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दरगाह आला हजरत पर जश्न का आगाज
Bareilly
Updated Tue, 14 Jan 2014 05:51 AM IST
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बरेली। दरगाह आला हजरत पर ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर सोमवार को दो रोजा जश्न का आगाज हुआ। सज्जादानशीन मौलाना सुबहान रजा खां सुब्हानी मियां ने इस मौके पर सभी को ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि रसूले पाक जब दुनिया में तशरीफ लाए तो समाज में शराब और जिनाखोरी (अय्याशी) समेत तमाम बुराइयां आम थीं, लेकिन उन्होंने सभी बुराइयों के खिलाफ आवाज बुलंद की। सज्जादानशीन ने सभी को नसीहत दी कि नबी के बताए रास्ते पर चलकर जिंदगी गुजारें और भाईचारे से रहें।
सुब्हानी मियां ने कहा कि रसूल-ए-करीम जिस दौर में दुनिया में आए तब बेटियों को जिंदा दफन कर दिया जाता था। सती प्रथा का चलन था। पति की मौत के बाद पत्नी को भी दुनिया से अलविदा कहने को मजबूर किया जाता था। नबी ने शराब और जिनाखोरी को हराम करार दिया। खुद एक बेवा खातून से शादी करके सती प्रथा का अंत भी किया। इंसान ही नहीं, नबी ने पशु-पक्षियों के साथ भी अच्छा सुलूक करने का हुक्म दिया। आपस में मतभेदों से ऊपर उठकर इत्तेहाद से रहने का पैगाम देते हुए पूरी दुनिया में अमन और भाईचारे का पैगाम पहुंचाया।
सुब्हानी मियां ने कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी में अंजुमनें अमन का पैगाम देते हुए अपने कदीमी रास्तों से ही आएं। मस्जिदों में जोहर की नमाज एक बजे तक अदा कर ली जाए ताकि जुलूस वक्त से शुरू हो सके। गैर शरई नातें जिनमें धुन हो, उससे बचें। जुलूस में दुरूद और कलमा-ए-तौहीद पढ़ते हुए चलें।
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जश्न के आगाज से पहले फज्र की नमाज के बाद दरगाह और रजा मस्जिद में कुरआन ख्वानी हुई। इस मौके पर अल्हाज हसन रजा खां नूरी मियां, सैय्यद आसिफ मियां, मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती कफील अहमद, नासिर कुरैशी, अजमल नूरी, परवेज खां नूरी, ताहिर अल्वी, शान रजा, मंजूर खां, मुजाहिद खां, शारिक नूरी,औरंगजेब नूरी, शाहिद नूरी, मोहसिन रजा आदि मौजूद रहे।
सुब्हानी मियां की कयादत में आज निकलेगा जुलूस
बरेली। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि मंगलवार को दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन सुब्हानी मियां की कयादत में जौहर की नमाज के बाद दोपहर करीब तीन बजे जुलूस-ए-मोहम्मदी कोहाड़ापीर से शुरू होगा। फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 10 बजे सज्जादानशीन हजरत सुबहान रजा खां सुब्हानी मियां के निवास पर जश्न-ए-आमद-ए-रसूल होगा। जुलूस कदीमी रास्तों से होते हुए दरगाह पर पहुंचकर खत्म होगा।
पांच हजार लोग हुए मुरीद
बरेली। मंगलवार की रात को कर्मपुर चौधरी गांव में हुए जश्न आमद-ए-रसूलमें शिरकत करने पहुंचे सुब्हानी मियां के पांच हजार लोग मुरीद हुए। अंजुमन फैजाने रजा के तत्वाधान हुए कार्यक्रम में सुब्हानी मियां ने मुल्क में अमन और कौम की तरक्की को दुआ भी की।
यह है जुलूस का मार्ग
कोहाड़ापीर से चलकर जुलूस-ए-मोहम्मदी नैनीताल रोड, कुतुबखाना, सब्जी मंडी, जिला अस्पताल, कुमार टाकीज, नावल्टी चौराहा, दरगाह पहलवान साहब, सिंघल लाइब्रेरी, जीआईसी, इस्लामिया कॉलेज, खलील स्कूल, जिला पंचायत, एडी बेसिक, बिहारीपुर ढाल, मोहल्ला खत्रियान होते हुए दरगाह आला हजरत पर चादरपोशी और गुलपोशी के बाद दुआ के लिए समाप्त होगा। जुलूस के दौरान लोग रास्ते में नमाज अदा करते चलेंगे।
