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Bareilly News: 85 हजार की आबादी 15 दिन से झेल रही अघोषित कटौती
Thu, 24 Sep 2026 01:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:50 AM IST
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बहेड़ी। उमस के बीच बहेड़ी की 85 हजार आबादी 15 दिनों से अघोषित बिजली कटौती झेल रही है। दिन में रोस्टर के नाम पर और रात में 33 केवी लाइन में फॉल्ट के कारण पूरी रात बिजली गुल रहती है। विभाग लोकल फॉल्ट ठीक करने में विफल रहा है, जिससे लोगों को 90 के दशक की याद आ रही है।
आक्रोशित महिलाओं ने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के सामने यह समस्या उठाने का निर्णय किया है। इसके लिए आंदोलन की तैयारी शुरू की है।
मंगलवार को पांच घंटे की कटौती के बाद रात 11:00 बजे बिजली 20 मिनट ही मिली। रात 1:15 बजे आपूर्ति फिर शुरू हुई लेकिन 1:38 बजे लाइन में फॉल्ट बताकर फिर ठप कर दी गई। उपभोक्ता व्हाट्सएप ग्रुप पर जानकारी मांगते रहे, जिस पर फॉल्ट खोजने का जवाब मिला। विभाग पूरी रात फॉल्ट नहीं खोज पाया और बुधवार सुबह 4:00 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। बुधवार शाम 4:30 बजे तक भी पांच घंटे तक बार-बार कटौती हुई। लो-वोल्टेज ने भी लोगों की मुसीबत बढ़ाई है।
लोगों का कहना है कि यह समस्या 15 दिनों से है। शेड्यूल के अनुसार, 21 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। फिलहाल, सात से आठ घंटे कटौती हो रही है। स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। संवाद
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एसडीओ बहेड़ी रमेश कुमार ने बताया कि कटौती लखनऊ से हो रही है। लोकल फॉल्ट ओवरलोड के कारण बढ़ रहे हैं। उपभोक्ताओं को केवल आवश्यक उपकरण उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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रोस्टिंग के बावजूद अघोषित कटौती, व्यवस्था से लोग त्रस्त
अलीगंज। गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टिंग के बावजूद अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। निर्धारित 18 घंटे की जगह उन्हें महज आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
ग्रामीणों अरुण कुमार, कुलदीप, पंकज गुप्ता, विनोद यादव ने बताया कि अलीगंज उपकेंद्र से 74 गांवों में बिजली आपूर्ति की समस्या कई महीनों से है। राजपुर कलां, सूदनपुर, गैनी, मझगवां जैसे गांवों में शाम 6:00 से 10:00 बजे व देर रात 12:00 से 1:00 बजे अक्सर कटौती होती है। फॉल्ट होने पर कई घंटे आपूर्ति बहाल नहीं होती, पेयजल भी प्रभावित होता है। शाम और देर रात की कटौती, बार-बार ट्रिपिंग से बिजली गुल हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। एक्सईएन दुर्गेश कुमार ने बताया कि इमरजेंसी रोस्टिंग के कारण आपूर्ति में बार-बार बाधा आ रही है।
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आक्रोशित महिलाओं ने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के सामने यह समस्या उठाने का निर्णय किया है। इसके लिए आंदोलन की तैयारी शुरू की है।
मंगलवार को पांच घंटे की कटौती के बाद रात 11:00 बजे बिजली 20 मिनट ही मिली। रात 1:15 बजे आपूर्ति फिर शुरू हुई लेकिन 1:38 बजे लाइन में फॉल्ट बताकर फिर ठप कर दी गई। उपभोक्ता व्हाट्सएप ग्रुप पर जानकारी मांगते रहे, जिस पर फॉल्ट खोजने का जवाब मिला। विभाग पूरी रात फॉल्ट नहीं खोज पाया और बुधवार सुबह 4:00 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। बुधवार शाम 4:30 बजे तक भी पांच घंटे तक बार-बार कटौती हुई। लो-वोल्टेज ने भी लोगों की मुसीबत बढ़ाई है।
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लोगों का कहना है कि यह समस्या 15 दिनों से है। शेड्यूल के अनुसार, 21 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। फिलहाल, सात से आठ घंटे कटौती हो रही है। स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। संवाद
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एसडीओ बहेड़ी रमेश कुमार ने बताया कि कटौती लखनऊ से हो रही है। लोकल फॉल्ट ओवरलोड के कारण बढ़ रहे हैं। उपभोक्ताओं को केवल आवश्यक उपकरण उपयोग करने की सलाह दी गई है।
रोस्टिंग के बावजूद अघोषित कटौती, व्यवस्था से लोग त्रस्त
अलीगंज। गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टिंग के बावजूद अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। निर्धारित 18 घंटे की जगह उन्हें महज आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
ग्रामीणों अरुण कुमार, कुलदीप, पंकज गुप्ता, विनोद यादव ने बताया कि अलीगंज उपकेंद्र से 74 गांवों में बिजली आपूर्ति की समस्या कई महीनों से है। राजपुर कलां, सूदनपुर, गैनी, मझगवां जैसे गांवों में शाम 6:00 से 10:00 बजे व देर रात 12:00 से 1:00 बजे अक्सर कटौती होती है। फॉल्ट होने पर कई घंटे आपूर्ति बहाल नहीं होती, पेयजल भी प्रभावित होता है। शाम और देर रात की कटौती, बार-बार ट्रिपिंग से बिजली गुल हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। एक्सईएन दुर्गेश कुमार ने बताया कि इमरजेंसी रोस्टिंग के कारण आपूर्ति में बार-बार बाधा आ रही है।