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Bareilly News: विधवा के आधार कार्ड में जालसाजी कर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का आरोप
Sun, 19 Jul 2026 01:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:39 AM IST
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मीरगंज। बरेली तहसील क्षेत्र के गांव सनइया धनसिंह निवासी कमलेश ने दो जेठ पर संपत्ति हड़पने के लिए आधार कार्ड में जालसाजी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को शिकायती पत्र दिया।
शिकायतीपत्र के मुताबिक, कमलेश की कुछ जमीन मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांव संग्रामपुर में भी है। पति महेंद्र पाल का निधन 10 जनवरी 2024 को हुआ था। आरोप है कि इसके बाद जेठ सेवाराम और परशुराम ने पैतृक संपत्ति से उनके अधिकार समाप्त करने की साजिश रची। कमलेश के आधार कार्ड में फेरबदल कर पता और पति का नाम बदल दिया। इसके आधार पर फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र भी तैयार कराया। इन फर्जी दस्तावेज से तहसीलदार मीरगंज की अदालत में एक विचाराधीन वाद में किया गया। कमलेश को पुनर्विवाहित साबित कर वैध उत्तराधिकारी के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की।
कमलेश को जालसाजी की जानकारी इस साल 12 जून को अदालत में दस्तावेज प्रस्तुत होने पर हुई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र निरस्त करने और ऐसे दस्तावेज को न्यायालय में साक्ष्य के रूप में स्वीकार न करने का अनुरोध भी किया।
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इस बाबत एडीएम (न्यायिक) देशदीपक सिंह के मुताबिक, एसडीएम मीरगंज को मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शिकायतीपत्र के मुताबिक, कमलेश की कुछ जमीन मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांव संग्रामपुर में भी है। पति महेंद्र पाल का निधन 10 जनवरी 2024 को हुआ था। आरोप है कि इसके बाद जेठ सेवाराम और परशुराम ने पैतृक संपत्ति से उनके अधिकार समाप्त करने की साजिश रची। कमलेश के आधार कार्ड में फेरबदल कर पता और पति का नाम बदल दिया। इसके आधार पर फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र भी तैयार कराया। इन फर्जी दस्तावेज से तहसीलदार मीरगंज की अदालत में एक विचाराधीन वाद में किया गया। कमलेश को पुनर्विवाहित साबित कर वैध उत्तराधिकारी के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की।
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कमलेश को जालसाजी की जानकारी इस साल 12 जून को अदालत में दस्तावेज प्रस्तुत होने पर हुई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र निरस्त करने और ऐसे दस्तावेज को न्यायालय में साक्ष्य के रूप में स्वीकार न करने का अनुरोध भी किया।
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इस बाबत एडीएम (न्यायिक) देशदीपक सिंह के मुताबिक, एसडीएम मीरगंज को मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।