सैलानी चौराहे पर पानी भरा, लोग भड़के
बरेली। पुराने शहर की नाले-नालियां चौक होने पर सैलानी चौराहे पर पानी भर गया। इससे खफा लोगों सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। लोगों ने नगर निगम पर जुलूस-ए-मोहम्मदी के मौके पर भी ठीक से सफाई न कराने का आरोप लगाया।
पुराने शहर में सीवर का पानी सैलानी चौरोह पर भरने से नाराज शाकिर नूरी, हनीफ अहमद, ताहिर हुसैन, बब्बू आदि ने विरोध करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि निगम के सफाई न कराने से जुलूस-ए- मोहम्मदी के मौके पर भी सड़क पर पानी बह रहा है। इधर से गुजरने वालों के कपड़े नापाक हो जाएंगे। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर बारादरी एमएम खान ने नगर निगम के अफसरों से बात करके सफाई कर्मचारियों की टीम बुलाई, तब आंदोलनकारी शांत हुए।
आज कोहाड़ापीर और कुतुबखाना न जाएं
जुलूस के लिए पुलिस ने लागू किया ट्रैफिक डायवर्जन प्लान
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। मंगलवार को अगर कोई जरूरी काम न हो तो शहर में मत निकलिए। कोहाड़ापीर या कुतुबखाना की ओर तो बिलकुल न जाएं क्योंकि इधर निकले तो जाम में फंस जाएंगे। चौराहे और प्रमुख रास्तों पर नाकाबंदी मिलेगी और पुलिस वाले इधर-उधर मोड़कर गलियों में उलझा देंगे।
कोहाड़ापीर से जुलूस-ए-मोहम्मदी मंगलवार को निकलेगा। इसमें करीब 269 अंजुमन शामिल रहेंगी जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कोहाड़ापीर पहुंचेंगी। जुलूस का समय दोपहर दो बजे तय है। इससे पहले ही कोहाड़ापीर और कुतुबखाना की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। क्योंकि जुलूस के कारण उधर से वाहन निकलना तो दूर पैदल चलना तक मुश्किल होगा। अंजुमन निकलने पर शहर के तमाम चौराहे और प्रमुख रास्ते भीड़ से भरे रहेंगे।
यह है ट्रैफिक प्लान
लखनऊ और दिल्ली से आने वाले भारी वाहन पीलीभीत बाईपास रोड, सौ फुटा रोड, आईवीआरआई और मिनी बाईपास होकर जाएंगे। बदायूं जाने के लिए चौकी चौराहे से लाल फाटक होकर गुजरेंगे। दोपहर बाद शहर में यातायात व्यवस्था बदल जाएगी। प्रेमनगर, धर्मकांटा और गुलाबराय कॉलेज से कोई वाहन कोहाड़ापीर की ओर नहीं जाएगा। बड़ा बाजार और बांस मंडी से वाहन कुतुबखाना की तरफ नहीं जाएंगे। सुर्खा चौराहे से बानखाना की तरफ भी नो एंट्री रहेगी। अयूब खां चौराहे से कोतवाली और चौपुला चौराहे से कुतुबखाना की ओर वाहन नहीं जाएंगे। मलूकपुर चौराहे से बिहारीपुर की ओर नो एंट्री रहेगी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हर प्वाइंट पर सिपाहियों की ड्यूटी रहेगी। ट्रैफिक डायवर्जन जुलूस के दौरान किया जाएगा।
चौकस रहेंगे सुरक्षा इंतजाम
मंगलवार को समूचे शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जुलूस के रास्तों पर विशेष निगहबानी रहेगी। बानखाना, कोहाड़ापीर, कुतुबखाना, चौपुला, शहामतगंज, शाहदाना में सीसी टीवी लगाए गए हैं। जुलूस की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। जुलूस के साथ पुलिस, प्रशासन के अधिकारी, सीओ, इंस्पेक्टर, थानेदार, दरोगा, पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान रहेंगे। घरों की छतों पर लगाए गए जवानों में महिला सिपाही भी रहेंगी। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस के सादा कपड़ों में तैनात किए जाएंगे।
पुलिस छावनी बना कर्मपुर चौधरी
