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UP: 'इंस्पेक्टर बोल रहा हूं, तुम्हारे खाते से...', बरेली में फिजियोथेरेपिस्ट को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश

Sat, 16 Nov 2024 11:55 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 16 Nov 2024 11:55 AM IST
सार

बरेली के फिजियोथेरेपिस्ट को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की। खाकी वर्दीधारी व्यक्ति ने उन्हें धमकाया। होशियारी दिखाते हुए उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई लुटने से बचा ली। अब साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

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Attempt to digitally arrest physiotherapist in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepic

विस्तार

बरेली के दुर्गा कॉलोनी संजयनगर निवासी फिजियोथेरेपिस्ट को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने की कोशिश की गई। उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई से रवि कुमार बताया। उसने कहा कि आपके आधार कार्ड पर लखनऊ के आलमबाग स्थित स्टोर से एक सिम खरीदा गया है। फिर कहा गया कि हम सीधे आलमबाग पुलिस स्टेशन से आपकी बात करा देते हैं। इसके बाद वॉयस कॉल को वीडियो कॉल में कन्वर्ट कर दिया गया। 

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पुलिस की वर्दी में दिखा ठग 
दूसरी ओर पुलिस की वर्दी पहने शख्स ने खुद को एसआई सुनील तिवारी बताया। कहा कि नवाब मलिक के मनी लॉड्रिंग केस में उनके सिम और तीन बैंक खातों का प्रयोग किया गया है। इनमें ढाई-ढाई करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। वर्दी पहने ठग ने कहा कि आप ऑनलाइन एप से अपने बैंक खातों का स्क्रीनशॉट लेकर हमें व्हाट्सएप कीजिए। 
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तब फिजियोथेरेपिस्ट को कुछ अजीब लगा। उन्होंने अपने जीरो अमाउंट वाले खाते का स्क्रीनशॉट भेज दिया। काफी प्रयास के बाद भी जब ठगी न हो सकी तो ठगों ने उन्हें धमकाया। फिजियोथेरेपिस्ट ने गरीबी का हवाला दिया तो ठगों ने कहा कि तुम लखनऊ आ जाओ, तुम्हारी नौकरी लगवा देंगे। बात न बनती देख उन्होंने कॉल कट कर दी।

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बरतें सावधानी 
  • बच्चों को हिरासत में लेने की कॉल आए तो पहले बच्चे या उसके साथियों को कॉल करके सुनिश्चित कर लें कि क्या मामला है? ऑनलाइन किसी को रुपये न दें।
  • डिजिटल हिरासत की स्थिति बने तो ठगों की कॉल डिस्कनेक्ट कर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
  • मुकदमों में कार्रवाई और आरोपी को पकड़ने की बात कहकर रुपये मांगने की कॉल आए तो भी स्पष्ट मना कर दें।
  • वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
  • रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद रखें।
  • किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड की डिटेल न दें।
  • किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
  • किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।

ठगी के दस लाख रुपयों से खरीद ली क्रिप्टो करेंसी
कुछ समय पहले रामपुर गार्डन निवासी व नोएडा में कार्यरत युवती को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर दस लाख रुपये ठगे थे। उसने साइबर थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी। पुलिस ने विवेचना की तो पता लगा कि ठगों ने पूरे दस लाख की क्रिप्टो करेंसी खरीद ली। भुगतान भी युवती के खाते से सीधे ही कर दिया। पुलिस जब रुपये अपने खाते में लेने वाले शख्स तक पहुंची तो पता लगा कि उसने ऑनलाइन अपनी क्रिप्टो करेंसी बेची थी।

यहां करें शिकायत साइबर थाना के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि पुलिस पीड़ितों से रुपये नहीं मांगती। ऐसी कॉल आए तो सावधान रहें और नजदीकी थाने या साइबर पुलिस को सूचना दें। ठगी होने पर भी तत्काल सूचना देकर आप अपनी रकम को बचा सकते हैं। 
 
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