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Bareilly News: साइकिल छोड़ हाथी पर सवार हुए आबिद अली
Mon, 18 Mar 2024 03:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 18 Mar 2024 03:22 AM IST
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आंवला। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सपा को एक और झटका लगा है। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन आबिद अली ने रविवार शाम सपा से इस्तीफा देकर लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती के समक्ष पार्टी की सदस्यता ले ली। माना जा रहा है कि बसपा अल्पसंख्यक प्रत्याशी के रूप में आंवला लोकसभा क्षेत्र से आबिद पर दांव खेल सकती है।
बसपा में शामिल होकर लखनऊ से लौट रहे सैयद आबिद अली ने बताया कि वर्ष 2019 की तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने आंवला लोकसभा सीट पर बाहरी प्रत्याशी उतार दिया है। इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में निराशा है। पिछले कई दिनों से सपा की बैठकों में जिस तरह आपसी कलह, गुटबाजी, खींचतान चल रही है, उससे वह आहत थे। उन्हें नहीं लग रहा कि सपा इस सीट को जीतने में सक्षम है। इसलिए उन्होंने बसपा में भरोसा जताया है। बताया कि उन्होंने किसी टिकट की मांग नहीं की है। वह अब बसपा के सिपाही हैं, उन्हें जब जो जिम्मेदारी दी जाएगी उसे निभाएंगे।
भाजपा प्रत्याशी के सांसद बनने की कामना की थी
हाल ही में आबिद अली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सपा से जुड़े आबिद अली ने ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 26 फरवरी को आंवला रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यक्रम के वर्चुअल शिलान्यास के दौरान मंच से भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप की तारीफ की थी। उनके तीसरी बार सांसद चुने जाने की कामना भी की थी। तीन मार्च को प्रेसवार्ता के दौरान भी आबिद अली ने प्रदेश सरकार द्वारा आंवला के पुरैना धाम में अतिथि गृह के लिए 1.33 करोड़ रुपये आवंटित करने पर मंत्री धर्मपाल सिंह व प्रदेश सरकार की तारीफ में कसीदे पढ़े थे।
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सांसद धर्मेंद्र कश्यप से रही है नजदीकी
आबिद अली वर्ष 2012 के निकाय चुनाव में आईएमसी के टिकट पर चुनाव जीतकर चेयरमैन बने थे। बाद में सत्ताधारी दल सपा में शामिल हो गए थे। वर्ष 2017 में वे सपा के टिकट पर ही पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े पर भाजपा के संजीव सक्सेना से हार गए। पिछले साल हुए निकाय चुनावों में वे एक बार फिर सपा के टिकट पर नगर पालिका के चेयरमैन चुने गए। आबिद अली व सांसद धर्मेंद्र कश्यप शुरू में सपा में साथ रह चुके हैं। इस लिहाज से धर्मेंद्र कश्यप से उनके पुराने रिश्ते रहे हैं जो अक्सर किसी न किसी रूप में जनता को दिख जाते हैं। बसपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें आबिद अली के पार्टी में आने की सही जानकारी नहीं है, अगर ये सच है तो उनका पार्टी में स्वागत है।
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बसपा में शामिल होकर लखनऊ से लौट रहे सैयद आबिद अली ने बताया कि वर्ष 2019 की तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने आंवला लोकसभा सीट पर बाहरी प्रत्याशी उतार दिया है। इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में निराशा है। पिछले कई दिनों से सपा की बैठकों में जिस तरह आपसी कलह, गुटबाजी, खींचतान चल रही है, उससे वह आहत थे। उन्हें नहीं लग रहा कि सपा इस सीट को जीतने में सक्षम है। इसलिए उन्होंने बसपा में भरोसा जताया है। बताया कि उन्होंने किसी टिकट की मांग नहीं की है। वह अब बसपा के सिपाही हैं, उन्हें जब जो जिम्मेदारी दी जाएगी उसे निभाएंगे।
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भाजपा प्रत्याशी के सांसद बनने की कामना की थी
हाल ही में आबिद अली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सपा से जुड़े आबिद अली ने ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 26 फरवरी को आंवला रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यक्रम के वर्चुअल शिलान्यास के दौरान मंच से भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप की तारीफ की थी। उनके तीसरी बार सांसद चुने जाने की कामना भी की थी। तीन मार्च को प्रेसवार्ता के दौरान भी आबिद अली ने प्रदेश सरकार द्वारा आंवला के पुरैना धाम में अतिथि गृह के लिए 1.33 करोड़ रुपये आवंटित करने पर मंत्री धर्मपाल सिंह व प्रदेश सरकार की तारीफ में कसीदे पढ़े थे।
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सांसद धर्मेंद्र कश्यप से रही है नजदीकी
आबिद अली वर्ष 2012 के निकाय चुनाव में आईएमसी के टिकट पर चुनाव जीतकर चेयरमैन बने थे। बाद में सत्ताधारी दल सपा में शामिल हो गए थे। वर्ष 2017 में वे सपा के टिकट पर ही पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े पर भाजपा के संजीव सक्सेना से हार गए। पिछले साल हुए निकाय चुनावों में वे एक बार फिर सपा के टिकट पर नगर पालिका के चेयरमैन चुने गए। आबिद अली व सांसद धर्मेंद्र कश्यप शुरू में सपा में साथ रह चुके हैं। इस लिहाज से धर्मेंद्र कश्यप से उनके पुराने रिश्ते रहे हैं जो अक्सर किसी न किसी रूप में जनता को दिख जाते हैं। बसपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें आबिद अली के पार्टी में आने की सही जानकारी नहीं है, अगर ये सच है तो उनका पार्टी में स्वागत है।