वर्ष 2013 में जुलूस निकलने के दौरान इज्जतनगर इलाके के कर्मपुर चौधरी गांव में बवाल हुआ था। इस बार वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एसपी सिटी ने बताया कि कर्मपुर चौधरी में थाना पुलिस के अलावा तीन दरोगा, हेड कांस्टेबल, 22 सिपाही और डेढ़ सेक्शन पीएसी लगाई गई है।
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सुब्हानी मियां ने कहा कि रसूल-ए-करीम जिस दौर में दुनिया में आए तब बेटियों को जिंदा दफन कर दिया जाता था। सती प्रथा का चलन था। पति की मौत के बाद पत्नी को भी दुनिया से अलविदा कहने को मजबूर किया जाता था। नबी ने शराब और जिनाखोरी को हराम करार दिया। खुद एक बेवा खातून से शादी करके सती प्रथा का अंत भी किया। इंसान ही नहीं, नबी ने पशु-पक्षियों के साथ भी अच्छा सुलूक करने का हुक्म दिया। आपस में मतभेदों से ऊपर उठकर इत्तेहाद से रहने का पैगाम देते हुए पूरी दुनिया में अमन और भाईचारे का पैगाम पहुंचाया।
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सुब्हानी मियां ने कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी में अंजुमनें अमन का पैगाम देते हुए अपने कदीमी रास्तों से ही आएं। मस्जिदों में जोहर की नमाज एक बजे तक अदा कर ली जाए ताकि जुलूस वक्त से शुरू हो सके। गैर शरई नातें जिनमें धुन हो, उससे बचें। जुलूस में दुरूद और कलमा-ए-तौहीद पढ़ते हुए चलें।
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जश्न के आगाज से पहले फज्र की नमाज के बाद दरगाह और रजा मस्जिद में कुरआन ख्वानी हुई। इस मौके पर अल्हाज हसन रजा खां नूरी मियां, सैय्यद आसिफ मियां, मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती कफील अहमद, नासिर कुरैशी, अजमल नूरी, परवेज खां नूरी, ताहिर अल्वी, शान रजा, मंजूर खां, मुजाहिद खां, शारिक नूरी,औरंगजेब नूरी, शाहिद नूरी, मोहसिन रजा आदि मौजूद रहे।
सुब्हानी मियां की कयादत में आज निकलेगा जुलूस
बरेली। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि मंगलवार को दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन सुब्हानी मियां की कयादत में जौहर की नमाज के बाद दोपहर करीब तीन बजे जुलूस-ए-मोहम्मदी कोहाड़ापीर से शुरू होगा। फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 10 बजे सज्जादानशीन हजरत सुबहान रजा खां सुब्हानी मियां के निवास पर जश्न-ए-आमद-ए-रसूल होगा। जुलूस कदीमी रास्तों से होते हुए दरगाह पर पहुंचकर खत्म होगा।
पांच हजार लोग हुए मुरीद
बरेली। मंगलवार की रात को कर्मपुर चौधरी गांव में हुए जश्न आमद-ए-रसूलमें शिरकत करने पहुंचे सुब्हानी मियां के पांच हजार लोग मुरीद हुए। अंजुमन फैजाने रजा के तत्वाधान हुए कार्यक्रम में सुब्हानी मियां ने मुल्क में अमन और कौम की तरक्की को दुआ भी की।
यह है जुलूस का मार्ग
कोहाड़ापीर से चलकर जुलूस-ए-मोहम्मदी नैनीताल रोड, कुतुबखाना, सब्जी मंडी, जिला अस्पताल, कुमार टाकीज, नावल्टी चौराहा, दरगाह पहलवान साहब, सिंघल लाइब्रेरी, जीआईसी, इस्लामिया कॉलेज, खलील स्कूल, जिला पंचायत, एडी बेसिक, बिहारीपुर ढाल, मोहल्ला खत्रियान होते हुए दरगाह आला हजरत पर चादरपोशी और गुलपोशी के बाद दुआ के लिए समाप्त होगा। जुलूस के दौरान लोग रास्ते में नमाज अदा करते चलेंगे।
सैलानी चौराहे पर पानी भरा, लोग भड़के
बरेली। पुराने शहर की नाले-नालियां चौक होने पर सैलानी चौराहे पर पानी भर गया। इससे खफा लोगों सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। लोगों ने नगर निगम पर जुलूस-ए-मोहम्मदी के मौके पर भी ठीक से सफाई न कराने का आरोप लगाया।
