फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Accredition of five engineering colleges to ends soon

पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों की रद्द होगी मान्यता 

Wed, 27 Jun 2018 04:58 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Wed, 27 Jun 2018 04:58 PM IST
विज्ञापन
Accredition of five engineering colleges to ends soon
AICTE
जिले के पांच कॉलेज इंजीनियरिंग कराने के लायक नहीं हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों को मान्यता देने वाली संस्था अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने ही इन कॉलेजों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पिछले दिनों निरीक्षण को निरीक्षण को आई एआईसीटीई की टीम ने इन कॉलेजों को निगेटिव रिपोर्ट दी। टीम एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में भी निरीक्षण को पहुंची। यहां भी मानकों के अनुसार शिक्षक नहीं मिले और आखिरकार विश्वविद्यालय में एमफार्मा इस बार बंद हो गया। सिर्फ विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि जिले में पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों पर भी ताला लगने की नौबत आ गई है। मानक पूरे करने को लेकर इन कॉलेजों को एआईसीटीई की तरफ से नोटिस भी जारी हो चुके हैं। सूत्रों की माने तो एआईसीटीई की टीम को इन कॉलेजों में न तो मानकों के अनुसार शिक्षक मिले और न ही लैब व कक्षाएं मानकों के अनुसार थीं। जिन कॉलेजों को तगड़ा झटका लग सकता है उसमें कुछ बड़े संस्थान भी शामिल हैं। एआईसीटीई इन कॉलेजों पर कार्रवाई कर सकता है। एक इंजीनियरिंग कॉॅलेज ने पिछले साल से ही एडमिशन लेना बंद कर दिया था। 
विज्ञापन


पिछले साल पचास फीसदी भी सीटें नहीं भर सकीं थी
बरेली में बारह से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज है। यहां 4820 सीटें हैं। पिछले साल यहां करीब पचास फीसदी सीटें खाली रह गई थी। एकेटीयू की पांचवें राउंड की काउंसलिंग में दस फीसदी सीटें भी नहीं भर पाई थी। बाद में डायरेक्ट एडमिशन लेने की अनुमति मिलने से कॉलेजों ने राहत की सांस ली। विश्वविद्यालय में ही इंजीनियरिंग की कुछ ब्रांच में तीस से चालीस सीटें खाली रह गई थी।
विज्ञापन


कई ब्रांच भी हो सकती है बंद
बरेली के इंजीनियरिंग कॉलेजों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, इंर्फोमेशन एंड टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग आदि ब्रांच चलती हैं। पिछले साल इंस्ट्रूमेंशन, मेकेनिकल, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स में एडमिशन काफी कम हुए थे। कुछ कॉलेज तो ऐसे थे जहां पांचवें राउंड के बाद भी आठ दस एडमिशन ही मिल सके थे। इस बार इनकी स्थिति और खराब है। सूत्रों की माने तो कुछ कॉलेज इस बार से कई ब्रांच बंद करने के मूड में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



सिर्फ बरेली ही नहीं बल्कि पूरे देश में इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थिति खराब है। काफी कॉलेज इस बार बंद भी हो रहे हैं। बरेली के कॉलेजों की स्थिति भी ठीक नहीं। एआईसीटीई की टीम लगातार कॉलेजों को निरीक्षण करती है मानक पूरे करने के लिए नोटिस भी जारी करती है। -प्रोफेसर एके गुप्ता, डीन आईटी विश्वविद्यालय 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed