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Bareilly News: संघर्षों के बीच रंजना बनीं बेटियों के लिए प्रेरणा
Sun, 05 Apr 2026 02:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:40 AM IST
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फ्यूचर विश्वविद्यालय में आयोजित 54वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में जिले की 19 वर्षीय खिलाड़ी रंजना कश्यप ने अपने शानदार प्रदर्शन से न सिर्फ उत्तर प्रदेश टीम को उपविजेता बनने में मदद की, बल्कि संघर्ष और समर्पण की एक मिसाल भी पेश की। खास बात यह रही कि टीम में शामिल खिलाड़ियों में रंजना इकलौती मेजबान जिले की खिलाड़ी थीं, जिन्होंने अपने पहले ही राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले में सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कांधरपुर निवासी रंजना का सफर आसान नहीं रहा। मजदूर पिता की सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। वह रोजाना स्टेडियम तक साइकिल से पहुंचकर करीब चार घंटे अभ्यास करती हैं। पिछले पांच वर्षों से लगातार मेहनत कर रही रंजना ने कभी भी घर की आर्थिक स्थिति को अपने खेल के बीच नहीं आने दिया। वह बताती हैं कि डाइट या जूतों की जरूरत होने पर भी उन्होंने परिवार पर दबाव नहीं डाला, बल्कि प्रतियोगिताओं से मिली इनामी राशि और कोच की मदद से अपने खर्च पूरे किए।
- ट्रायल और कैंप के माध्यम से टीम में बनाई जगह
राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले 12 मार्च को लखनऊ में हुए ट्रायल और फिर कैंप में भी रंजना ने खुद को साबित किया, जिसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश टीम में जगह मिली। उनकी कोच मोनिका सिंह ने बताया कि रंजना की लगन और अनुशासन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। हैंडबॉल सचिव फसील बेग और आरएसओ चंचल मिश्रा ने भी रंजना की उपलब्धि को जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। कोच मोनिका सिंह का कहना है कि उनका लक्ष्य रंजना को खेल कोटे से नौकरी दिलाकर उसे और उसके परिवार को बेहतर भविष्य देना है।
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कांधरपुर निवासी रंजना का सफर आसान नहीं रहा। मजदूर पिता की सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। वह रोजाना स्टेडियम तक साइकिल से पहुंचकर करीब चार घंटे अभ्यास करती हैं। पिछले पांच वर्षों से लगातार मेहनत कर रही रंजना ने कभी भी घर की आर्थिक स्थिति को अपने खेल के बीच नहीं आने दिया। वह बताती हैं कि डाइट या जूतों की जरूरत होने पर भी उन्होंने परिवार पर दबाव नहीं डाला, बल्कि प्रतियोगिताओं से मिली इनामी राशि और कोच की मदद से अपने खर्च पूरे किए।
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- ट्रायल और कैंप के माध्यम से टीम में बनाई जगह
राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले 12 मार्च को लखनऊ में हुए ट्रायल और फिर कैंप में भी रंजना ने खुद को साबित किया, जिसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश टीम में जगह मिली। उनकी कोच मोनिका सिंह ने बताया कि रंजना की लगन और अनुशासन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। हैंडबॉल सचिव फसील बेग और आरएसओ चंचल मिश्रा ने भी रंजना की उपलब्धि को जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। कोच मोनिका सिंह का कहना है कि उनका लक्ष्य रंजना को खेल कोटे से नौकरी दिलाकर उसे और उसके परिवार को बेहतर भविष्य देना है।
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