पुराने शहर में सीवर का पानी सैलानी चौरोह पर भरने से नाराज शाकिर नूरी, हनीफ अहमद, ताहिर हुसैन, बब्बू आदि ने विरोध करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि निगम के सफाई न कराने से जुलूस-ए- मोहम्मदी के मौके पर भी सड़क पर पानी बह रहा है। इधर से गुजरने वालों के कपड़े नापाक हो जाएंगे। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर बारादरी एमएम खान ने नगर निगम के अफसरों से बात करके सफाई कर्मचारियों की टीम बुलाई, तब आंदोलनकारी शांत हुए।
आज कोहाड़ापीर और कुतुबखाना न जाएं
जुलूस के लिए पुलिस ने लागू किया ट्रैफिक डायवर्जन प्लान
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। मंगलवार को अगर कोई जरूरी काम न हो तो शहर में मत निकलिए। कोहाड़ापीर या कुतुबखाना की ओर तो बिलकुल न जाएं क्योंकि इधर निकले तो जाम में फंस जाएंगे। चौराहे और प्रमुख रास्तों पर नाकाबंदी मिलेगी और पुलिस वाले इधर-उधर मोड़कर गलियों में उलझा देंगे।
कोहाड़ापीर से जुलूस-ए-मोहम्मदी मंगलवार को निकलेगा। इसमें करीब 269 अंजुमन शामिल रहेंगी जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कोहाड़ापीर पहुंचेंगी। जुलूस का समय दोपहर दो बजे तय है। इससे पहले ही कोहाड़ापीर और कुतुबखाना की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। क्योंकि जुलूस के कारण उधर से वाहन निकलना तो दूर पैदल चलना तक मुश्किल होगा। अंजुमन निकलने पर शहर के तमाम चौराहे और प्रमुख रास्ते भीड़ से भरे रहेंगे।
यह है ट्रैफिक प्लान
लखनऊ और दिल्ली से आने वाले भारी वाहन पीलीभीत बाईपास रोड, सौ फुटा रोड, आईवीआरआई और मिनी बाईपास होकर जाएंगे। बदायूं जाने के लिए चौकी चौराहे से लाल फाटक होकर गुजरेंगे। दोपहर बाद शहर में यातायात व्यवस्था बदल जाएगी। प्रेमनगर, धर्मकांटा और गुलाबराय कॉलेज से कोई वाहन कोहाड़ापीर की ओर नहीं जाएगा। बड़ा बाजार और बांस मंडी से वाहन कुतुबखाना की तरफ नहीं जाएंगे। सुर्खा चौराहे से बानखाना की तरफ भी नो एंट्री रहेगी। अयूब खां चौराहे से कोतवाली और चौपुला चौराहे से कुतुबखाना की ओर वाहन नहीं जाएंगे। मलूकपुर चौराहे से बिहारीपुर की ओर नो एंट्री रहेगी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हर प्वाइंट पर सिपाहियों की ड्यूटी रहेगी। ट्रैफिक डायवर्जन जुलूस के दौरान किया जाएगा।
चौकस रहेंगे सुरक्षा इंतजाम
मंगलवार को समूचे शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जुलूस के रास्तों पर विशेष निगहबानी रहेगी। बानखाना, कोहाड़ापीर, कुतुबखाना, चौपुला, शहामतगंज, शाहदाना में सीसी टीवी लगाए गए हैं। जुलूस की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। जुलूस के साथ पुलिस, प्रशासन के अधिकारी, सीओ, इंस्पेक्टर, थानेदार, दरोगा, पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान रहेंगे। घरों की छतों पर लगाए गए जवानों में महिला सिपाही भी रहेंगी। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस के सादा कपड़ों में तैनात किए जाएंगे।
पुलिस छावनी बना कर्मपुर चौधरी
वर्ष 2013 में जुलूस निकलने के दौरान इज्जतनगर इलाके के कर्मपुर चौधरी गांव में बवाल हुआ था। इस बार वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एसपी सिटी ने बताया कि कर्मपुर चौधरी में थाना पुलिस के अलावा तीन दरोगा, हेड कांस्टेबल, 22 सिपाही और डेढ़ सेक्शन पीएसी लगाई गई है।