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Bareilly News: चहेती फर्म को टेंडर देने का आरोप, जांच शुरू
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बरेली। विद्युत निगम में लाइन शिफ्टिंग के टेंडर को लेकर अनियमितता के आरोप लगे हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को ईमेल भेजकर टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है। मामला रामपुर रोड स्थित डिवीजन प्रथम ग्रामीण का है। सड़क चौड़ीकरण के लिए मिर्जापुर से नरखेड़ा-मड़वा वंशीपुर होते हुए आनंदपुर मार्ग की विद्युत लाइन शिफ्ट की जानी है। इसके लिए निगम ने फुल डिपॉजिट स्कीम के तहत टेंडर मांगे थे।
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी विवेक सिंह की ओर से की गई शिकायत के अनुसार, टेंडर दस्तावेज में निविदा प्रपत्र के मूल्य और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) में छूट नहीं देने की शर्त दर्ज थी। इसके बावजूद आरएस इंजीनियरिंग ने निविदा शुल्क और ईएमडी के स्थान पर एमएसएमई के तहत छूट का दावा किया।
आरोप है कि अधिकारियों ने इस दावे को स्वीकार कर फर्म को तकनीकी रूप से योग्य मान लिया, जबकि अन्य प्रतिभागी फर्मों ने निर्धारित धनराशि जमा की थी। शिकायतकर्ता ने इस निर्णय को निविदा की शर्तों के विपरीत बताते हुए पूरी प्रक्रिया की तकनीकी और वित्तीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों के तहत छूट अनुमन्य नहीं थी तो उसे स्वीकार करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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किसी भी कार्य के टेंडर सर्किल स्तर पर होते हैं। डिविजन स्तर पर टेंडर नहीं किए जाते हैं। लाइन शिफ्टिंग संबंधी टेंडर में गड़बड़ी संबंधी कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। - एके सिंह, मुख्य अभियंता वितरण
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लखनऊ के गोमतीनगर निवासी विवेक सिंह की ओर से की गई शिकायत के अनुसार, टेंडर दस्तावेज में निविदा प्रपत्र के मूल्य और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) में छूट नहीं देने की शर्त दर्ज थी। इसके बावजूद आरएस इंजीनियरिंग ने निविदा शुल्क और ईएमडी के स्थान पर एमएसएमई के तहत छूट का दावा किया।
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आरोप है कि अधिकारियों ने इस दावे को स्वीकार कर फर्म को तकनीकी रूप से योग्य मान लिया, जबकि अन्य प्रतिभागी फर्मों ने निर्धारित धनराशि जमा की थी। शिकायतकर्ता ने इस निर्णय को निविदा की शर्तों के विपरीत बताते हुए पूरी प्रक्रिया की तकनीकी और वित्तीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों के तहत छूट अनुमन्य नहीं थी तो उसे स्वीकार करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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किसी भी कार्य के टेंडर सर्किल स्तर पर होते हैं। डिविजन स्तर पर टेंडर नहीं किए जाते हैं। लाइन शिफ्टिंग संबंधी टेंडर में गड़बड़ी संबंधी कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। - एके सिंह, मुख्य अभियंता वितरण