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Bareilly News: 2967 स्कूलों के करीब एक लाख बच्चों का होगा टीकाकरण
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बरेली। शहर और देहात क्षेत्र के 2967 स्कूलों में अभियान चलाकर करीब एक लाख बच्चों को गलघोंटू (डिप्थीरिया) और टिटनेस से सुरक्षा के लिए टीका लगाया जाएगा। 24 अप्रैल को अभियान का शुभारंभ होगा। डीआईओएस और बीएसए ने स्कूलों को सहयोग के लिए पत्र भेजा है।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक अभियान के तहत कक्षा पांच (10 वर्ष), कक्षा 10 (16 वर्ष) के बच्चों का टीकाकरण होगा। गलघोंटू और टिटनेस दोनों ही बेहद गंभीर रोग हैं। इसलिए सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी स्कूलों में टीम पहुंचेगी। आशा कार्यकर्ता और एएनएम को शिक्षा विभाग से समन्वय के निर्देश दिए हैं। टीकाकरण से कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया है तो उसके प्रबंधन का इंतजाम भी टीकाकरण स्थल पर रहेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक कक्षा 5 के 46,359, कक्षा 10 के 50,713 बच्चों को टीडी के टीके लगाने का लक्ष्य है।
बताया कि डिप्थीरिया का बैक्टीरिया नाक, गले की झिल्ली को प्रभावित करता है। संक्रमण के चार दिन बाद लक्षण उभरते हैं। बुखार, जुकाम, सिरदर्द, नाक का बहना, गले की ग्रंथियों में सूजन, कमजोरी और कब्ज की समस्या होती है। टीकाकरण ही रोग से बचाव का प्रभावी उपाय है।
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सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक अभियान के तहत कक्षा पांच (10 वर्ष), कक्षा 10 (16 वर्ष) के बच्चों का टीकाकरण होगा। गलघोंटू और टिटनेस दोनों ही बेहद गंभीर रोग हैं। इसलिए सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी स्कूलों में टीम पहुंचेगी। आशा कार्यकर्ता और एएनएम को शिक्षा विभाग से समन्वय के निर्देश दिए हैं। टीकाकरण से कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया है तो उसके प्रबंधन का इंतजाम भी टीकाकरण स्थल पर रहेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक कक्षा 5 के 46,359, कक्षा 10 के 50,713 बच्चों को टीडी के टीके लगाने का लक्ष्य है।
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बताया कि डिप्थीरिया का बैक्टीरिया नाक, गले की झिल्ली को प्रभावित करता है। संक्रमण के चार दिन बाद लक्षण उभरते हैं। बुखार, जुकाम, सिरदर्द, नाक का बहना, गले की ग्रंथियों में सूजन, कमजोरी और कब्ज की समस्या होती है। टीकाकरण ही रोग से बचाव का प्रभावी उपाय है।
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