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बरेलीः गुलाबनगर में गिरा जर्जर मकान, पांच मजदूर दबे, दो की मौत
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घटनास्थल का मुआयना करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
एक के बाद दूसरा लिंटर गिरने से मचा हाहाकार
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बरेली। गुलाबनगर के एक जर्जर मकान के दो लिंटर एक के बाद एक करके गिरे तो पांच मजदूर मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मजदूरों को निकलवाया। एक मजदूर की मौके पर तो दूसरे की निजी अस्पताल में मौत हो गई। अभी तक मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
प्रेमनगर स्थित मोहल्ला चाहवाई के गुलाबनगर में पुराने जर्जर मकान में शुक्रवार सुबह पांच मजदूर पुराने लिंटर को तोड़ रहे थे। काम मकान की दूसरी मंजिल पर चल रहा था। इस दौरान अचानक लिंटर गिरा और सारे मजदूर भी उसी के साथ नीचे पहली मंजिल पर गिर पड़े। मकान इतना खस्ताहाल था कि मलबे की झोंक नहीं झेल सका और पहली मंजिल का लिंटर भी गिर पड़ा। इससे तीन मजदूर सगे भाई सुभाषनगर क्षेत्र के गांव करेली निवासी जयपाल, कुंवरसेन व पोशालीलाल और गांव का ही राजेंद्र और पोशाली का साला बदायूं में मूसाझाग के गांव भरइया निवासी रामबाबू मलबे के नीचे दब गए। लिंटर गिरने का शोर और मजदूरों की चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर मजदूरों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और चीखपुकार होने लगी।
कमरों की दीवारों को बिना तोड़े लिंटर नीचे गिरने के कारण मलबा हटाने में काफी परेशानी हुई। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मजदूरों को मलबे के नीचे से निकाला जा सका। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। यहां 22 वर्षीय पोशाकी लाल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोशाकी की मौत के बाद उसके व अन्य मजदूरों के परिजन ने जमकर हंगामा किया। अन्य घायलों को गांधी उद्यान रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने यहां से 26 वर्षीय रामबाबू को भोजीपुरा स्थित एक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उसकी भी देर शाम यहां मौत हो गई।
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प्रेमनगर स्थित मोहल्ला चाहवाई के गुलाबनगर में पुराने जर्जर मकान में शुक्रवार सुबह पांच मजदूर पुराने लिंटर को तोड़ रहे थे। काम मकान की दूसरी मंजिल पर चल रहा था। इस दौरान अचानक लिंटर गिरा और सारे मजदूर भी उसी के साथ नीचे पहली मंजिल पर गिर पड़े। मकान इतना खस्ताहाल था कि मलबे की झोंक नहीं झेल सका और पहली मंजिल का लिंटर भी गिर पड़ा। इससे तीन मजदूर सगे भाई सुभाषनगर क्षेत्र के गांव करेली निवासी जयपाल, कुंवरसेन व पोशालीलाल और गांव का ही राजेंद्र और पोशाली का साला बदायूं में मूसाझाग के गांव भरइया निवासी रामबाबू मलबे के नीचे दब गए। लिंटर गिरने का शोर और मजदूरों की चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर मजदूरों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और चीखपुकार होने लगी।
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कमरों की दीवारों को बिना तोड़े लिंटर नीचे गिरने के कारण मलबा हटाने में काफी परेशानी हुई। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मजदूरों को मलबे के नीचे से निकाला जा सका। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। यहां 22 वर्षीय पोशाकी लाल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोशाकी की मौत के बाद उसके व अन्य मजदूरों के परिजन ने जमकर हंगामा किया। अन्य घायलों को गांधी उद्यान रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने यहां से 26 वर्षीय रामबाबू को भोजीपुरा स्थित एक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उसकी भी देर शाम यहां मौत हो गई।
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