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परिवहन निगम से अनुबंध कराने के नाम पर धोखा
Bareilly
Updated Mon, 14 Jul 2014 05:34 AM IST
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बरेली। थाना इज्जतनगर के रोड नंबर-4 सिद्धार्थ नगर निवासी पेट्रोल पंप के मालिक ओमप्रकाश ने कोर्ट के आदेश पर बदायूं के एक व्यक्ति के खिलाफ परिवहन विभाग से अनुबंध कराने के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए मुक दमा लिखाया है। ओमप्रकाश ने आरोपियों पर उन्हेें गाजियाबाद में बंधक बनाने और परिवार वालों से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग करने का आरोप भी लगाया है।
ओमप्रकाश का कहना है कि उसका बदायूं में देव फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप है। 27 दिसंबर 2013 को बदायूं के योगेंद्र पाल सिंह उर्फ वाईपी सिंह नाम के व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई। वाईपी ने वादा किया कि वह उसके पंप का परिवहन विभाग से अनुबंध करा देगा। इसके बाद सभी रोडवेज की बसें यहां से तेल खरीदेंगी। उसने उसके चार फोटो और कई कागज भी ले लिए। तीन जनवरी 2014 को वह उसे कांग्रेस नेता पीएल पुनिया से मिलवाने के बहाने दिल्ली ले जाने लगा। रास्ते में एक अन्य व्यक्ति को उसने कार में बैठा लिया। योगेंद्र ने बताया कि यह व्यक्ति उसका कैमरामैन है। वह मीडिया से जुड़ा है। गाजियाबाद पहुंचने पर उसने उसे बेहोश करके बंधक बना लिया और उसके परिवार के लोगों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने लगे। वह किसी तरह से उनके चंगुल से छूटकर निकल आया। पुलिस ने काफी प्रयास करने के बाद भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की। इसलिए कोर्ट की मदद से उसने आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे। दोषी होने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ओमप्रकाश का कहना है कि उसका बदायूं में देव फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप है। 27 दिसंबर 2013 को बदायूं के योगेंद्र पाल सिंह उर्फ वाईपी सिंह नाम के व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई। वाईपी ने वादा किया कि वह उसके पंप का परिवहन विभाग से अनुबंध करा देगा। इसके बाद सभी रोडवेज की बसें यहां से तेल खरीदेंगी। उसने उसके चार फोटो और कई कागज भी ले लिए। तीन जनवरी 2014 को वह उसे कांग्रेस नेता पीएल पुनिया से मिलवाने के बहाने दिल्ली ले जाने लगा। रास्ते में एक अन्य व्यक्ति को उसने कार में बैठा लिया। योगेंद्र ने बताया कि यह व्यक्ति उसका कैमरामैन है। वह मीडिया से जुड़ा है। गाजियाबाद पहुंचने पर उसने उसे बेहोश करके बंधक बना लिया और उसके परिवार के लोगों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने लगे। वह किसी तरह से उनके चंगुल से छूटकर निकल आया। पुलिस ने काफी प्रयास करने के बाद भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की। इसलिए कोर्ट की मदद से उसने आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे। दोषी होने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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