‘हिसाब अभी कर लो... वरना आरसी रोक दूंगी’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एआरटीओ दफ्तर में काम के बदले महिला कर्मी और बाबू के रुपये लेने का वीडियो वायरल
मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में परिवहन विभाग की महिला कर्मचारी और ड्राइविंग लाइसेंस का काम देखने वाले बाबू सीट पर बैठ कर रुपये लेते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि दोनों ही कर्मचारी काम के बदले रिश्वत ले रहे हैं। दरअसल वायरल वीडियो में महिला कर्मी कह रही है कि हिसाब पूरा करो वरना आरसी रोक दूंगी। लेनदेन गाड़ी ट्रांसफर के नाम पर किया जा रहा है, जिसमें महिला कर्मी पचास रुपये कम देने पर बहस कर रही है। बचे पैसे न देने पर वाहन की आरसी रोकने की धमकी दे रही हैं। रुपये के लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को पूरे दिन कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। मंगलवार को परिवहन विभाग अधिकारियों के व्हाट्सएप पर भी वीडियो भेजी गई। इस मामले में जांच शुरू कर आरोपित बाबुओं पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। ‘ वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। मले की जांच कराई जा रही है। आरोपी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ - आरपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
ऑनलाइन आवेदन और फीस.. सबसे बड़ी चुनौती
बरेली। आरटीओ ऑफिस में कार्यरत बाबुओं का वीडियो भले ही मंगलवार को वायरल हुआ हो लेकिन वहां की व्यवस्थाओं पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। आम जनता की धारणा ही यह है कि आरटीओ ऑफिस में दलाल के बिना कोई भी काम संभव नहीं है। काम के लिए सीधे जाने का मतलब है, चक्कर काटते रह जाना।आरटीओ कार्यालय के बाहर जमे सैकड़ों दलालों की रोजी-रोटी ही उनकी सेटिंग के जरिये चलती है। जब से ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य व्यवस्थाएं ऑनलाइन की गई हैं, इन दलालों की कमाई और बढ़ गई है। ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी ट्रांसफर या कोई भी ऑनलाइन फार्म भरने और उसकी फीस जमा करने के बदले ये लोगों से मोटी वसूली करते हैं। कहा जाता है कि इसका हिस्सा अंदर तक पहुंचाना होता है। अगर कोई व्यक्ति इनकी मदद के बिना काम कराने अंदर पहुंच भी जाता है तो वह चक्कर ही काटता रह जाता है।