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अक्षर विहार पर कब्जे की एडीएम करेंगे जांच
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 12 Apr 2016 01:22 AM IST
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तालाब पर कब्जा
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बहुचर्चित अक्षर विहार तालाब पर कब्जे के मामले की जिलाधिकारी गौरव दयाल ने जांच बैठा दी है। उन्होंने इस मामले की एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी है और एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। डीएम का कहना है कि उन्होंने यह फैसला अमर उजाला में प्रकाशित खबरें और स्थानीय स्तर पर मिली शिकायतों के आधार पर लिया है।
अमर उजाला में इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाने के बाद जागर जनकल्याण समिति के सचिव डा. प्रदीप जागर ने यह शिकायत मुख्यमंत्री के जनता के प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के लिए लांच किए गए पोर्टल पर की थी। जिसमें अक्षर विहार तालाब पाटने से लेकर बिल्डरों के कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि तालाब ओर पोखरों पर अनाधिकृत कब्जे हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी तरह के तालाब पाटने पर रोक लगा रखी है। फिर भी प्रशासन और नगर निगम की ढिलाई से तालाब पाटे जा रहे हैं। डा. प्रदीप कुमार के मुताबिक बरेली शहरी क्षेत्र में 164 तालाब और पोखर थे जिनमें अधिकांश को पाटकर अनाधिकृत तरीके से कब्जा कर लिया गया। बचे हुए तालाब पाटकर उनकी बेशकीमती जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है, जिसे हर हाल में रोका जाना जरूरी है।
इससे पहले तालाब पर कब्जे की जांच की मांग राजस्व परिषद से की जा चुकी है। मेयर और नगर आयुक्त पार्षदों के साथ तालाब का निरीक्षण कर फिर से पूरी जमीन की पैमाइश करने की बात कह चुके हैं।
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अमर उजाला में इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाने के बाद जागर जनकल्याण समिति के सचिव डा. प्रदीप जागर ने यह शिकायत मुख्यमंत्री के जनता के प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के लिए लांच किए गए पोर्टल पर की थी। जिसमें अक्षर विहार तालाब पाटने से लेकर बिल्डरों के कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि तालाब ओर पोखरों पर अनाधिकृत कब्जे हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी तरह के तालाब पाटने पर रोक लगा रखी है। फिर भी प्रशासन और नगर निगम की ढिलाई से तालाब पाटे जा रहे हैं। डा. प्रदीप कुमार के मुताबिक बरेली शहरी क्षेत्र में 164 तालाब और पोखर थे जिनमें अधिकांश को पाटकर अनाधिकृत तरीके से कब्जा कर लिया गया। बचे हुए तालाब पाटकर उनकी बेशकीमती जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है, जिसे हर हाल में रोका जाना जरूरी है।
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इससे पहले तालाब पर कब्जे की जांच की मांग राजस्व परिषद से की जा चुकी है। मेयर और नगर आयुक्त पार्षदों के साथ तालाब का निरीक्षण कर फिर से पूरी जमीन की पैमाइश करने की बात कह चुके हैं।
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