{"_id":"cb5d2feb9f0e59378ca19e4be8532f0c","slug":"accident-hindi-news-108","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले गांव फिर अस्पताल में गूंजी चीखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले गांव फिर अस्पताल में गूंजी चीखें
बरेली
Updated Wed, 18 Feb 2015 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
घटना के बाद अफरातफरी मची तो थोड़ी ही देर में गांव भर के लोग घटनास्थल पर आ गए। वहां से वे एंबुलेंस 108 को फोन करने लगे। बताते हैं कि कई बार घंटी जाने के बाद भी रेस्पांस न मिला तो लोगों ने बैंड लेकर आई डीसीएम में ही घायलों को लाद लिया। फिर इन्हें लेकर सीएचसी दौड़े। फरीदपुर में प्रवेश से पहले रेलवे फाटक बंद मिला। बताते हैं कि शोएब बच सकता था पर आधे घंटे की इस देरी ने उसकी सांसों की डोर तोड़ दी। सीएचसी पर ही आवास बनाकर रहने वाले डॉ. तौफीक और फार्मासिस्ट वीरेंद्र ही मौजूद थे। सात झुलसे लोग एक साथ पहुंचे तो व्यवस्थाएं फेल हो गईं। इमरजेंसी में लोग जमीन पर पड़े तड़प रहे थे। जैसे तैसे डाक्टर और फार्मासिस्ट ने सभी का प्राथमिक उपचार किया।
हादसे से पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में आई बारात में लोग शराब पीकर झगड़ा कर रहे हैं। पुलिस गांव को रवाना हुई तब तक यह हादसा हो गया। कोतवाल जितेंद्र कौशल भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन मिलाया पर किसी ने काल रिसीव नहीं की। ग्रामीण हुकुम सिंह का कहना था कि गांव में हाईटेंशन लाइन काफी समय से नीचाई पर है। इस बारे में तमाम बार मौखिक शिकायत की गई पर अफसरों ने सुनवाई न की।
हादसे से पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में आई बारात में लोग शराब पीकर झगड़ा कर रहे हैं। पुलिस गांव को रवाना हुई तब तक यह हादसा हो गया। कोतवाल जितेंद्र कौशल भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन मिलाया पर किसी ने काल रिसीव नहीं की। ग्रामीण हुकुम सिंह का कहना था कि गांव में हाईटेंशन लाइन काफी समय से नीचाई पर है। इस बारे में तमाम बार मौखिक शिकायत की गई पर अफसरों ने सुनवाई न की।
विज्ञापन