{"_id":"56e9bac54f1c1b4d6b8b4c63","slug":"an-examination-center-in-the-district-with-a-mess-of-a-night-owl","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक परीक्षा केंद्र की गड़बड़ी से पूरे जिले में रतजगा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक परीक्षा केंद्र की गड़बड़ी से पूरे जिले में रतजगा
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड परीक्षा में धनीराम इंटर कॉलेज दमखोदा में नागरिक शास्त्र का पेपर दो दिन पहले खुलने और उसकी सूचना समय से न देने की वजह से पूरे में जिले में रतजगा रहा। सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापक, अधिकारी और कर्मचारी संकलन केंद्र पर पूरी रात बैठे रहे। रात तीन बजे इलाहाबाद से पेपर आया। सुबह पांच-छह बजे तक परीक्षा केंद्रों पर पहुंच पाया। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक पेपर लेकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और परीक्षा कराने के बाद ही सो पाए।
इंटरमीडिएट नागरिक शास्त्र के सेकेंड पेपर की परीक्षा बुधवार सुबह सात बजे से होनी थी, लेकिन धनीराम इंटर कॉलेज दमखोदा मेें सोमवार को ही नागरिक शास्त्र फर्स्ट पेपर की परीक्षा में सेकेंड पेपर खोल दिया। पेपर खोलने के बाद फिर से उसे लिफाफे में बंद कर दिया गया। इसकी सूचना अधिकारियों को भी दी नहीं दी। अगले दिन मंगलवार को जब किसी बाहरी व्यक्ति ने जेडी को बता दिया तो उन्होंने डीआईओएस से जांच कराने के लिए कहा। डीआईओएस ने जांच कराई तो मामला खुला। इसके आनन-फानन में सभी 108 परीक्षा केंद्रों पर पेपर बदलने के निर्देश दे दिए गए और इलाहाबाद बोर्ड को फैक्स भेजकर नए पेपर मंगवाए। सुबह के मंगवाए पेपर इलाहाबाद रात तीन बजे संकलन केंद्र पर पहुंचे। जब तक सभी केंद्र व्यवस्थापक, डीआईओएस और बोर्ड का काम करने वाले कर्मचारी वहां बैठे रहे। पेपर आने के बाद बांटे गए और सुबह पांच-छह बजे तक परीक्षा केंद्रों पर पेपर पहुंच पाए। पेपर लेकर जाने वाले केंद्र व्यवस्थापक, अधिकारी और कर्मचारी सभी पूरी रात नहीं सो पाए।
विज्ञापन
इंटरमीडिएट नागरिक शास्त्र के सेकेंड पेपर की परीक्षा बुधवार सुबह सात बजे से होनी थी, लेकिन धनीराम इंटर कॉलेज दमखोदा मेें सोमवार को ही नागरिक शास्त्र फर्स्ट पेपर की परीक्षा में सेकेंड पेपर खोल दिया। पेपर खोलने के बाद फिर से उसे लिफाफे में बंद कर दिया गया। इसकी सूचना अधिकारियों को भी दी नहीं दी। अगले दिन मंगलवार को जब किसी बाहरी व्यक्ति ने जेडी को बता दिया तो उन्होंने डीआईओएस से जांच कराने के लिए कहा। डीआईओएस ने जांच कराई तो मामला खुला। इसके आनन-फानन में सभी 108 परीक्षा केंद्रों पर पेपर बदलने के निर्देश दे दिए गए और इलाहाबाद बोर्ड को फैक्स भेजकर नए पेपर मंगवाए। सुबह के मंगवाए पेपर इलाहाबाद रात तीन बजे संकलन केंद्र पर पहुंचे। जब तक सभी केंद्र व्यवस्थापक, डीआईओएस और बोर्ड का काम करने वाले कर्मचारी वहां बैठे रहे। पेपर आने के बाद बांटे गए और सुबह पांच-छह बजे तक परीक्षा केंद्रों पर पेपर पहुंच पाए। पेपर लेकर जाने वाले केंद्र व्यवस्थापक, अधिकारी और कर्मचारी सभी पूरी रात नहीं सो पाए।
विज्ञापन