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Bareilly News: रेलवे पर लगाया एक लाख रुपये का जुर्माना
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हाथरस। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पूर्वोत्तर रेलवे पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने रेलवे द्वारा अधिवक्ता से लिए गए अतिरिक्त किराये की धनराशि 20 रुपये भी वापस किए जाने के आदेश दिए हैं। रेलवे को अधिवक्ता को मुकदमे का खर्च पांच हजार रुपये भी देना होगा।
आयोग के समक्ष गिजरौली निवासी अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर बरेली को पक्षकार बनाया गया। अधिवक्ता ने परिवाद में कहा था कि वह निजी कार्य से दो मार्च 2024 को हाथरस जंक्शन गए थे। 3 मार्च 2024 की सुबह वापसी के लिए हाथरस रोड स्टेशन के काउंटर से हाथरस सिटी का एक टिकट मांगा। इसके लिए टिकट क्लर्क ने 30 रुपये मांगे।
उन्होंने जब यह कहा कि भारत सरकार की निर्णय के अनुसार अब किराया दस रुपये हो गया है तो क्लर्क का कहना था कि हमें अभी ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। यदि टिकट चाहिए तो 30 रुपये देने होंगे। मजबूरी में अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने 30 रुपये देकर टिकट प्राप्त किया। रेलगाड़ी में बैठने पर चर्चा के दौरान एक यात्री ने बताया कि उन्होंने यह टिकट मात्र दस रुपये में खरीदा है।
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जब अधिवक्ता ने अपना टिकट देखा तो वह हाथरस रोड से मथुरा कैंट तक का था, जबकि आदेश जारी होने के बाद टिकट का मूल्य 10 रुपये लिया जाना था। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार, सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय के समक्ष हुई। संवाद
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आयोग के समक्ष गिजरौली निवासी अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर बरेली को पक्षकार बनाया गया। अधिवक्ता ने परिवाद में कहा था कि वह निजी कार्य से दो मार्च 2024 को हाथरस जंक्शन गए थे। 3 मार्च 2024 की सुबह वापसी के लिए हाथरस रोड स्टेशन के काउंटर से हाथरस सिटी का एक टिकट मांगा। इसके लिए टिकट क्लर्क ने 30 रुपये मांगे।
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उन्होंने जब यह कहा कि भारत सरकार की निर्णय के अनुसार अब किराया दस रुपये हो गया है तो क्लर्क का कहना था कि हमें अभी ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। यदि टिकट चाहिए तो 30 रुपये देने होंगे। मजबूरी में अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने 30 रुपये देकर टिकट प्राप्त किया। रेलगाड़ी में बैठने पर चर्चा के दौरान एक यात्री ने बताया कि उन्होंने यह टिकट मात्र दस रुपये में खरीदा है।
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जब अधिवक्ता ने अपना टिकट देखा तो वह हाथरस रोड से मथुरा कैंट तक का था, जबकि आदेश जारी होने के बाद टिकट का मूल्य 10 रुपये लिया जाना था। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार, सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय के समक्ष हुई। संवाद