फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   A flight of dreams on the athletics track

Bareilly News: एथलेटिक्स ट्रैक पर भरी सपनों की उड़ान

Wed, 09 Oct 2024 06:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2024 06:13 AM IST
विज्ञापन
A flight of dreams on the athletics track
बरेली। सटीक लक्ष्य और उसकी प्राप्ति कि लिए ईमानदारी से किए गए प्रयास इन्सान को उसकी मंजिल तक पहुंचा देते हैं। शहर के कई खिलाड़ियों ने कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है। वह संसाधनों के अभाव और विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। 68वीं जनपदीय विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उनको अवसर मिला तो मैदान मार लिया। एथलेटिक्स के ट्रैक पर सपनों की उड़ान भरी।
विज्ञापन

---
अनुष्का की झोली में तीन स्वर्ण पदक
दादा मेवाराम का सपना पूरा करने के लिए वर्ष 2018 से प्रयासरत अनुष्का को जनपदीय प्रतियोगिता में अवसर मिला तो उन्होंने अपनी गति से सबको पीछे छोड़ दिया। 100, 200 व 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक झटक लिया। अभी तक वह छह बार जिला स्तरीय, पांच बार मंडल स्तरीय, छह बार राज्य स्तरीय और एक बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी हैं। संजयनगर निवासी अनुष्का की देखभाल उनके दादा-दादी करते हैं। आर्मी से सेवानिवृत्त दादा मेवाराम का सपना है कि अनुष्का खेल जगत में देश का नाम रोशन करे।
विज्ञापन

----
मोहित को बाधाओं से जूझना पसंद
एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज के छात्र मोहित को बाधाओं से जूझना पसंद हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में 400 और 100 मीटर बाधा दौड़ के साथ ही 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया। नगरिया परीक्षित की बजरंग कॉलोनी के रहने वाले मोहित शर्मा ने बताया कि उनके सपनों को साकार करने के लिए पिता मजदूरी करते हैं। उनका सपना मोहित को एथलीट बनाने का है। इससे पहले भी मोहित ने लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के 400 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
सैनिक बनने के लिए दौड़ दिला रही पदक
रोहित भदौरिया वर्ष 2020 से सेना में भर्ती के लिए दौड़ लगा रहे हैं। यह दौड़ उनको कई पदक दिला चुकी है। उन्होंने 800 मीटर, 1500 मीटर, पांच किलोमीटर व पांच किलोमीटर क्राॅस कंट्री में स्वर्ण पदक हासिल किया। उनके साथ तैयारी कर रहे उनके कुछ साथियों का चयन सेना में हो चुका है। रोहित भी अपने सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए उन्होंने कोच अजय कश्यप का सहारा लिया। अब तक उन्होंने 50 से ज्यादा पदक अपने नाम किए हैं।

---
यशिका भी अर्जित कर रहीं यश
बसंत विहार निवासी यशिका के लिए संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनी। उन्होंने 5 हजार मीटर दौड़, वॉक व पांच किलोमीटर क्राॅस कंट्री में स्वर्ण पदक जीतकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। उनके पिता ई-रिक्शा चालक हैं। वह बताती हैं कि उन्हें खेल के क्षेत्र में अपना व अपने परिवार का नाम रोशन करना है। इससे पहले भी यशिका ने एक प्रतियोगिता की तीन हजार मीटर वॉक में स्वर्ण पदक हासिल किया था। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed