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खानकाह नियाजिया के इमामबाडे में शुरू हुई अजादारी
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अजादारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
इस बार नहीं निकलेगा मोहर्रम का जुलूस, शहर में कई जगह हुई नियाज नजर
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बरेली। मोहर्रम पर खानकाह नियाजिया के इमामबाड़े में अजादारी का सिलसिला शुरू हो गया है। अलबत्ता छठवीं मोहर्रम पर निकलने वाला जुलूस कोविड संक्रमण के चलते इस बार नहीं निकाला जाएगा। वहीं शहर भर में नियाज नजर का सिलसिला कायम रहा।
इमाम हुसैन की याद में पांचवीं मोहर्रम पर खानकाह नियाजिया में इस बार सन्नाटा दिखा, मगर रूहानियत में कोई कमी नहीं नजर नहीं आ रही है। सोमवार शाम इमामबाड़ा खुलने के बाद यहां रौनक दिखी। दिन में भले ही चंद अकीदतमंद ही हाजिरी देने पहुंचे, मगर खानवादों की मौजूदगी से ही यहां की चहल पहल बरकरार है। इसी दिन से छठवीं मोहर्रम पर निकलने वाले जुलूस की तैयारियां भी शुरू हो जाती थीं। देश विदेश के मेहमान बड़ी तादात में नजर आने लगते थे, लेकिन इस बार जुलूस नहीं निकलेगा।
खानकाह के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी ने बताया कि कि इस बार जुलूस नहीं निकाला जाएगा और न ही सामूहिक लंगर होगा। इसकी जगह लंगर लोगों के घर भेजने की व्यवस्था रहेगी। इसमें शामिल होने के लिए बाहर से आने वाले मेहमानों को पहले ही मना कर दिया गया था। बुधवार को खानकाही इमामबाडे़ पर ही अजादारी रहेगी। इधर, शहर भर में इमामबाड़ों और तमाम घरों पर नियाज नजर का सिलसिला जारी रहा।
इमाम हुसैन की याद में पांचवीं मोहर्रम पर खानकाह नियाजिया में इस बार सन्नाटा दिखा, मगर रूहानियत में कोई कमी नहीं नजर नहीं आ रही है। सोमवार शाम इमामबाड़ा खुलने के बाद यहां रौनक दिखी। दिन में भले ही चंद अकीदतमंद ही हाजिरी देने पहुंचे, मगर खानवादों की मौजूदगी से ही यहां की चहल पहल बरकरार है। इसी दिन से छठवीं मोहर्रम पर निकलने वाले जुलूस की तैयारियां भी शुरू हो जाती थीं। देश विदेश के मेहमान बड़ी तादात में नजर आने लगते थे, लेकिन इस बार जुलूस नहीं निकलेगा।
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खानकाह के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी ने बताया कि कि इस बार जुलूस नहीं निकाला जाएगा और न ही सामूहिक लंगर होगा। इसकी जगह लंगर लोगों के घर भेजने की व्यवस्था रहेगी। इसमें शामिल होने के लिए बाहर से आने वाले मेहमानों को पहले ही मना कर दिया गया था। बुधवार को खानकाही इमामबाडे़ पर ही अजादारी रहेगी। इधर, शहर भर में इमामबाड़ों और तमाम घरों पर नियाज नजर का सिलसिला जारी रहा।
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