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रंग बदल कर शहर में ऑटो दौड़ा रहे हैं रामकुमार
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 20 Dec 2016 01:24 AM IST
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Auto ran into the city are changing color Ramkumar
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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शहर में अगर ऑटो का बोझ ऐसे ही नहीं बढ़ रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त करने में कुछ खास लोगाें का हाथ है। ऐसे ही एक खास शख्स हैं रामकुमार जो आरटीओ में क्लर्क थे। लखनऊ और गाजियाबाद में काम कर चुके हैं। फिलहाल ये बरेली में ये देहात परमिट पर डीजल ऑटो खरीदते है और फिर उन्हें हरा रंग कराके शहर में चलाते हैं। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस इन्हें नहीं पकड़ती है। मेहरबानी इस कदर है कि इनका मेरठ का ठिकाना का दर्ज है ऑटो फाइनेंस बरेली में करा रहे हैं।
मेरठ जागृति विहार के रहने वाले रामकुमार क पहले लखनऊ आरटीओ में क्लर्क के पद पर कार्यरत रहे। पिछले साल इनका रिटायरमेंट गाजियाबाद आरटीओ से हुआ है। इनका स्थानीय पता कर्मचारी नगर बरेली का है। रामकुमार का शहर में सिक्का चलता है। इसके अपने नाम से 7 ऑटो और बेटे नीरज कुमार के नाम से 8 ऑटो देहात परमिट पर खरीदे गए हैं। फाइनेंस विजया बैंक से किया गया है। कुछ और ऑटो भी दूसरे नाम से खरीदे गए हैं। इनकी संख्या 20 से अधिक है। इनमें अधिकतर ऑटो डीजल के हैं, लेकिन हरा रंग करके शहर में दौड़ते देखे जा सकते हैं।
हर महीने 20 से 25 गाड़ियां पकड़ी जा रही है। इन पर 4000 रुपए का चालान होता है। लेकिन फिर छूट कर गाड़ी चलाने लगते हैं। अभियान की तरह चलाने के लिए ऑटो यूनियन और एसपी से मिलकर रणनीति बनाएंगे। बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी।
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एमएल चौरसिया, आरटीओ प्रवर्तन
अगर आरटीए की आपत्ति नहीं है तो एक व्यक्ति एक से अधिक परमिट ले सकता है। लेकिन परमिट एक क्षेत्र की लेकर दूसरे क्षेत्र में गाड़ी चलाना नियम विरुद्ध है। जिनके एक से अधिक परमिट हैं और उनकी गाड़ियां शहर में चल रही हैं ऐसे लोगाें को खोज सकते हैं।
आरआर सोनी, आरटीओ
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मेरठ जागृति विहार के रहने वाले रामकुमार क पहले लखनऊ आरटीओ में क्लर्क के पद पर कार्यरत रहे। पिछले साल इनका रिटायरमेंट गाजियाबाद आरटीओ से हुआ है। इनका स्थानीय पता कर्मचारी नगर बरेली का है। रामकुमार का शहर में सिक्का चलता है। इसके अपने नाम से 7 ऑटो और बेटे नीरज कुमार के नाम से 8 ऑटो देहात परमिट पर खरीदे गए हैं। फाइनेंस विजया बैंक से किया गया है। कुछ और ऑटो भी दूसरे नाम से खरीदे गए हैं। इनकी संख्या 20 से अधिक है। इनमें अधिकतर ऑटो डीजल के हैं, लेकिन हरा रंग करके शहर में दौड़ते देखे जा सकते हैं।
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हर महीने 20 से 25 गाड़ियां पकड़ी जा रही है। इन पर 4000 रुपए का चालान होता है। लेकिन फिर छूट कर गाड़ी चलाने लगते हैं। अभियान की तरह चलाने के लिए ऑटो यूनियन और एसपी से मिलकर रणनीति बनाएंगे। बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी।
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एमएल चौरसिया, आरटीओ प्रवर्तन
अगर आरटीए की आपत्ति नहीं है तो एक व्यक्ति एक से अधिक परमिट ले सकता है। लेकिन परमिट एक क्षेत्र की लेकर दूसरे क्षेत्र में गाड़ी चलाना नियम विरुद्ध है। जिनके एक से अधिक परमिट हैं और उनकी गाड़ियां शहर में चल रही हैं ऐसे लोगाें को खोज सकते हैं।
आरआर सोनी, आरटीओ