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किसानों के साथ डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे गोला विधायक
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लखीमपुर खीरी में डीएम कार्यालय के बाहर मौन धरना देते गोला विधायक अरविंद गिरि।
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। धान खरीद शुरू न होने से नाराज गोला विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अरविंद गिरि बृहस्पतिवार की दोपहर किसानों के साथ डीएम कार्यालय के बाहर मौन धरने पर बैठ गए । शाम चार बजे के बाद मौन व्रत तोड़ा और मांग संबंधी पत्र डीएम को सौंपा है। पत्र में विधायक ने गोला क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों पर खरीद अब तक शुरू न होने पर नाराजगी जताई है।
विधायक अरविंद गिरि ने डीएम को दिए पत्र के माध्यम से बताया है कि पिछले वर्ष धान किसानों का दोहन हुआ। अनियमितताओं के विरुद्ध रिपोर्ट कराई गई और साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए । अधिकारियों, बिचौलियों व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत का नतीजा सामने आया कि गोला क्षेत्र में 300 से अधिक राशन कार्ड इसी आधार पर निरस्त कर दिए गए, क्योंकि उन्होंने तीन लाख से लेकर 15 लाख रुपये तक का गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा था। पिछले वर्ष सौ क्विंटल धान क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए सत्यापन की आवश्यकता नहीं थी, जो इस वर्ष 50 क्विंटल कर दी गई है। अधिक बेचने पर सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष किसान पोर्टल पर अपना खाता नंबर डाल सकता था, लेकिन इस वर्ष क्रय नीति में इसे समाप्त कर दिया गया हैै। इससे किसानों को यह नहीं पता कि हमारा पैसा किस खाते में आएगा। किसानों द्वारा नामिनी बनाए गए लोगों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने कहा है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अनेकानेक प्रतिबंध धान किसानों पर जो लगाए गए हैं। यह अधिकारी, बिचौलिए व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत का दुष्परिणाम है। चार बजे मौन व्रत तोड़ने के बाद विधायक अरविंद गिरि ने डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया से मिलकर किसानों की समस्याओं की बाबत पत्र सौंपा, जिस पर डीएम ने समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया। धरने पर बैठे विधायक अरविंद गिरी के समर्थन में भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह भी पहुंचे।
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विधायक अरविंद गिरि ने डीएम को दिए पत्र के माध्यम से बताया है कि पिछले वर्ष धान किसानों का दोहन हुआ। अनियमितताओं के विरुद्ध रिपोर्ट कराई गई और साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए । अधिकारियों, बिचौलियों व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत का नतीजा सामने आया कि गोला क्षेत्र में 300 से अधिक राशन कार्ड इसी आधार पर निरस्त कर दिए गए, क्योंकि उन्होंने तीन लाख से लेकर 15 लाख रुपये तक का गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा था। पिछले वर्ष सौ क्विंटल धान क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए सत्यापन की आवश्यकता नहीं थी, जो इस वर्ष 50 क्विंटल कर दी गई है। अधिक बेचने पर सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष किसान पोर्टल पर अपना खाता नंबर डाल सकता था, लेकिन इस वर्ष क्रय नीति में इसे समाप्त कर दिया गया हैै। इससे किसानों को यह नहीं पता कि हमारा पैसा किस खाते में आएगा। किसानों द्वारा नामिनी बनाए गए लोगों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने कहा है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अनेकानेक प्रतिबंध धान किसानों पर जो लगाए गए हैं। यह अधिकारी, बिचौलिए व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत का दुष्परिणाम है। चार बजे मौन व्रत तोड़ने के बाद विधायक अरविंद गिरि ने डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया से मिलकर किसानों की समस्याओं की बाबत पत्र सौंपा, जिस पर डीएम ने समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया। धरने पर बैठे विधायक अरविंद गिरी के समर्थन में भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह भी पहुंचे।