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Bareilly News: व्यवस्थाओं पर धूल की परत, न पट्टी दिख रही न संकेतक
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बरेली। कोहरे का सीजन सिर पर है, लेकिन व्यवस्थाओं पर धूल की परत जमी हुई है। हाईवे पर बनी सफेद पट्टी जगह-जगह मिट गई है। डिवाइडरों का रंग धूमिल हो गया है। रोटरी पर भी कोई ऐसा निशान नहीं जो दूर से दिख जाए। सड़कों के किनारे लगे साइनबोर्ड व अन्य संकेतकों पर भी धूल जमी हुई है। हाईवे पर लगीं कैट आई (जलने-बुझने वाली लाइटें) या तो उधड़ गई हैं, या फिर खराब पड़ीं हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक हाईवे व अन्य जिला मार्गों का यही हाल है। कुछ जगह रोशनी का भी इंतजाम नहीं है। आने वाले दिनों में ये हादसों का सबब बन सकते हैं।
बदायूं रोड, चौपुला पुल से लेकर शहर की सड़कों तक व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। चौपुला से बदायूं की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण हाल में ही बरेली विकास प्राधिकरण ने कराया है। लाल फाटक ओवरब्रिज से उतरने के बाद सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने किया है। दोनों सड़कों के डिवाइडरों पर लाइटें नहीं लगी हैं। सड़क के दोनों किनारे लगीं कैट आई मिट्टी से ढक गईं हैं। सड़क के बीच में कैट आई लगाई ही नहीं गईं हैं। पूरी सड़क पर कहीं साइनबोर्ड भी नहीं लगे हैं।
शहर में स्टेडियम रोड, जंक्शन और पटेल चौक सहित कई अन्य चौराहों पर रोटरी बनी हैं, पर इनकी पहचान बताने वाली कैट आई खुद की पहचान के लिए तरस रहीं हैं। ये या तो उधड़ गई हैं या फिर उन पर मिट्टी की मोटी परत जम गई है। साथ ही, रिफ्लेक्टर टेप भी लापता हैं। हालत यह है कि कोहरे में सड़क की पटरी तक दिखाई नहीं देती।
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वन-वे में दोनों ओर से दौड़ रहे वाहनअटल सेतु और चौपुला पुल को आपस में जोड़ दिया गया है। साथ ही, जोड़ वाले हिस्से को वन वे किया गया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। दोनों छोरों पर पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद वाहन आ-जा रहे हैं। अटल सेतु पर ही वाई शेप के हिस्से पर कोई साइनबोर्ड नहीं लगा है।
हाईवे से जुड़ रहीं कई सड़कें, लेकिन पुल से होती है पहचान
दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे (एनएच-24) से कई ग्रामीण सड़कें मिल रही हैं। इसमें बिलवा, फरीदपुर, भुता के ग्रामीण इलाके शामिल हैं। एनएच-24 से जुड़ने के लिए टर्न लेने पर एक भी साइनबोर्ड नहीं दिख रहा है। जहां लगे हैं, वे या तो पेड़ के पीछे छिप गए हैं या मोड़ से बहुत पहले ही लगा दिए गए हैं। हाईवे के ओवरब्रिज से ही इन सड़कों की पहचान हो पाती है। संवाद
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क्षेत्र के सभी हाईवे और सड़कों पर पहले से ही काम शुरू करा दिया गया है। जहां भी साइनबोर्ड, लाइट, कैट आई आदि खराब हो गई हैं, उन्हें बदला जा रहा है। - नवरत्न, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
कोहरे का सीजन शुरू होने से पहले सड़कों के किनारे जरूरत के मुताबिक रिफ्लेक्टर व लाइटें लगाई जाएंगी। जो पहले से लगीं हैं, उनकी स्थिति दिखवाकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - भगत सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
सभी पुलों के रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के पास है। जरूरी सुविधाओं को दिखवाया जाएगा। सेतु निगम की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। - अरुण गुप्ता, डीपीएम, सेतु निगम
शहर में लगे रिफ्लेक्टर और कैट आई को ठीक कराया जाएगा। इसके लिए टीमों को लगाया जाएगा। कोहरे से पहले सड़कों की हालत ठीक कराई जाएंगी। - संजीव कुमार मौर्य
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बदायूं रोड, चौपुला पुल से लेकर शहर की सड़कों तक व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। चौपुला से बदायूं की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण हाल में ही बरेली विकास प्राधिकरण ने कराया है। लाल फाटक ओवरब्रिज से उतरने के बाद सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने किया है। दोनों सड़कों के डिवाइडरों पर लाइटें नहीं लगी हैं। सड़क के दोनों किनारे लगीं कैट आई मिट्टी से ढक गईं हैं। सड़क के बीच में कैट आई लगाई ही नहीं गईं हैं। पूरी सड़क पर कहीं साइनबोर्ड भी नहीं लगे हैं।
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शहर में स्टेडियम रोड, जंक्शन और पटेल चौक सहित कई अन्य चौराहों पर रोटरी बनी हैं, पर इनकी पहचान बताने वाली कैट आई खुद की पहचान के लिए तरस रहीं हैं। ये या तो उधड़ गई हैं या फिर उन पर मिट्टी की मोटी परत जम गई है। साथ ही, रिफ्लेक्टर टेप भी लापता हैं। हालत यह है कि कोहरे में सड़क की पटरी तक दिखाई नहीं देती।
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वन-वे में दोनों ओर से दौड़ रहे वाहनअटल सेतु और चौपुला पुल को आपस में जोड़ दिया गया है। साथ ही, जोड़ वाले हिस्से को वन वे किया गया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। दोनों छोरों पर पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद वाहन आ-जा रहे हैं। अटल सेतु पर ही वाई शेप के हिस्से पर कोई साइनबोर्ड नहीं लगा है।
हाईवे से जुड़ रहीं कई सड़कें, लेकिन पुल से होती है पहचान
दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे (एनएच-24) से कई ग्रामीण सड़कें मिल रही हैं। इसमें बिलवा, फरीदपुर, भुता के ग्रामीण इलाके शामिल हैं। एनएच-24 से जुड़ने के लिए टर्न लेने पर एक भी साइनबोर्ड नहीं दिख रहा है। जहां लगे हैं, वे या तो पेड़ के पीछे छिप गए हैं या मोड़ से बहुत पहले ही लगा दिए गए हैं। हाईवे के ओवरब्रिज से ही इन सड़कों की पहचान हो पाती है। संवाद
क्षेत्र के सभी हाईवे और सड़कों पर पहले से ही काम शुरू करा दिया गया है। जहां भी साइनबोर्ड, लाइट, कैट आई आदि खराब हो गई हैं, उन्हें बदला जा रहा है। - नवरत्न, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
कोहरे का सीजन शुरू होने से पहले सड़कों के किनारे जरूरत के मुताबिक रिफ्लेक्टर व लाइटें लगाई जाएंगी। जो पहले से लगीं हैं, उनकी स्थिति दिखवाकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - भगत सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
सभी पुलों के रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के पास है। जरूरी सुविधाओं को दिखवाया जाएगा। सेतु निगम की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। - अरुण गुप्ता, डीपीएम, सेतु निगम
शहर में लगे रिफ्लेक्टर और कैट आई को ठीक कराया जाएगा। इसके लिए टीमों को लगाया जाएगा। कोहरे से पहले सड़कों की हालत ठीक कराई जाएंगी। - संजीव कुमार मौर्य