तौकीर रजा को बड़ी राहत: मौलाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की याचिका खारिज, अधिवक्ता ने लगाया था यह आरोप
बरेली में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए दाखिल याचिका को कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। यह याचिका अधिवक्ता वीरेंद्र पाल ने दाखिल की थी।
विस्तार
बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के खिलाफ शहर का माहौल खराब कराने व दंगा भड़काने के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दाखिल की गई याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। इससे मौलाना को बड़ी राहत मिली है।
मानव अधिकार संरक्षण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट वीरेंद्र पाल गुप्ता ने मौलाना तौकीर रजा खां पर आरोप लगाया था कि बीती नौ फरवरी को उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया। जिस कारण शहर में बवाल की स्थिति पैदा हो गई। जबकि शहर में धारा 144 लगी हुई थी। इस मामले में पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए थी लेकिन पुलिस ने मौलाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
कोर्ट ने पुलिस से मांगी थी रिपोर्ट
मौलाना तौकीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर अधिवक्ता की तरफ से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें अदालत ने कोतवाली से रिपोर्ट मांगी थी। कोतवाली से रिपोर्ट न आने के कारण इसमें तारीखें पड़ती रहीं। अब इस मामले में कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट अदालत में रिपोर्ट भेज दी।
इसके बाद अदालत ने अधिवक्ता की अर्जी को खारिज कर दिया। इससे तौकीर रजा को बड़ी राहत मिली। बता दें कि 2010 के दंगे के मामले में अदालत ने मौलाना को भी आरोपी बनाया है। इसमें उन्हें अदालत में पेश होना था। मौलाना अदालत में पेश नहीं हुए। सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई में स्टे कर दिया है।