{"_id":"6a777c4aaa1ecf5c5c00b554","slug":"arrangements-collapsed-amidst-the-crowd-safety-norms-were-completely-flouted-bareilly-news-c-4-bly1015-941873-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: भीड़ में धड़ाम हुए इंतजाम, सुरक्षा नियम भी तार-तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: भीड़ में धड़ाम हुए इंतजाम, सुरक्षा नियम भी तार-तार
Sun, 09 Aug 2026 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
बरेली। उर्स-ए-रजवी में शनिवार दोपहर 2:38 बजे कुल की रस्म के बाद घर वापसी के लिए जायरीन ने जंक्शन कर रुख किया तो सारे इंतजाम धड़ाम हो गए। पहले से की गईं अतिरिक्त व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। सुरक्षा नियम भी तार-तार हो गए।
रेलवे ने जंक्शन समेत बरेली सिटी और इज्जतनगर स्टेशनों पर उर्स को लेकर पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। जंक्शन पर छह स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और तीन जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवा (जेटीबीएस) भी लगाई हैं। मुख्य प्रवेश द्वार और सर्कुलेटिंग एरिया में सहायता बूथ स्थापित किए गए, लेकिन ये व्यवस्थाएं भीड़ के दबाव में धरी रह गईं।
उर्स विशेष गाड़ियों के संचालन के अलावा 25 ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव दिया गया। जंक्शन पर नहीं रुकने वाली छह सुपरफास्ट गाड़ियों को अतिरिक्त ठहराव दिया गया। ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य कोच लगाने के साथ चार अतिरिक्त टिकट काउंटर भी खोले गए।
विज्ञापन
इस बीच रेलकर्मी जायरीन को गाड़ियों, प्लेटफॉर्म और अन्य सुविधाओं की जानकारी देते रहे। आरपीएफ, जीआरपी और वाणिज्य विभाग की टीमों के साथ सुरक्षा के लिहाज से सिविल पुलिस को भी तैनात किया गया। इसके बाद भी कुल के बाद देर शाम तक जंक्शन पर अव्यवस्थाएं हावी रहीं।
--
शाम सात बजे तक जंक्शन पहुंचे 30 हजार अतिरिक्त यात्री
बरेली। उर्स के दौरान शनिवार को शाम सात बजे तक जंक्शन पर 30 हजार अतिरिक्त यात्रियों ने विभिन्न स्थानों के लिए ट्रेन पकड़ीं। इस दौरान आरक्षित के अलावा 17 हजार से ज्यादा सामान्य टिकटों की बिक्री हुई। पांच उर्स विशेष गाड़ियां होने के बावजूद नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव रहा।
कांवड़ यात्रा के बीच डायवर्जन के कारण रेलवे ने शनिवार को उर्स के कुल में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सहारनपुर-बरेली, इज्जतनगर-लालकुआं और बरेली सिटी-पीलीभीत के बीच उर्स विशेष अनारक्षित ट्रेनों का संचालन किया।
कुल की रस्म के बाद ट्रेन पकड़ने के लिए जायरीन आपाधापी करते दिखे। जंक्शन, बरेली सिटी और इज्जतनगर स्टेशनों पर गाड़ियां पहुंचते ही फुल होती रहीं। ट्रेनों में चढ़ने को लेकर मारामारी की स्थिति बनी रही। यह हालात देर शाम तक बने रहे। लोग ट्रेनों के पायदान, लगेज, महिला और दिव्यांग कोचों में बैठकर यात्रा करते दिखे।
विज्ञापन
रेलवे ने जंक्शन समेत बरेली सिटी और इज्जतनगर स्टेशनों पर उर्स को लेकर पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। जंक्शन पर छह स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और तीन जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवा (जेटीबीएस) भी लगाई हैं। मुख्य प्रवेश द्वार और सर्कुलेटिंग एरिया में सहायता बूथ स्थापित किए गए, लेकिन ये व्यवस्थाएं भीड़ के दबाव में धरी रह गईं।
विज्ञापन
उर्स विशेष गाड़ियों के संचालन के अलावा 25 ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव दिया गया। जंक्शन पर नहीं रुकने वाली छह सुपरफास्ट गाड़ियों को अतिरिक्त ठहराव दिया गया। ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य कोच लगाने के साथ चार अतिरिक्त टिकट काउंटर भी खोले गए।
विज्ञापन
इस बीच रेलकर्मी जायरीन को गाड़ियों, प्लेटफॉर्म और अन्य सुविधाओं की जानकारी देते रहे। आरपीएफ, जीआरपी और वाणिज्य विभाग की टीमों के साथ सुरक्षा के लिहाज से सिविल पुलिस को भी तैनात किया गया। इसके बाद भी कुल के बाद देर शाम तक जंक्शन पर अव्यवस्थाएं हावी रहीं।
शाम सात बजे तक जंक्शन पहुंचे 30 हजार अतिरिक्त यात्री
बरेली। उर्स के दौरान शनिवार को शाम सात बजे तक जंक्शन पर 30 हजार अतिरिक्त यात्रियों ने विभिन्न स्थानों के लिए ट्रेन पकड़ीं। इस दौरान आरक्षित के अलावा 17 हजार से ज्यादा सामान्य टिकटों की बिक्री हुई। पांच उर्स विशेष गाड़ियां होने के बावजूद नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव रहा।
कांवड़ यात्रा के बीच डायवर्जन के कारण रेलवे ने शनिवार को उर्स के कुल में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सहारनपुर-बरेली, इज्जतनगर-लालकुआं और बरेली सिटी-पीलीभीत के बीच उर्स विशेष अनारक्षित ट्रेनों का संचालन किया।
कुल की रस्म के बाद ट्रेन पकड़ने के लिए जायरीन आपाधापी करते दिखे। जंक्शन, बरेली सिटी और इज्जतनगर स्टेशनों पर गाड़ियां पहुंचते ही फुल होती रहीं। ट्रेनों में चढ़ने को लेकर मारामारी की स्थिति बनी रही। यह हालात देर शाम तक बने रहे। लोग ट्रेनों के पायदान, लगेज, महिला और दिव्यांग कोचों में बैठकर यात्रा करते दिखे।