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Bareilly News: अमीन संघ एसएसपी से मिला, एंटीकरप्शन सीओ ने शुरू की जांच
Tue, 10 Oct 2023 01:57 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:57 AM IST
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बरेली। रिश्वत लेते पकड़े गए अमीन रामजी शरण की गिरफ्तारी के बाद होटल में हुई पार्टी को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब अमीन संघ के जिलाध्यक्ष ने एसएसपी को पत्र देकर एंटीकरप्शन टीम की नीयत पर सवाल उठाए हैं। वहीं सीओ एंटीकरप्शन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
एंटी करप्शन ने संग्रह अमीन रामजीशरण को रिश्वत लेने के मामले में जेल भेजा था। इसके ठीक बाद एंटी करप्शन के दो इंस्पेक्टर व सिपाही, बारादरी थाने के मुखबिर चाइनीज और संग्रह अमीन मनोज यादव का नाश्ता करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। रामजीशरण के भाई अमीन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो मारपीट हो गई। सीसीटीवी में घटना कैद होने के बाद मनोज ने सर्वेश और उनके साथी अमीन पर रिपोर्ट कराई थी।
इसके बाद से सर्वेश व उनके साथी मनोज व पार्टी में मौजूद लोगों पर रिपोर्ट कराने के लिए घूम रहे हैं। दोनों गुट सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। फिर दोनों ओर से एसएसपी को ज्ञापन दिया गया। इधर, एंटी करप्शन के सीओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने भी प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अगर उनके इंस्पेक्टर या कर्मचारी दोषी मिले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों पक्षों ने दी दलील
- सर्वेश गुट ने एंटी करप्शन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि याकूब उस दिन आरसी की आंशिक रकम जमा कराने आया था। रामजीशरण रसीद बना रहे थे। इस दौरान एंटी करप्शन ने उनको गिरफ्तार कर लिया। वहीं मनोज ने बताया कि उनके साथ मारपीट की घटना रेस्टोरेंट के सीसीटीवी में कैद हो गई है। सर्वेश गुट बेवजह क्रास एफआईआर दर्ज कराना चाहता है, जबकि एंटी करप्शन से उनका कोई लेना देना नहीं है।
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सौदेबाजी के लिए चर्चित है चाइनीज
- बारादरी थाने के साथ ही आसपास के दूसरे थानों के मामले में सौदेबाजी के लिए मुखबिर चाइनीज का नाम काफी चर्चित है। वह लोगों पर बेवजह रिपोर्ट कराने और फिर केस से उनका नाम निकलवाने के नाम पर सौदेबाजी करता है। सूत्र बताते हैं कि इसका कुछ हिस्सा संबंधित लोगों तक पहुंचाता भी है पर बाकी रकम खुद रख लेता है। बारादरी के एक पूर्व थाना प्रभारी ने उसकी हरकतों की वजह से काफी बदनामी भी झेली और मौजूदा थाना प्रभारी ने उसके थाने में घुसने पर रोक लगा रखी है। इसके बाद से वह एंटी करप्शन व दूसरे थानों के मामले में डील कराने लगा है।
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एंटी करप्शन ने संग्रह अमीन रामजीशरण को रिश्वत लेने के मामले में जेल भेजा था। इसके ठीक बाद एंटी करप्शन के दो इंस्पेक्टर व सिपाही, बारादरी थाने के मुखबिर चाइनीज और संग्रह अमीन मनोज यादव का नाश्ता करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। रामजीशरण के भाई अमीन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो मारपीट हो गई। सीसीटीवी में घटना कैद होने के बाद मनोज ने सर्वेश और उनके साथी अमीन पर रिपोर्ट कराई थी।
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इसके बाद से सर्वेश व उनके साथी मनोज व पार्टी में मौजूद लोगों पर रिपोर्ट कराने के लिए घूम रहे हैं। दोनों गुट सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। फिर दोनों ओर से एसएसपी को ज्ञापन दिया गया। इधर, एंटी करप्शन के सीओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने भी प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अगर उनके इंस्पेक्टर या कर्मचारी दोषी मिले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों पक्षों ने दी दलील
- सर्वेश गुट ने एंटी करप्शन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि याकूब उस दिन आरसी की आंशिक रकम जमा कराने आया था। रामजीशरण रसीद बना रहे थे। इस दौरान एंटी करप्शन ने उनको गिरफ्तार कर लिया। वहीं मनोज ने बताया कि उनके साथ मारपीट की घटना रेस्टोरेंट के सीसीटीवी में कैद हो गई है। सर्वेश गुट बेवजह क्रास एफआईआर दर्ज कराना चाहता है, जबकि एंटी करप्शन से उनका कोई लेना देना नहीं है।
सौदेबाजी के लिए चर्चित है चाइनीज
- बारादरी थाने के साथ ही आसपास के दूसरे थानों के मामले में सौदेबाजी के लिए मुखबिर चाइनीज का नाम काफी चर्चित है। वह लोगों पर बेवजह रिपोर्ट कराने और फिर केस से उनका नाम निकलवाने के नाम पर सौदेबाजी करता है। सूत्र बताते हैं कि इसका कुछ हिस्सा संबंधित लोगों तक पहुंचाता भी है पर बाकी रकम खुद रख लेता है। बारादरी के एक पूर्व थाना प्रभारी ने उसकी हरकतों की वजह से काफी बदनामी भी झेली और मौजूदा थाना प्रभारी ने उसके थाने में घुसने पर रोक लगा रखी है। इसके बाद से वह एंटी करप्शन व दूसरे थानों के मामले में डील कराने लगा है।