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Bareilly News: गोंडा रेल हादसे में अलीगंज के युवक की मौत, 13 ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित
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अलीगंज (बरेली)। भाभी को बुलाने चंडीगढ़ से बिहार जा रहे युवक की गोंडा रेल हादसे में जान चली गई। हादसे की सूचना मिलते ही बदहवास परिजन मौके के लिए रवाना हो गए। इधर हादसे की वजह से 13 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित करना पड़ा। कई ट्रेनों घंटों देरी से जंक्शन आईं।
अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव धनेती अधकटा निवासी राहुल (20) अपने बड़े भाई भगवानदास की पत्नी संगम व उनके बच्चों को बुलाने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ से ट्रेन से बिहार के खगरिया जा रहे थे। गोंडा रेल हादसे में राहुल जख्मी हो गए। राहुल को गोंडा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ के लिए रेफर कर दिया पर बहराइच से पहले राहुल ने दम तोड़ दिया। राहुल का मोबाइल फोन हादसे में टूट गया था। पुलिसकर्मियों ने उनका सिम अपने मोबाइल फोन में डालकर शिनाख्त की। परिजनों को हादसे की सूचना दी। राहुल के परिजन चंडीगढ़ से शव लेने के लिए रवाना हो चुके हैं।
राहुल के पिता नत्थूलाल बीस साल पहले अधकटा से जाकर चंडीगढ़ में बस गए थे। वहां वह रेहड़ी पर छोले बेचने लगे थे। राहुल व उनसे बड़े तीन भाई भी चंडीगढ़ में रहते थे। गांव में उनके पिता के नाम साढ़े छह बीघा जमीन और मकान है, जिसमें राहुल के चाचा का परिवार रहता है। तीन साल पहले राहुल के पिता नत्थूराम रेल लाइन किनारे टहलते वक्त ट्रेन की चपेट में आ गए थे, उनकी तभी मौत हो गई। संवाद
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अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव धनेती अधकटा निवासी राहुल (20) अपने बड़े भाई भगवानदास की पत्नी संगम व उनके बच्चों को बुलाने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ से ट्रेन से बिहार के खगरिया जा रहे थे। गोंडा रेल हादसे में राहुल जख्मी हो गए। राहुल को गोंडा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ के लिए रेफर कर दिया पर बहराइच से पहले राहुल ने दम तोड़ दिया। राहुल का मोबाइल फोन हादसे में टूट गया था। पुलिसकर्मियों ने उनका सिम अपने मोबाइल फोन में डालकर शिनाख्त की। परिजनों को हादसे की सूचना दी। राहुल के परिजन चंडीगढ़ से शव लेने के लिए रवाना हो चुके हैं।
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राहुल के पिता नत्थूलाल बीस साल पहले अधकटा से जाकर चंडीगढ़ में बस गए थे। वहां वह रेहड़ी पर छोले बेचने लगे थे। राहुल व उनसे बड़े तीन भाई भी चंडीगढ़ में रहते थे। गांव में उनके पिता के नाम साढ़े छह बीघा जमीन और मकान है, जिसमें राहुल के चाचा का परिवार रहता है। तीन साल पहले राहुल के पिता नत्थूराम रेल लाइन किनारे टहलते वक्त ट्रेन की चपेट में आ गए थे, उनकी तभी मौत हो गई। संवाद
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