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दुस्साहस.. सीएम से अधूरी लैब का उद्घाटन कराने की तैयारी में थे अफसर
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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कार्यक्रम तय न होने से बची गर्दन, अब जेई पर कार्रवाई की तैयारी
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शासन के निर्देशों के बावजूद समय पर नहीं शुरू कराया गया निर्माण
बरेली। जिस तरह की सूचना थी, उसके मुताबिक शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर कोरोना लैब का उद्घाटन करने जिला अस्पताल आते तो उन्हें अधूरी लैब का ही उद्घाटन करना पड़ता। स्वास्थ्य विभाग के अफसर मुख्यमंत्री को भी गच्चा देने का दुस्साहस करने को पूरी तरह तैयार थे, मगर उनका कार्यक्रम टलने से यह नौबत बच गई। अब डीएम के निर्देश पर सीएमएस को चेतावनी देने के साथ जूनियर इंजीनियर को आरोप पत्र दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल में सात लाख रुपये की लागत से बायोसेफ्टी लेवल-3 लैब का बर्न वार्ड की ओर पुरानी ओटी बिल्डिंग में निर्माण किया जा रहा है। शासन के निर्देशों के मुताबिक कोरोना के नमूनों की जांच में तेजी लाने के लिए इस लैब का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाना था लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस मामले में पूरी तरह लापरवाह बने रहे। हड़कंप तब मचा जब कुछ दिनों पहले शासन से यह सूचना मिली कि इस लैब का उद्घाटन करने तीन जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली पहुंच सकते हैं। इसके बाद अफसरों की धड़कनेें तेज होने के साथ लैब का निर्माण भी तेज किया गया लेकिन फिर भी लैब पूरी नहीं हो पाई। यानी तय था कि अगर मुख्यमंत्री आते तो उन्हें अधूरी लैब का ही उद्घाटन करना पड़ता।
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मुख्यमंत्री के दौरे की चर्चा शुरू होने के बाद ही जिलाधिकारी नितीश कुमार ने पिछले दिनों दो बार लैब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लापरवाही पाए जाने पर सीएमएस का वेतन भी रोकने का आदेश दिया। अब अफसर सफाई दे रहे हैं कि जिस बिल्डिंग में लैब बनाई जा रही है वह जर्जर हालत में है। उसकी मरम्मत के साथ उसमें बिजली सप्लाई जैसे कई और इंतजाम करने थे। यह भी कहा जा रहा है कि निर्माण कार्य शुरू ही काफी देर से किया गया। इसी का नतीजा है कि लैब में जांच शुरू होने की अब तक तैयारी नहीं है। मुख्यमंत्री का दौरा टलने से अफसर बाल-बाल बच गए। अब प्रशासन इस मामले में जेई पर कार्रवाई की भी तैयारी कर रहा है।
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जिला अस्पताल में कोरोना लैब का काम तय समय में पूरा नहीं हो सका है। इसके लिए जिम्मेदार जेई पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम के निरीक्षण में तीन सौ बेड अस्पताल और जिला अस्पताल मुख्य तौर पर शामिल थे। इतनी गंभीर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।- चंद्रमोहन गर्ग, सीडीओ
ऐन वक्त पर भेजा नोटिस, जेई ने जवाब तक नहीं दिया
सीएम का दौरा तय होने के बाद अफसरों की सांसें फूलनी शुरू हो गईं। जिला अस्पताल के सीएमएस का अब कहना है कि उन्होंने कई बार जेेई मोहम्मद आरिफ को काम जल्द पूरा करने के लिए रिमाइंडर भेजकर जवाब मांगा था मगर जेई ने जवाब तक नहीं दिया। हालांकि डीएम ने अपने निरीक्षण में सीएमएस स्तर पर खामी मानते हुए उनका वेतन रोक दिया था। अधूरी लैब में ही अफसरों ने मशीनें भी रखवा दी थीं, इस पर भी डीएम ने नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री के निरीक्षण की सूचना के बाद दो दिन पहले डीएम, सीडीओ और एसएसपी ने निरीक्षण किया तब जेई ने दो दिन में ही लैब का निर्माण पूरा करने का दावा किया था।
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शासन के निर्देशों के बावजूद समय पर नहीं शुरू कराया गया निर्माण बरेली। जिस तरह की सूचना थी, उसके मुताबिक शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर कोरोना लैब का उद्घाटन करने जिला अस्पताल आते तो उन्हें अधूरी लैब का ही उद्घाटन करना पड़ता। स्वास्थ्य विभाग के अफसर मुख्यमंत्री को भी गच्चा देने का दुस्साहस करने को पूरी तरह तैयार थे, मगर उनका कार्यक्रम टलने से यह नौबत बच गई। अब डीएम के निर्देश पर सीएमएस को चेतावनी देने के साथ जूनियर इंजीनियर को आरोप पत्र दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल में सात लाख रुपये की लागत से बायोसेफ्टी लेवल-3 लैब का बर्न वार्ड की ओर पुरानी ओटी बिल्डिंग में निर्माण किया जा रहा है। शासन के निर्देशों के मुताबिक कोरोना के नमूनों की जांच में तेजी लाने के लिए इस लैब का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाना था लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस मामले में पूरी तरह लापरवाह बने रहे। हड़कंप तब मचा जब कुछ दिनों पहले शासन से यह सूचना मिली कि इस लैब का उद्घाटन करने तीन जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली पहुंच सकते हैं। इसके बाद अफसरों की धड़कनेें तेज होने के साथ लैब का निर्माण भी तेज किया गया लेकिन फिर भी लैब पूरी नहीं हो पाई। यानी तय था कि अगर मुख्यमंत्री आते तो उन्हें अधूरी लैब का ही उद्घाटन करना पड़ता।
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मुख्यमंत्री के दौरे की चर्चा शुरू होने के बाद ही जिलाधिकारी नितीश कुमार ने पिछले दिनों दो बार लैब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लापरवाही पाए जाने पर सीएमएस का वेतन भी रोकने का आदेश दिया। अब अफसर सफाई दे रहे हैं कि जिस बिल्डिंग में लैब बनाई जा रही है वह जर्जर हालत में है। उसकी मरम्मत के साथ उसमें बिजली सप्लाई जैसे कई और इंतजाम करने थे। यह भी कहा जा रहा है कि निर्माण कार्य शुरू ही काफी देर से किया गया। इसी का नतीजा है कि लैब में जांच शुरू होने की अब तक तैयारी नहीं है। मुख्यमंत्री का दौरा टलने से अफसर बाल-बाल बच गए। अब प्रशासन इस मामले में जेई पर कार्रवाई की भी तैयारी कर रहा है।
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जिला अस्पताल में कोरोना लैब का काम तय समय में पूरा नहीं हो सका है। इसके लिए जिम्मेदार जेई पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम के निरीक्षण में तीन सौ बेड अस्पताल और जिला अस्पताल मुख्य तौर पर शामिल थे। इतनी गंभीर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।- चंद्रमोहन गर्ग, सीडीओ