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Bareilly News: आजम हिंद के कुल में उमड़े अकीदतमंद
Tue, 30 Jan 2024 04:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 30 Jan 2024 04:45 AM IST
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बरेली। मजहर-ए-मुफ्ती आजम हिंद सदरुल उलमा हजरत मुफ्ती तहसीन रजा खां के उर्स के दूसरे दिन दरगाह पर सुबह कुरानख्वानी के बाद दिनभर जायरीन की हाजिरी और चादरपोशी का सिलसिला जारी रहा। रात में सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खां की सरपरस्ती में कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
इस दौरान मौलाना सगीर अहमद रजवी ने कहा कि लड़कियों पर नौकरी का बोझ न डाला जाए। नमाज व रोजा की अदायगी, दीगर फर्ज और सुन्नतों पर सख्ती से अमल किया जाए। मसलक-ए-आला हजरत ही दीन-ए-हक है, उस पर सख्ती से कायम रहें। निजमत कारी नाजिर रजा तहसीनी ने की। इस दौरान मोहम्मद एहसान की तरफ से दरगाह पर सज्जादानशीन के हाथों सेहरा पेश किया गया। रात 1:40 बजे हुज़ूर मुफ्ती आजम हिंद के कुल की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुफ्ती काजी शहीद आलम, सूफी रिजवान रजा खां, दरगाह के प्रबंधक सुहैब रजा खां, मुफ्ती खुर्शीद मुस्तफा, मौलाना खुर्शीद मिस्बाही, कारी एजाज अहमद, सहिबजादगान सफवान रजा खां, अमान रजा खां के अलावा नवासा-ए-तहसीने मिल्लत मौलाना हसन रजा खां सहित तमाम अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान विभिन्न मोहल्लों से चादरों के जुलूस भी दरगाह पर पहुंचे। यादगारे तहसीने मिल्लत जामिया तहसीनिया जिया उल उलूम के 17 तलबा की दस्तारबंदी उलमा-ए-किराम और मशाइख की मौजूदगी में की गई। सभी को जुब्बा और दस्तार दी गई। शिजरा और सलाम के बाद साहिबे सज्जादा ने दुआ की।
तहसीन-ए-मिल्लत का कुल आज
दरगाह के प्रवक्ता सगीर उद्दीन नूरी ने बताया कि मंगलवार को सुबह आठ बजे मसलक-ए-आला हजरत कॉन्फ्रेंस होगी। उलमा की तकरीर के बाद दोपहर 12:30 बजे तहसीन-ए-मिल्लत का कुल होगा। आखिर में साहिबे सज्जादा की दुआ के साथ उर्स का विश्राम होगा।
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इस दौरान मौलाना सगीर अहमद रजवी ने कहा कि लड़कियों पर नौकरी का बोझ न डाला जाए। नमाज व रोजा की अदायगी, दीगर फर्ज और सुन्नतों पर सख्ती से अमल किया जाए। मसलक-ए-आला हजरत ही दीन-ए-हक है, उस पर सख्ती से कायम रहें। निजमत कारी नाजिर रजा तहसीनी ने की। इस दौरान मोहम्मद एहसान की तरफ से दरगाह पर सज्जादानशीन के हाथों सेहरा पेश किया गया। रात 1:40 बजे हुज़ूर मुफ्ती आजम हिंद के कुल की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुफ्ती काजी शहीद आलम, सूफी रिजवान रजा खां, दरगाह के प्रबंधक सुहैब रजा खां, मुफ्ती खुर्शीद मुस्तफा, मौलाना खुर्शीद मिस्बाही, कारी एजाज अहमद, सहिबजादगान सफवान रजा खां, अमान रजा खां के अलावा नवासा-ए-तहसीने मिल्लत मौलाना हसन रजा खां सहित तमाम अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान विभिन्न मोहल्लों से चादरों के जुलूस भी दरगाह पर पहुंचे। यादगारे तहसीने मिल्लत जामिया तहसीनिया जिया उल उलूम के 17 तलबा की दस्तारबंदी उलमा-ए-किराम और मशाइख की मौजूदगी में की गई। सभी को जुब्बा और दस्तार दी गई। शिजरा और सलाम के बाद साहिबे सज्जादा ने दुआ की।
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तहसीन-ए-मिल्लत का कुल आज
दरगाह के प्रवक्ता सगीर उद्दीन नूरी ने बताया कि मंगलवार को सुबह आठ बजे मसलक-ए-आला हजरत कॉन्फ्रेंस होगी। उलमा की तकरीर के बाद दोपहर 12:30 बजे तहसीन-ए-मिल्लत का कुल होगा। आखिर में साहिबे सज्जादा की दुआ के साथ उर्स का विश्राम होगा।
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