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ऑडिशन में दिखाया बच्चों ने अपना ‘सुपर टैलेंट’
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:43 AM IST
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हुनर दिखाने का मौका मिला तो बच्चे और बड़े कहां चूकने वाले थे। अमर उजाला कैंपस में ‘सुपर टैलेंट’ के लिए खूब भीड़ जुटी। सुबह से शाम तक अपनी बारी का प्रतिभागी इंतजार करते रहे। इस दौरान कुछ अपना टैलेंट दिखाने के लिए प्रैक्टिस भी करते मिले। गायन और कॉमेडी के एक से बढ़कर एक टैलेंट को देखकर जजों के लिए फैसला करना मुश्किल हो गया है।
सुबह दस बजे से शाम को छह बजे तक बरेली अमर उजाला परिसर में ऑडिशन चले। मेरठ और मुरादाबाद से प्रतिभागी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए आए हुए थे। 170 से अधिक प्रतिभागियाें ने अपना पंजीकरण कराया। जजाें की टीम को प्रतिभागियाें की प्रतिभा देखने के बाद अपना फैसला सुनाना है। उनका वीडियो भी बनाया गया। चुने जाने वाले कलाकारों को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी।
- कॉमेडी में हिट रही मिमिक्री
अभिनेताओं और राजनेताओं की मिमिक्री करना हमेशा से ही हिट फार्मूला रहा है। सुपर टैैलेंट में कॉमेडी कैटेगरी में ऑडिशन देने आए बच्चों ने इसे ही अपनाया। कोई लालू की मिमिक्री से अपने आप को साबित किया तो किसी ने हास्य कलाकार जानी लीवर। राजू श्रीवास्तव और भारती को भी कॉपी किया। हालांकि बच्चों में टैलेंट खूब दिखा।
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- कान में इयरफोन लगाकर याद करते रहे गाना
12 साल से अधिक उम्र के लोगाें के लिए हुए ऑडिशन में गायन कैटेगरी में लोग अपने गाने को जज के सामने सुनाने के लिए इयरफोन लगाकर याद करते रहे। कुछ ने गिटार के साथ अपनी प्रस्तुति दी।
फोटो
- देख नहीं सकते, लेकिन सुर पक्के हैं
संजयनगर सैनिक कालोनी में रहने वाले कौशल देख नहीं सकते, लेकिन इनके सुर सही जगह लगते हैं। पिछले कई सालाें से यह गाना गा रहे हैं और बच्चाें को शिक्षा भी देते हैं। इन्हाेंने राहत फतेह अली का जरूरी था... गाया। कौशल अपने भाई के साथ ऑडिशन देने पहुंचे थे। इन्होंने बताया कि लखनऊ में इंडियन आइडल और दिल्ली में सारेगामा में भी ऑडिशन दे चुके हैं। सारेगामापा में मुंबई तक पहुंचे थे।
- प्रतिभागी बोले
ढाई साल की उम्र से सीखना शुरू किया है। यह मेरा पहला ऑडिशन है। पापा के साथ मेरठ से आए। छोटी सी आशा... गाया।- आयुष कंसल, मेरठ
म्यूजिक की ट्यूशन क्लासेस ले रही हूं। अभी तक किसी ऑडिशन में भाग नहीं लिया। अमर उजाला के टैलेंट हंट से अनुभव हुआ।- मुक्ति यादव, मढ़ीनाथ
अपने घर में बिना बताएं यहां आई हूं। यहां बरेली में बुआ के घर में तैयारी की। मुझे अच्छा सिंगर बनना है।- शिवानी, मेरठ
यह मेरा दूसरा ऑडिशन है। इससे पहले भी दो जगह अपना टैलेंट दिखाया था। गीत तो जज को पसंद आया है। पता नहीं आगे क्या होगा।- अनस रजा, रामपुरबाग
ये रहे जज
डॉ. हितु मिश्रा, गायन, एक्स लेक्चरर, इन्वर्टिस
डॉ. अनीता जौहरी, गायन, संगीत विभागाध्यक्ष, कन्या महाविद्यालय आर्यसमाज
डॉ. क्षमा जौहरी, गायन, असिसटेंट प्रोफेसर, अनुबिस म्यूजिक डिग्री कालेज
लिलि बनर्र्र्जी, गायन, एमए म्यूजिक, इलाहाबाद विवि
विकास शर्मा, कॉमेडी, असिस्टेंट प्रोफेसर ह्यूमिनिटी, सिद्धि विनायक इंस्टीट्यूट
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सुबह दस बजे से शाम को छह बजे तक बरेली अमर उजाला परिसर में ऑडिशन चले। मेरठ और मुरादाबाद से प्रतिभागी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए आए हुए थे। 170 से अधिक प्रतिभागियाें ने अपना पंजीकरण कराया। जजाें की टीम को प्रतिभागियाें की प्रतिभा देखने के बाद अपना फैसला सुनाना है। उनका वीडियो भी बनाया गया। चुने जाने वाले कलाकारों को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी।
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- कॉमेडी में हिट रही मिमिक्री
अभिनेताओं और राजनेताओं की मिमिक्री करना हमेशा से ही हिट फार्मूला रहा है। सुपर टैैलेंट में कॉमेडी कैटेगरी में ऑडिशन देने आए बच्चों ने इसे ही अपनाया। कोई लालू की मिमिक्री से अपने आप को साबित किया तो किसी ने हास्य कलाकार जानी लीवर। राजू श्रीवास्तव और भारती को भी कॉपी किया। हालांकि बच्चों में टैलेंट खूब दिखा।
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- कान में इयरफोन लगाकर याद करते रहे गाना
12 साल से अधिक उम्र के लोगाें के लिए हुए ऑडिशन में गायन कैटेगरी में लोग अपने गाने को जज के सामने सुनाने के लिए इयरफोन लगाकर याद करते रहे। कुछ ने गिटार के साथ अपनी प्रस्तुति दी।
फोटो
- देख नहीं सकते, लेकिन सुर पक्के हैं
संजयनगर सैनिक कालोनी में रहने वाले कौशल देख नहीं सकते, लेकिन इनके सुर सही जगह लगते हैं। पिछले कई सालाें से यह गाना गा रहे हैं और बच्चाें को शिक्षा भी देते हैं। इन्हाेंने राहत फतेह अली का जरूरी था... गाया। कौशल अपने भाई के साथ ऑडिशन देने पहुंचे थे। इन्होंने बताया कि लखनऊ में इंडियन आइडल और दिल्ली में सारेगामा में भी ऑडिशन दे चुके हैं। सारेगामापा में मुंबई तक पहुंचे थे।
- प्रतिभागी बोले
ढाई साल की उम्र से सीखना शुरू किया है। यह मेरा पहला ऑडिशन है। पापा के साथ मेरठ से आए। छोटी सी आशा... गाया।- आयुष कंसल, मेरठ
म्यूजिक की ट्यूशन क्लासेस ले रही हूं। अभी तक किसी ऑडिशन में भाग नहीं लिया। अमर उजाला के टैलेंट हंट से अनुभव हुआ।- मुक्ति यादव, मढ़ीनाथ
अपने घर में बिना बताएं यहां आई हूं। यहां बरेली में बुआ के घर में तैयारी की। मुझे अच्छा सिंगर बनना है।- शिवानी, मेरठ
यह मेरा दूसरा ऑडिशन है। इससे पहले भी दो जगह अपना टैलेंट दिखाया था। गीत तो जज को पसंद आया है। पता नहीं आगे क्या होगा।- अनस रजा, रामपुरबाग
ये रहे जज
डॉ. हितु मिश्रा, गायन, एक्स लेक्चरर, इन्वर्टिस
डॉ. अनीता जौहरी, गायन, संगीत विभागाध्यक्ष, कन्या महाविद्यालय आर्यसमाज
डॉ. क्षमा जौहरी, गायन, असिसटेंट प्रोफेसर, अनुबिस म्यूजिक डिग्री कालेज
लिलि बनर्र्र्जी, गायन, एमए म्यूजिक, इलाहाबाद विवि
विकास शर्मा, कॉमेडी, असिस्टेंट प्रोफेसर ह्यूमिनिटी, सिद्धि विनायक इंस्टीट्यूट