फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   All India Tanzeem Ulma Islam issues muslim agenda on day 1 of Urs e Razvi

उर्स-ए-रजवी: पहले दिन ऑल इंडिया तंजीम उलमा इस्लाम ने जारी किया मुस्लिम एजेंडा

Sun, 03 Oct 2021 09:18 AM IST
प्राची प्रियम संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: प्राची प्रियम Updated Sun, 03 Oct 2021 09:18 AM IST
सार

एजेंडे में कहा गया कि राजनीतिक दल वोट के लिए मुसलमानों का इस्तेमाल करते हैं और सरकार बनने के बाद भूल जाते हैं। मुसलमान किसी भी राजनीतिक दल का गुलाम नहीं है इसलिए यह रवैया छोड़ा जाए। ऐजेंडे में एलान किया गया है कि जो दल मुसलमानों के लिए काम करेगा और उनके अधिकारों पर ध्यान देगा, वे उसी के साथ खड़े होंगे।
 

विज्ञापन
All India Tanzeem Ulma Islam issues muslim agenda on day 1 of Urs e Razvi
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

उर्स-ए-रजवी के पहले दिन ऑल इंडिया तंजीम उलमा इस्लाम की ओर से जारी मुस्लिम एजेंडे में राजनीतिक दलों को हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत फैलाने से बाज आने को कहा गया। उलमा ने कहा कि मुसलमानों के साथ नाइंसाफी और जुल्म-ज्यादती भी ज्यादा दिन बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सरकारें और राजनीतिक दल इन मुद्दों पर गंभीरता से गौर करें और मुसलमानों के प्रति अपने आचरण में बदलाव लाएं।

विज्ञापन


एजेंडा जारी करने से पहले देश भर के प्रमुख उलमा और आलिमों ने बरेलवी मरकज दरगाह आला हजरत स्थित इस्लामिक रिसर्च सेंटर पर तंजीम उलमा-ए-इस्लाम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की हुई बैठक में शिरकत कर मुसलमानों के मुद्दों पर मंथन किया। इसके बाद तंजीम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने 17 सूत्री मुस्लिम एजेंडा जारी किया। 
विज्ञापन


एजेंडे में केंद्र और राज्यों की सरकारों के साथ राजनीतिक दलों से देश की एकता और अखंडता के लिए काम करने, बेकसूर उलमा और मुस्लिम नौजवानों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने, लव जिहाद, धर्मांतरण, टेरर फंडिंग और आतंकवाद के नाम पर भयभीत करना बंद कर आर्थिक आधार पर मुसलमानों को आरक्षण देने जैसी मांगें की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एजेंडे में कहा गया कि राजनीतिक दल वोट के लिए मुसलमानों का इस्तेमाल करते हैं और सरकार बनने के बाद भूल जाते हैं। मुसलमान किसी भी राजनीतिक दल का गुलाम नहीं है इसलिए यह रवैया छोड़ा जाए। ऐजेंडे में एलान किया गया है कि जो दल मुसलमानों के लिए काम करेगा और उनके अधिकारों पर ध्यान देगा, वे उसी के साथ खड़े होंगे।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश के कई प्रमुख उलमा और आलिम ने वर्चुअल शिरकत भी की। इनमें ग्रांड मुफ्ती ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि केरल के मुफ्ती सादिक सकाफी, पश्चिम बंगाल के मौलाना मजहर इमाम, कर्नाटक के मौलाना अब्दुल सलाम, आंध्र प्रदेश के मौलाना रिजवान, राजस्थान के मुफ्ती शाकिरुल कादरी, उत्तराखंड के मौलाना जाहिद रजा रजवी, दिल्ली के कारी सगीर अहमद रजवी आदि शामिल थे।


बेटियों का हक नजरंदाज न करें मुसलमान
मुस्लिम एजेंडे में मुसलमानों को शिक्षा, व्यापार और परिवार पर ध्यान देने के साथ समाज में फैली बुराइयों की रोकथाम करने की हिदायत देते हुए आगाह किया गया है कि ऐसा न किया तो भविष्य में नुकसान उठाना पड़ेगा। मालदार मुसलमानों से गरीबों-कमजोरों के बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने, मकतबों में अरबी उर्दू के साथ हिंदी, अंग्रेजी और कंप्यूटर की शिक्षा देने, जमीन-जायजाद में बेटियों के हक को नजरंदाज न करने को भी कहा गया है। जकात की सामूहिक व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा गया है कि इससे जरूरतमंदों की मदद हो सकेगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed