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सुहेल 11 साल बाद फिर बना सौरभ
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बरेली। अमरोहा में चांद मस्जिद के पास रहने वाले सुहेल 11 साल बाद फिर हिंदू धर्म में आस्था जताते हुए सौरभ रस्तोगी बन गए। अगस्त्य मुनि आश्रम के पंडित केके शंखधार ने हवन-पूजन के जरिये शुद्धिकरण करके उनकी हिंदू धर्म में वापसी कराई।
सुहेल उर्फ सौरभ रस्तोगी ने बताया कि 11 साल पहले एक मौलवी के कहने पर उनके पूरे परिवार ने मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया था। मौलवी ने ही उनकी मुस्लिम युवती से शादी कराई थी लेकिन उनका तलाक हो गया। उन्होंने 11 साल मुस्लिम धर्म में बिताए लेकिन उनका मन लगातार हिंदू धर्म में लगा रहा। इसी वजह से शुद्धिकरण कराकर उन्होंने दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया है। इस दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा भी सुनाई।
जान के लिए खतरा जताया
सुहेल उर्फ सौरभ रस्तोगी ने कहा कि हिंदू धर्म में आस्था जताने के कारण उनकी जान को खतरा हो गया है। इसी वजह से दो महीने से वह घर भागकर बरेली में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए हैं। उन्होंने डीएम कार्यालय में भी प्रार्थनापत्र देकर हिंदू धर्म स्वीकार करने की अनुमति और सुरक्षा मांगी है। इसमें कहा गया है कि उनके सभी शैक्षिक दस्तावेज भी सौरभ रस्तोगी नाम से ही हैं।
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सुहेल उर्फ सौरभ रस्तोगी ने बताया कि 11 साल पहले एक मौलवी के कहने पर उनके पूरे परिवार ने मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया था। मौलवी ने ही उनकी मुस्लिम युवती से शादी कराई थी लेकिन उनका तलाक हो गया। उन्होंने 11 साल मुस्लिम धर्म में बिताए लेकिन उनका मन लगातार हिंदू धर्म में लगा रहा। इसी वजह से शुद्धिकरण कराकर उन्होंने दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया है। इस दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा भी सुनाई।
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जान के लिए खतरा जताया
सुहेल उर्फ सौरभ रस्तोगी ने कहा कि हिंदू धर्म में आस्था जताने के कारण उनकी जान को खतरा हो गया है। इसी वजह से दो महीने से वह घर भागकर बरेली में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए हैं। उन्होंने डीएम कार्यालय में भी प्रार्थनापत्र देकर हिंदू धर्म स्वीकार करने की अनुमति और सुरक्षा मांगी है। इसमें कहा गया है कि उनके सभी शैक्षिक दस्तावेज भी सौरभ रस्तोगी नाम से ही हैं।
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