैसे खुलवा दी? इसकी शिकायत भी ऊपर तक की गई है। प्रशासन और परिषद की तैयारी से अब तय हो गया है कि केनरा बैंक ब्रांच राजेेंद्रनगर में अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट होगी, साथ ही अवैध परिसर में ब्रांच खोलने वाले बैंक भी फंसेंगे।
अवैध निर्माण बचाने की दौड़
प्रशासन की सख्ती से सूरजभान स्कूल प्रबंधन में अफरातफरी मची है। अवैध बिल्ंिडग को एक फिर बचाने के लिए लखनऊ तक दौड़ लगाई जा रही है। इसके तहत ही आला अफसरों तक फोन और लोग पहुंचना शुरू हो गए हैं। शुक्रवार पूरे दिन यह कवायद होती रही, फिर भी अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया बेअसर रही।


आवास विकास परिषद ने नोटिस दिया है। हमने उसे कार्रवाई के लिए सर्किल कार्यालय लखनऊ भेज दिया है। ताकि ब्रांच अन्य स्थान पर शिफ्ट हो सके। ब्रांच खोलने से पहले तत्कालीन अफसरों ने कागजात जरूर देखें होंगे। - अभिताभ साहू, क्षेत्रीय प्रबंधक, केनरा बैंक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed