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Bareilly News: गन्ना समितियों पर लगेगा मेला, निपटेगी किसानों की समस्या
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बरेली। गन्ने की फसल का सर्वे हो चुका है। गांवों में सट्टा प्रदर्शन का काम भी पूरा हो गया है। अब जल्द ही गन्ना सहकारी समितियों पर पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में किसानों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि बरेली जिले में 16 सहकारी समितियां हैं। इनमें से प्रत्येक पर मेले के आयोजन के लिए तारीखें तय की जा रही हैं। इसमें गांववार काउंटर लगाए जाएंगे और प्रत्येक काउंटर पर गन्ना पर्यवेक्षक व अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। सर्वे की खामियों को दूर करने के लिए गांव-गांव में किसानों के बीच 63 बिंदुओं की चेकलिस्ट का प्रदर्शन किया गया है। किसानों को बेसिक कोटा, कृषि योग्य भूमि, गन्ना क्षेत्रफल, आधार एवं बैंक खाता, मोबाइल नंबर आदि सूचनाओं को पढ़कर सुनाया जा चुका है। चेकलिस्ट के अंत में किसानों के हस्ताक्षर हैं।
किसानों से गन्ने की फसल से संबंधित आंकड़ों का मिलान कराया गया है। इसके बाद भी यदि सट्टा में कोई कमी रह गई है तो उसके लिए अब मेले का आयोजन किया जा रहा है। यहां किसान अपनी फसल का सर्वे कैलेंडर देख सकेंगे। इसमें यदि रकबा या अन्य कोई समस्या प्रतीत होती है तो उसे दुरुस्त करा सकेंगे। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि उन्होंने कर्मियों से कहा है कि 30 सितंबर तक नए गन्ना किसानों को समिति का सदस्य बनाना है। यदि कोई किसान औसत से अधिक उपज दर्ज कराना चाहता है तो वह समिति कार्यालय जाकर 200 रुपये की रसीद कटवा ले। संवाद
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उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि बरेली जिले में 16 सहकारी समितियां हैं। इनमें से प्रत्येक पर मेले के आयोजन के लिए तारीखें तय की जा रही हैं। इसमें गांववार काउंटर लगाए जाएंगे और प्रत्येक काउंटर पर गन्ना पर्यवेक्षक व अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। सर्वे की खामियों को दूर करने के लिए गांव-गांव में किसानों के बीच 63 बिंदुओं की चेकलिस्ट का प्रदर्शन किया गया है। किसानों को बेसिक कोटा, कृषि योग्य भूमि, गन्ना क्षेत्रफल, आधार एवं बैंक खाता, मोबाइल नंबर आदि सूचनाओं को पढ़कर सुनाया जा चुका है। चेकलिस्ट के अंत में किसानों के हस्ताक्षर हैं।
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किसानों से गन्ने की फसल से संबंधित आंकड़ों का मिलान कराया गया है। इसके बाद भी यदि सट्टा में कोई कमी रह गई है तो उसके लिए अब मेले का आयोजन किया जा रहा है। यहां किसान अपनी फसल का सर्वे कैलेंडर देख सकेंगे। इसमें यदि रकबा या अन्य कोई समस्या प्रतीत होती है तो उसे दुरुस्त करा सकेंगे। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि उन्होंने कर्मियों से कहा है कि 30 सितंबर तक नए गन्ना किसानों को समिति का सदस्य बनाना है। यदि कोई किसान औसत से अधिक उपज दर्ज कराना चाहता है तो वह समिति कार्यालय जाकर 200 रुपये की रसीद कटवा ले। संवाद
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