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कोर्ट में अर्जी.. पथरी के ऑपरेशन के दौरान निकाल ली एक किडनी
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- फोटो : demo photo
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इज्जतनगर इलाके के युवक ने तीन डॉक्टरों समेत चार पर लगाया आरोप
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बरेली। इज्जतनगर इलाके के एक युवक ने तीन डॉक्टरों समेत चार लोगों के खिलाफ पथरी के ऑपरेशन के बहाने उसकी एक किडनी निकाल लेने का आरोप लगाया है। इस मामले में सीजेएम कोर्ट में अर्जी देकर एफआईआर कराने की फरियाद की गई है। अदालत ने सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख तय की है।
इज्जतनगर के गांव सैदपुर हाकिंस में रहने वाले सखावत हुसैन की अर्जी के मुताबिक पेट दर्द होने पर वह कुंवरपुर बंजरिया गांव में क्लिनिक चलाने वाले अपने रिश्तेदार नूर अहमद के जरिये पांच जनवरी 2013 को पवन अस्पताल के डॉ. पवन को दिखाने पहुंचे थे। डॉ. पवन ने अल्ट्रासाउंड कराकर बताया कि उनके दाहिनी किडनी में पथरी है जिसे ऑपरेशन कर निकालना होगा। सखावत के मुताबिक छह जनवरी 2013 को डॉ. पवन और उनके दो सहयोगी डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया और फिर 15 दिन अस्पताल में भर्ती रखा।
सखावत के मुताबिक कुछ दिन बाद फिर दर्द हुआ तो उन्होंने नूर मोहम्मद को बताया। नूर मोहम्मद उन्हें दवा देता रहा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 17 अक्तूबर 2020 को उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि उनकी दाहिनी किडनी मौजूद नहीं है। उन्होंने 29 जनवरी 2021 को दूसरी जगह अल्ट्रासाउंड कराया। यहां भी डॉक्टर ने बताया कि उनके शरीर में एक ही किडनी है। इसके बाद उन्होंने नूर अहमद से शिकायत की कि ऑपरेशन के दौरान उनकी किडनी निकाल ली गई तो उसने उन्हें टाल दिया।
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सखावत ने अर्जी में कहा है कि 10 फरवरी 2021 को उन्होंने डॉ. पवन के पास जाकर अपने ऑपरेशन का रिकार्ड मांगा तो उन्होंने रिकार्ड होने से साफ इनकार कर दिया। अगले दिन अखबार में विज्ञापन भी प्रकाशित करा दिया कि उनके अस्पताल में 2016 तक का रिकार्ड नष्ट कर दिया गया है। सखावत ने अर्जी में आरोप लगाया है कि डॉ. पवन और उनके सहयोगी डॉक्टरों ने नियोजित तरीके से तस्करी करने के इरादे से ऑपरेशन के बहाने उनकी किडनी निकाल ली।
इज्जतनगर के गांव सैदपुर हाकिंस में रहने वाले सखावत हुसैन की अर्जी के मुताबिक पेट दर्द होने पर वह कुंवरपुर बंजरिया गांव में क्लिनिक चलाने वाले अपने रिश्तेदार नूर अहमद के जरिये पांच जनवरी 2013 को पवन अस्पताल के डॉ. पवन को दिखाने पहुंचे थे। डॉ. पवन ने अल्ट्रासाउंड कराकर बताया कि उनके दाहिनी किडनी में पथरी है जिसे ऑपरेशन कर निकालना होगा। सखावत के मुताबिक छह जनवरी 2013 को डॉ. पवन और उनके दो सहयोगी डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया और फिर 15 दिन अस्पताल में भर्ती रखा।
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सखावत के मुताबिक कुछ दिन बाद फिर दर्द हुआ तो उन्होंने नूर मोहम्मद को बताया। नूर मोहम्मद उन्हें दवा देता रहा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 17 अक्तूबर 2020 को उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि उनकी दाहिनी किडनी मौजूद नहीं है। उन्होंने 29 जनवरी 2021 को दूसरी जगह अल्ट्रासाउंड कराया। यहां भी डॉक्टर ने बताया कि उनके शरीर में एक ही किडनी है। इसके बाद उन्होंने नूर अहमद से शिकायत की कि ऑपरेशन के दौरान उनकी किडनी निकाल ली गई तो उसने उन्हें टाल दिया।
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सखावत ने अर्जी में कहा है कि 10 फरवरी 2021 को उन्होंने डॉ. पवन के पास जाकर अपने ऑपरेशन का रिकार्ड मांगा तो उन्होंने रिकार्ड होने से साफ इनकार कर दिया। अगले दिन अखबार में विज्ञापन भी प्रकाशित करा दिया कि उनके अस्पताल में 2016 तक का रिकार्ड नष्ट कर दिया गया है। सखावत ने अर्जी में आरोप लगाया है कि डॉ. पवन और उनके सहयोगी डॉक्टरों ने नियोजित तरीके से तस्करी करने के इरादे से ऑपरेशन के बहाने उनकी किडनी निकाल ली।