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अखिलेश यादव के खिलाफ इस्तगासा दायर किया
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बरेली। सरदार पटेल की जिन्ना से तुलना करने संबंधी बयान को मानहानिकारक बताते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ एसीजेएम की अदालत में इस्तगासा दायर किया गया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख तय की है।
अधिवक्ता वीरेंद्र पाल गुप्ता की ओर से दाखिल किए गए इस परिवाद में कहा गया है कि वह एक राष्ट्रभक्त नागरिक हैं और भारतीय आजादी में भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय नायकों के प्रति आदर का भाव रखते हैं। अर्जी में कहा गया है कि मोहम्मद अली जिन्ना कांग्रेस में रहते हुए भी कभी राष्ट्रीय आंदोलन के सक्रिय किरदार नहीं रहे। 1913 में वह कांग्रेस छोड़कर मुस्लिम लीग में शामिल हो गए। समय गुजरने के साथ जिन्ना ने अलग पाकिस्तान की मांग कर दी थी। वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए सरदार पटेल की जिन्ना से तुलना वाला बयान मानहानिकारक है, जो राष्ट्रीयता का अपमान है। इस बयान से विभिन्न जातियों और समुदायों के बीच सौहार्द में विघ्न पड़ सकता है। यह बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए दिए गया है। इस बयान से परिवादी और अन्य राष्ट्रभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।
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अधिवक्ता वीरेंद्र पाल गुप्ता की ओर से दाखिल किए गए इस परिवाद में कहा गया है कि वह एक राष्ट्रभक्त नागरिक हैं और भारतीय आजादी में भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय नायकों के प्रति आदर का भाव रखते हैं। अर्जी में कहा गया है कि मोहम्मद अली जिन्ना कांग्रेस में रहते हुए भी कभी राष्ट्रीय आंदोलन के सक्रिय किरदार नहीं रहे। 1913 में वह कांग्रेस छोड़कर मुस्लिम लीग में शामिल हो गए। समय गुजरने के साथ जिन्ना ने अलग पाकिस्तान की मांग कर दी थी। वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए सरदार पटेल की जिन्ना से तुलना वाला बयान मानहानिकारक है, जो राष्ट्रीयता का अपमान है। इस बयान से विभिन्न जातियों और समुदायों के बीच सौहार्द में विघ्न पड़ सकता है। यह बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए दिए गया है। इस बयान से परिवादी और अन्य राष्ट्रभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।
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