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21 डाउन-टाउन के बाद अब शराब कारोबारी का बंद हुआ ‘तमाशा’
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- फोटो : demo photo
शराब कारोबारी मनोज जायसवाल का डीडीपुरम स्थित दूसरा बार भी सीज
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देसी शराब का गोदाम भी सीज, रिश्तेदारों के नाम तीन दुकानें, भेजा नोटिस
बरेली। कानपुर की शराब से भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद से शराब कारोबारी मनोज जायसवाल पर शासन-प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ट्रक पकड़े जाने के बाद कारोबारी के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसके बाद गलत तरीके से रेजीडेंशियल लैंड पर बने उसके 21 डाउन-टाउन बार का लाइसेंस निलंबित किया गया। अब प्रशासन ने डीडीपुरम में मनोज के बार ‘तमाशा’ को भी बंद करा दिया है। पुलिस मनोज की तलाश में जुटी है, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा है।
जिले के बड़े शराब कारोबारी मनोज जायसवाल के सितारे 24 मार्च से तब गर्दिश में आ गए जब उसका गैर कानूनी तरीके से कानपुर से लाया गया शराब का ट्रक बारादरी पुलिस ने पकड़ा। इस शराब को बरेली मंगवाया गया था, जबकि उसे कानपुर की दुकानों पर बिकना था। 20 दिन पहले ही यूपी की एसटीएफ ने सहारनपुर की टपरी स्थित डिस्टिलरी को सौ करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में सीज किया था।
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शराब कारोबारी अजय जायसवाल के गोदाम भी सीज किए थे। अजय जायसवाल शराब कारोबारी मनोज के नजदीकी रिश्तेदार हैं। ट्रक में जो शराब थी वह टपरी डिस्टलरी की ही थी। इसका पता लगने के बाद मनोज जायसवाल भी शासन के निशाने पर आ गए। साफ था कि बड़े पैमाने पर धांधलेबाजी की जा रही है। टैक्स चोरी कर शराब को अलग-अलग जगहों पर बेचा जा रहा है। सबसे पहले शराब कारोबारी का देसी शराब के गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर उसे सीज किया गया। इसके बाद डीएम के आदेश पर मनोज जायसवाल का मॉडल टाउन स्थित 21 डाउन-टाउन बार का लाइसेंस निलंबित कर बंद करा दिया गया। यह बार रेजिडेंशियल जगह पर होने के कारण काफी चर्चा में रहा। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने इसे तीन महीने पहले सीज किया था। तब कारोबारी ने कंपाउंडिंग कराने की बात कही। 48 लाख से ज्यादा कंपाउंडिंग शुल्क होने पर कारोबारी ने 25 लाख जमा कर छह महीने की मोहलत मांगी थी। इससे पहले ही मनोज जायसवाल पर रिपोर्ट दर्ज हो गई। इसके बाद डीएम के आदेश पर बार का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया।
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आबकारी निरीक्षक विनय निमेष ने बताया कि शराब कारोबारी ने डीडीपुरम में तमाशा बार एवं रेस्टोरेंट भी किराये पर लिया था। डीएम के आदेश पर इस बार का लाइसेंस निलंबित कर इसे सीज कर दिया गया है। इसके अलावा प्रशासन पता लगा रहा है कि मनोज जायसवाल के नाम पर कहां-कहां दुकानें है। पता चला कि उनके घर के सदस्यों के नाम शहर में तीन शराब की दुकानें हैं। इन दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। आबकारी विभाग का कहना है कि शराब कारोबारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है इसलिए बार और गोदाम के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
कहां-कहां कारोबार.. पता लगा रहा प्रशासन
शासन का शिकंजा कसने के बाद अब प्रशासन शराब कारोबारी मनोज जायसवाल के कारोबार का पता लगा रहा है। मालूम किया जा रहा है कि कहां-कहां इनकी दुकानें हैं। अभी तक मां व पत्नी के नाम व एक अन्य रिश्तेदार के नाम तीन दुकानें सामने आई हैं। हालांकि चर्चा यह भी है कि कुछ और दुकानें भी शराब कारोबारी के पास है लेकिन वह ऐसे जानने वालों के नाम है जो कारोबारी के परिचित तो हैं लेकिन उनसे कोई रिश्ता नहीं है। इसलिए आबकारी विभाग इन दुकानों को नोटिस जारी नहीं कर पा रहा है।
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देसी शराब का गोदाम भी सीज, रिश्तेदारों के नाम तीन दुकानें, भेजा नोटिस बरेली। कानपुर की शराब से भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद से शराब कारोबारी मनोज जायसवाल पर शासन-प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ट्रक पकड़े जाने के बाद कारोबारी के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसके बाद गलत तरीके से रेजीडेंशियल लैंड पर बने उसके 21 डाउन-टाउन बार का लाइसेंस निलंबित किया गया। अब प्रशासन ने डीडीपुरम में मनोज के बार ‘तमाशा’ को भी बंद करा दिया है। पुलिस मनोज की तलाश में जुटी है, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा है।
जिले के बड़े शराब कारोबारी मनोज जायसवाल के सितारे 24 मार्च से तब गर्दिश में आ गए जब उसका गैर कानूनी तरीके से कानपुर से लाया गया शराब का ट्रक बारादरी पुलिस ने पकड़ा। इस शराब को बरेली मंगवाया गया था, जबकि उसे कानपुर की दुकानों पर बिकना था। 20 दिन पहले ही यूपी की एसटीएफ ने सहारनपुर की टपरी स्थित डिस्टिलरी को सौ करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में सीज किया था।
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शराब कारोबारी अजय जायसवाल के गोदाम भी सीज किए थे। अजय जायसवाल शराब कारोबारी मनोज के नजदीकी रिश्तेदार हैं। ट्रक में जो शराब थी वह टपरी डिस्टलरी की ही थी। इसका पता लगने के बाद मनोज जायसवाल भी शासन के निशाने पर आ गए। साफ था कि बड़े पैमाने पर धांधलेबाजी की जा रही है। टैक्स चोरी कर शराब को अलग-अलग जगहों पर बेचा जा रहा है। सबसे पहले शराब कारोबारी का देसी शराब के गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर उसे सीज किया गया। इसके बाद डीएम के आदेश पर मनोज जायसवाल का मॉडल टाउन स्थित 21 डाउन-टाउन बार का लाइसेंस निलंबित कर बंद करा दिया गया। यह बार रेजिडेंशियल जगह पर होने के कारण काफी चर्चा में रहा। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने इसे तीन महीने पहले सीज किया था। तब कारोबारी ने कंपाउंडिंग कराने की बात कही। 48 लाख से ज्यादा कंपाउंडिंग शुल्क होने पर कारोबारी ने 25 लाख जमा कर छह महीने की मोहलत मांगी थी। इससे पहले ही मनोज जायसवाल पर रिपोर्ट दर्ज हो गई। इसके बाद डीएम के आदेश पर बार का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया।
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आबकारी निरीक्षक विनय निमेष ने बताया कि शराब कारोबारी ने डीडीपुरम में तमाशा बार एवं रेस्टोरेंट भी किराये पर लिया था। डीएम के आदेश पर इस बार का लाइसेंस निलंबित कर इसे सीज कर दिया गया है। इसके अलावा प्रशासन पता लगा रहा है कि मनोज जायसवाल के नाम पर कहां-कहां दुकानें है। पता चला कि उनके घर के सदस्यों के नाम शहर में तीन शराब की दुकानें हैं। इन दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। आबकारी विभाग का कहना है कि शराब कारोबारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है इसलिए बार और गोदाम के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।