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शर्तों के साथ खुला घोड़ा बटालियन रोड
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बरेली। ट्रैफिक जाम की वजह से आठ महीने से बंद सेना की घोड़ा बटालियन को एक बार फिर आम लोगों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन सेटेलाइट चौराहे को बियावानी चौराहे से जोड़ने वाली इस छह सौ मीटर की सड़क पर न सिर्फ आठ बैरियर लगाए गए हैं बल्कि कई कड़ी शर्तें भी लागू की हैं।
इससे पहले 2019 में पूर्व सैनिकों और कैंट इलाके में रहने वालों की मांग पर घोड़ा बटालियन रोड को खोला गया था। हालांकि यह निर्णय लेने से पहले शहरवासियों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थीं। करीब छह सौ लोगों ने लिखित तौर पर रोड खोलने की मांग की थी। इसके बाद करीब आठ महीने तक घोड़ा बटालियन रोड खुली रही, लेकिन पिछले साल मार्च में कोरोना की शुरुआत के बाद इस रोड को फिर अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। इस बीच लंबा लॉकडाउन रहने से ट्रैफिक पर भी कोई असर नहीं पड़ा, लोगों ने भी रोड बंद करने पर आपत्ति नहीं की। हाल ही में एक बार फिर रोड को खोलने की मांग अगस्त में शुरू हुई थी।
इसके बाद 18 अगस्त को कैंट बोर्ड कार्यालय ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से 18 सितंबर तक घोड़ा बटालियन रोड खोलने के लिए आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। रोड खोलने के समर्थन में विधायक और सांसद समेत कैंट में रहने वाले तमाम लोगों और कारोबारियों के साथ कई शहरवासियों ने भी कैंट बोर्ड पत्र लिखा है। इस बीच सोमवार को ही घोड़ा बटालियन कमांडेंट के निर्देश पर रोड को खोल दिया गया।
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वन वे: सेटेलाइट से प्रवेश, ईसाईयों की पुलिया से वापसी
सड़क को दोनों ओर से खोलने का फैसला 18 के बाद
बताया जाता है कि पहले जब घोड़ा बटालियन रोड खोली गई थी तो बियावानी कोठी और सेटेलाइट चौराहे दोनों ओर से प्रवेश पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ दिनों बाद सैन्य अधिकारियों ने इस रोड को वन वे कर दिया था। लोगों ने इस आपत्ति भी की थीं। अब सोमवार को रोड खोलने के साथ वन वे प्रवेश की पाबंदी लागू की गई है। सेटेलाइट चौराहे की ओर से ही से वाहनों को सड़क पर आने की अनुमति दी जाएगी। बियावानी चौराहे की ओर से ट्रैफिक ईसाईयों की पुलिया पर निकलेगा। बताया जाता है कि कैंट बोर्ड ने 18 सितंबर तक लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। अब तक ज्यादातर लोगों ने रोड को दोनों ओर से खोले जाने की मांग की है। उम्मीद जताई जा रही है कि 18 सितंबर के बाद अंतिम निर्णय होगा और आपत्तियों के आधार पर रोड को दोनों ओर से खोला जा सकता है।
पहले नहीं लागू थी इस तरह की पाबंदियां
सेना ने इस बार छह सौ मीटर लंबी रोड पर आठ बैरियर लगाने के साथ उसे वन वे किया है और दोनों गेट के पास जिग जैग भी बनाया है। पहले रोड इस तरह की पाबंदियां लागू नहीं थीं। इस बार रोड पर आने के लिए रजिस्टर पर भी एंट्री करनी होगी। हेलमेट के बगैर दोपहिया वाहन वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा लाइसेंस भी दिखाना होगा
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इससे पहले 2019 में पूर्व सैनिकों और कैंट इलाके में रहने वालों की मांग पर घोड़ा बटालियन रोड को खोला गया था। हालांकि यह निर्णय लेने से पहले शहरवासियों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थीं। करीब छह सौ लोगों ने लिखित तौर पर रोड खोलने की मांग की थी। इसके बाद करीब आठ महीने तक घोड़ा बटालियन रोड खुली रही, लेकिन पिछले साल मार्च में कोरोना की शुरुआत के बाद इस रोड को फिर अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। इस बीच लंबा लॉकडाउन रहने से ट्रैफिक पर भी कोई असर नहीं पड़ा, लोगों ने भी रोड बंद करने पर आपत्ति नहीं की। हाल ही में एक बार फिर रोड को खोलने की मांग अगस्त में शुरू हुई थी।
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इसके बाद 18 अगस्त को कैंट बोर्ड कार्यालय ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से 18 सितंबर तक घोड़ा बटालियन रोड खोलने के लिए आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। रोड खोलने के समर्थन में विधायक और सांसद समेत कैंट में रहने वाले तमाम लोगों और कारोबारियों के साथ कई शहरवासियों ने भी कैंट बोर्ड पत्र लिखा है। इस बीच सोमवार को ही घोड़ा बटालियन कमांडेंट के निर्देश पर रोड को खोल दिया गया।
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वन वे: सेटेलाइट से प्रवेश, ईसाईयों की पुलिया से वापसी
सड़क को दोनों ओर से खोलने का फैसला 18 के बाद
बताया जाता है कि पहले जब घोड़ा बटालियन रोड खोली गई थी तो बियावानी कोठी और सेटेलाइट चौराहे दोनों ओर से प्रवेश पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ दिनों बाद सैन्य अधिकारियों ने इस रोड को वन वे कर दिया था। लोगों ने इस आपत्ति भी की थीं। अब सोमवार को रोड खोलने के साथ वन वे प्रवेश की पाबंदी लागू की गई है। सेटेलाइट चौराहे की ओर से ही से वाहनों को सड़क पर आने की अनुमति दी जाएगी। बियावानी चौराहे की ओर से ट्रैफिक ईसाईयों की पुलिया पर निकलेगा। बताया जाता है कि कैंट बोर्ड ने 18 सितंबर तक लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। अब तक ज्यादातर लोगों ने रोड को दोनों ओर से खोले जाने की मांग की है। उम्मीद जताई जा रही है कि 18 सितंबर के बाद अंतिम निर्णय होगा और आपत्तियों के आधार पर रोड को दोनों ओर से खोला जा सकता है।
पहले नहीं लागू थी इस तरह की पाबंदियां
सेना ने इस बार छह सौ मीटर लंबी रोड पर आठ बैरियर लगाने के साथ उसे वन वे किया है और दोनों गेट के पास जिग जैग भी बनाया है। पहले रोड इस तरह की पाबंदियां लागू नहीं थीं। इस बार रोड पर आने के लिए रजिस्टर पर भी एंट्री करनी होगी। हेलमेट के बगैर दोपहिया वाहन वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा लाइसेंस भी दिखाना होगा